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भाजपाईयों ने उपकेंद्र पर कर्मियों को बंधक बना किया धरना प्रदर्शन
Updated Sun, 18 Jun 2017 06:39 PM IST
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जलालाबाद (शाहजहांपुर)। बिजली कटौती से आजिज आए भाजपा कार्यकर्ताओं का रविवार को गुस्सा फूट पड़ा। महकमे की मनमानी के खिलाफ भाजपा, विहिप और हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने बिजली उपकेंद्र पर कर्मचारियों को कमरे में बंधक बना कर प्रदर्शन कर धरना दिया। करीब तीन घंटे तक चले इस हंगामे की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम ने एसडीओ को कड़ी हिदायत देते हुए कार्यशैैली में तत्काल सुधार लाने और शेड्यूल के मुताबिक सप्लाई मुहैया कराने के निर्देश दिए। इसके बाद आंदोलनकारियों का गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान कोतवाल समेत बड़ी तादाद में पुलिस बल मौजूद रहा।
नगर की मौजूदा सप्ताह की बिजली सप्लाई पर नजर डाले तो चौबीस घंटे मे पांच से छह घंटे ही बिजली सप्लाई दी जा रही है। कभी-कभी स्थिति इससे भी बदतर हो जाती। शनिवार को दिन में तीन चार घंटे ही सप्लाई मिली और रात में बिजली गुल रही। सप्लाई न आने से शनिवार देर रात भी तमाम लोगों ने बिजली उपकेंद्र पर हंगामा किया रविवार सुबह करीब सात बजे आई बिजली कुछ देर बाद पुन: चली गई और दस बजे तक शुरू नहीं हुई तो भाजपा नेता मनोज कश्यप, संगठन के नगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार मंगलम, महामंत्री गौरव राघव, हिंदू युवा वाहिनी के नगर अध्यक्ष मोहित श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बिजली उपकेंद्र पर पहुंच गए। भीड़ देख कई कर्मी वहां से भाग निकले। मौजूद मिले पांच कर्मियों को बंधक बनाकर पहले उन्हें धूप में बैठाया, फिर दफ्तर के कमरे में बंद कर दिया। कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए। उपकेंद्र पर भारी भीड़ की सूचना पाकर कोतवाल केके चौधरी फोर्स के साथ वहां पहुंच गए। कुछ इसके बाद एसडीओ कुमार विकल व एसडीएम सत्यप्रिय सिंह भी आ गए। भाजपा नेताओं ने एसडीएम को बताया कि पांच से छह घंटे मिलने वाली सप्लाई में भी बार बार शट डाउन लिया जाता है रात में सप्लाई नहीं दी जाती जबकि कोल्ड स्टोरेज वाली लाइन में बराबर सप्लाई चालू रहती है। यही नहीं फाल्ट संभालने के लिए कर्मचारी रुपया लेते है। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई और एसडीओ को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। तव जाकर मामला शांत हुआ।
एसडीएम ने तलब किया सप्लाई का रोस्टर रजिस्टर
भाजपाइयों ने कहा कि बिजली सप्लाई रोस्टर रजिस्टर में बीस घंटे बिजली दिया जाना अंकित किया जाता है। जबकि हकीकत में इतने घंटे सप्लाई नहीं मिल रही। इस पर एसडीएम ने एसडीओ कुमार विकल से ग्रामीण व नगर में दी जाने वाली बिजली सप्लाई का रोस्टर रजिस्टर लेकर आने व उसे रोजाना चेक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर व ग्रामीण दोनों इलाकों को दी जाने वाली सप्लाई की मानीटरिंग वह स्वयं करेंगे।
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आंदोलन के बाद भी मनमानी पर नहीं लगा अंकुश
रविवार को धरना प्रदर्शन व एसडीएम की सख्त हिदायत के बाद भी बिजलीकर्मी अपनी मनमानी पर कायम रहे। दोपहर करीब एक बजे आंदोलन खत्म होने के बाद सप्लाई शुरू कर दी गई लेकिन 15 मिनट बाद फिर चली गई। इसके बाद पौने दो बजे बिजली आई और दो बजे चली गई बाद में पुन: सवा दो बजे सप्लाई शुरू हुई इस बारे में जानकारी करने पर बताया गया कि ऐसा कंट्रोल से हो रहा है।
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नगर की मौजूदा सप्ताह की बिजली सप्लाई पर नजर डाले तो चौबीस घंटे मे पांच से छह घंटे ही बिजली सप्लाई दी जा रही है। कभी-कभी स्थिति इससे भी बदतर हो जाती। शनिवार को दिन में तीन चार घंटे ही सप्लाई मिली और रात में बिजली गुल रही। सप्लाई न आने से शनिवार देर रात भी तमाम लोगों ने बिजली उपकेंद्र पर हंगामा किया रविवार सुबह करीब सात बजे आई बिजली कुछ देर बाद पुन: चली गई और दस बजे तक शुरू नहीं हुई तो भाजपा नेता मनोज कश्यप, संगठन के नगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार मंगलम, महामंत्री गौरव राघव, हिंदू युवा वाहिनी के नगर अध्यक्ष मोहित श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बिजली उपकेंद्र पर पहुंच गए। भीड़ देख कई कर्मी वहां से भाग निकले। मौजूद मिले पांच कर्मियों को बंधक बनाकर पहले उन्हें धूप में बैठाया, फिर दफ्तर के कमरे में बंद कर दिया। कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए। उपकेंद्र पर भारी भीड़ की सूचना पाकर कोतवाल केके चौधरी फोर्स के साथ वहां पहुंच गए। कुछ इसके बाद एसडीओ कुमार विकल व एसडीएम सत्यप्रिय सिंह भी आ गए। भाजपा नेताओं ने एसडीएम को बताया कि पांच से छह घंटे मिलने वाली सप्लाई में भी बार बार शट डाउन लिया जाता है रात में सप्लाई नहीं दी जाती जबकि कोल्ड स्टोरेज वाली लाइन में बराबर सप्लाई चालू रहती है। यही नहीं फाल्ट संभालने के लिए कर्मचारी रुपया लेते है। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई और एसडीओ को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। तव जाकर मामला शांत हुआ।
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एसडीएम ने तलब किया सप्लाई का रोस्टर रजिस्टर
भाजपाइयों ने कहा कि बिजली सप्लाई रोस्टर रजिस्टर में बीस घंटे बिजली दिया जाना अंकित किया जाता है। जबकि हकीकत में इतने घंटे सप्लाई नहीं मिल रही। इस पर एसडीएम ने एसडीओ कुमार विकल से ग्रामीण व नगर में दी जाने वाली बिजली सप्लाई का रोस्टर रजिस्टर लेकर आने व उसे रोजाना चेक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर व ग्रामीण दोनों इलाकों को दी जाने वाली सप्लाई की मानीटरिंग वह स्वयं करेंगे।
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आंदोलन के बाद भी मनमानी पर नहीं लगा अंकुश
रविवार को धरना प्रदर्शन व एसडीएम की सख्त हिदायत के बाद भी बिजलीकर्मी अपनी मनमानी पर कायम रहे। दोपहर करीब एक बजे आंदोलन खत्म होने के बाद सप्लाई शुरू कर दी गई लेकिन 15 मिनट बाद फिर चली गई। इसके बाद पौने दो बजे बिजली आई और दो बजे चली गई बाद में पुन: सवा दो बजे सप्लाई शुरू हुई इस बारे में जानकारी करने पर बताया गया कि ऐसा कंट्रोल से हो रहा है।