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आमरण अनशन पर बैठे किसानों को जबरिया अस्पताल ले गई पुलिस
Updated Mon, 30 Oct 2017 06:38 PM IST
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पुवायां (शाहजहांपुर)। एसडीएम कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठे किसानों को चौथे दिन पुलिस और प्रशासन ने जबरन उठा दिया और एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया। भारतीय किसान मजदूर यूनियन के जिला प्रभारी मैकूलाल यादव ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए 31 अक्तूबर को चक्का जाम करने और जेल भरो आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है।
पूर्व में दिए गए ज्ञापन पर कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए भाकिमयू कार्यकर्ता 11 अक्तूबर से एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे गए थे। इस दौरान एक बार तहसीलदार, सीओ से किसानों की वार्ता भी हुई, लेकिन किसान केवल आश्वासन पाकर धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस, प्रशासन ने भी चुप्पी साध ली। 27 अक्तूबर से धरना प्रदर्शन को आमरण अनशन में तब्दील कर दिया गया था।
मुनब्बर खां, अनिल मिश्रा, मोहम्मद आरिफ आमरण अनशन पर बैठे थे। रविवार को डॉक्टरों ने तीनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था और स्वास्थ्य में गिरावट की बात कही थी। सोमवार सुबह से ही धरनास्थल पर पुलिस की हलचल बढ़ने लगी। 108 सेवा की एंबुलेंस सहित तमाम पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। इसके बाद दोपहर में सीओ एमएस रावत और तहसीलदार (न्यायिक) केएम दीक्षित मौके पर पहंचे। इसके बाद आमरण अनशन पर बैठे किसानों को बलपूर्वक उठाकर एंबुलेंस में बैठाकर जिला अस्पताल भेज दिया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद किसानों ने पुलिस, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान यूनियन के तहसील अध्यक्ष भारत सिंह यादव की सीओ से नोकझोंक भी हुई।
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डॉक्टरों ने अनशन पर बैठे तीनों किसानों के खराब स्वास्थ्य की बात कहते हुए रेफर किया गया था। इस कारण तहसीलदार केएम दीक्षित ने किसानों को हटवाकर जिला अस्पताल भेजवाया है। पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद थी।
मंगल सिंह रावत, सीओ, पुवायां
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पूर्व में दिए गए ज्ञापन पर कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए भाकिमयू कार्यकर्ता 11 अक्तूबर से एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे गए थे। इस दौरान एक बार तहसीलदार, सीओ से किसानों की वार्ता भी हुई, लेकिन किसान केवल आश्वासन पाकर धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस, प्रशासन ने भी चुप्पी साध ली। 27 अक्तूबर से धरना प्रदर्शन को आमरण अनशन में तब्दील कर दिया गया था।
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मुनब्बर खां, अनिल मिश्रा, मोहम्मद आरिफ आमरण अनशन पर बैठे थे। रविवार को डॉक्टरों ने तीनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था और स्वास्थ्य में गिरावट की बात कही थी। सोमवार सुबह से ही धरनास्थल पर पुलिस की हलचल बढ़ने लगी। 108 सेवा की एंबुलेंस सहित तमाम पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। इसके बाद दोपहर में सीओ एमएस रावत और तहसीलदार (न्यायिक) केएम दीक्षित मौके पर पहंचे। इसके बाद आमरण अनशन पर बैठे किसानों को बलपूर्वक उठाकर एंबुलेंस में बैठाकर जिला अस्पताल भेज दिया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद किसानों ने पुलिस, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान यूनियन के तहसील अध्यक्ष भारत सिंह यादव की सीओ से नोकझोंक भी हुई।
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डॉक्टरों ने अनशन पर बैठे तीनों किसानों के खराब स्वास्थ्य की बात कहते हुए रेफर किया गया था। इस कारण तहसीलदार केएम दीक्षित ने किसानों को हटवाकर जिला अस्पताल भेजवाया है। पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद थी।
मंगल सिंह रावत, सीओ, पुवायां