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कब्जा मुक्त कराई जाएगी रेलवे की जमीन, चिन्हीकरण जल्द
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:01 PM IST
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शाहजहांपुर।
उत्तर रेलवे को आखिर शहर में अपनी बेशकीमती जमीनों की याद आ ही गई। रेलवे ने जमीनों को कब्जा मुक्त कराने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। अब देखना है कि जमीन को कब तक कब्जा मुक्त करा लिया जाता है। हालांकि, इसके लिए लंबी प्रक्रिया की बात भी कही जा रही है। इसमें सर्वे, चिन्हीकरण, कब्जेदारों को नोटिस आदि शामिल हैं।
शहर के इंदिरा नगर, चमकनी, केरूगंज, बिसरात, भोलागंज, बहादुरगंज, मामूड़ी, लोधीपुर, भारद्वाज कॉलोनी, हयातपुरा, खन्नौत फाटक, रोशनगंज, गर्रा पुल, किला, मघई टोला, किला आदि इलाकों में वर्षों पहले मालगाड़ियों का संचालन होता था। ट्रेनों का संचालन बंद होने के बाद रेलवे अपनी इन लाइनों और बेशकीमती जमीन को भूल गया। ऐसे में यहां जमीनों पर कब्जे हो गए। तमाम स्थानों पर कॉलोनियां, बस्तियां, मैरिज लॉन, मॉल तक का निर्माण हो चुका है। करोड़ों रुपये का रेलवे का लोहा सड़कों और बस्तियों के नीचे दफन हो गया है। उत्तर रेलवे की जमीन पर कब्जे संबंधी समाचार को अमर उजाला ने शनिवार के अंक में रेलवे की जमीन पर कब्जे, अधिकारी बेफिक्र’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया। मुख्य निर्माण निरीक्षक विद्याराम जाटव ने कई इलाकों में जमीन पर कब्जों का जायजा लिया है। उन्होंने कहा कि कब्जों का अब चिन्हीकरण कराने के बाद कब्जा करने वालों को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद स्थानीय प्रशासन की मदद से जमीनों को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। हालांकि, सर्वेश का काम पहले से चल रहा है।
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उत्तर रेलवे को आखिर शहर में अपनी बेशकीमती जमीनों की याद आ ही गई। रेलवे ने जमीनों को कब्जा मुक्त कराने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। अब देखना है कि जमीन को कब तक कब्जा मुक्त करा लिया जाता है। हालांकि, इसके लिए लंबी प्रक्रिया की बात भी कही जा रही है। इसमें सर्वे, चिन्हीकरण, कब्जेदारों को नोटिस आदि शामिल हैं।
शहर के इंदिरा नगर, चमकनी, केरूगंज, बिसरात, भोलागंज, बहादुरगंज, मामूड़ी, लोधीपुर, भारद्वाज कॉलोनी, हयातपुरा, खन्नौत फाटक, रोशनगंज, गर्रा पुल, किला, मघई टोला, किला आदि इलाकों में वर्षों पहले मालगाड़ियों का संचालन होता था। ट्रेनों का संचालन बंद होने के बाद रेलवे अपनी इन लाइनों और बेशकीमती जमीन को भूल गया। ऐसे में यहां जमीनों पर कब्जे हो गए। तमाम स्थानों पर कॉलोनियां, बस्तियां, मैरिज लॉन, मॉल तक का निर्माण हो चुका है। करोड़ों रुपये का रेलवे का लोहा सड़कों और बस्तियों के नीचे दफन हो गया है। उत्तर रेलवे की जमीन पर कब्जे संबंधी समाचार को अमर उजाला ने शनिवार के अंक में रेलवे की जमीन पर कब्जे, अधिकारी बेफिक्र’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया। मुख्य निर्माण निरीक्षक विद्याराम जाटव ने कई इलाकों में जमीन पर कब्जों का जायजा लिया है। उन्होंने कहा कि कब्जों का अब चिन्हीकरण कराने के बाद कब्जा करने वालों को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद स्थानीय प्रशासन की मदद से जमीनों को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। हालांकि, सर्वेश का काम पहले से चल रहा है।
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