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लड़ती की प्रधान के घर पकता मिला चीतल का मांस
Updated Wed, 12 Sep 2018 11:36 PM IST
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प्रधान के घर पकता मिला चीतल का मांस
0 रेंजर ने किया प्रधान पति पर एक लाख रुपये का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। बुधवार को सूचना पर रेंजर रणवीर मिश्रा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने गांव लड़ती की प्रधान के घर छापा मारकर चीतल का मांस बरामद किया है। प्रधान पति पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
रेंजर रणवीर मिश्रा ने बताया कि बुधवार को मुखबिर ने सूचना दी कि गांव लड़ती में कुछ लोगों ने चीतल का शिकार किया है और मांस पकाया जा रहा है। सूचना पर रेंजर ने प्रवर्तन दल प्रभारी सुरेंद्र पाल गौतम, अशोक चतुर्वेदी, कामता प्रसाद वर्मा, श्रीकृष्ण, संदीप यादव आदि को मौके पर भेजा तो पता चला की गांव लड़ती की प्रधान शांति देवी के पति सुरेंद्र कुमार चीतल (झाक) का मांस अपने घर पर लाकर बनवा रहे हैं। टीम ने प्रधान के घर छापामारी कर तलाशी की बात कही तो प्रधान पति टीम से भिड़ गया और सभी का तबादला करा देने की धमकी दी। टीम ने प्रधान के घर में बन रहे चीतल के मांस को बरामद कर लिया और प्रधान पति को रेंज मुख्यालय ले जाया गया।
जानकारी पाकर क्षेत्र के कई प्रधान मैलानी पहुंचे और आरोपी प्रधान पति को छोड़ देने का दबाव बनाने लगे, लेकिन उनकी एक न चल सकी। रेंजर रणवीर मिश्रा ने बताया कि आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना किया गया है।
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बच निकले चीतल के शिकार में शामिल कई लोग
0 प्रधान पति से पूछताछ में मिल सकती थी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। चीतल के शिकार में शामिल गांव लड़ती और आसपास के गांवों के कई लोग बच निकले हैं। मामले की क्षेत्र में व्यापक चर्चा है।
गांव लड़ती खुटार रेंज के जंगल से सटा हुआ है। दूसरी ओर मैलानी रेंज के जंगल हैं जो नेपाल तक चले गए हैं और जंगल में वन्य पशुओं की भरमार है। आसपास के गांवों के कुछ लोग अक्सर जंगल में चीतल, सुअर आदि का शिकार करते रहते हैं। गांव लड़ती के कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने के अनुरोध पर बताया कि चीतल के शिकार में कई लोग शामिल थे, जो साफ बच निकले हैं। वन विभाग के लोगों को पूरे मामले की जानकारी कर सभी शिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी।
चीतल का शिकार किए जाने के बाद प्रधान के घर से कुकर में मांस मिलने के बाद भी यह सवाल खड़ा होता है कि चीतल का मांस कहां गया। शिकार में शामिल अन्य लोगों की जानकारी कर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? गांव के अन्य संदिग्ध लोगों के घरों की तलाशी लेने से परहेज क्यों किया गया। रेंजर रणवीर मिश्रा का कहना है कि चीतल के शिकार की विवेचना अभी जारी है। किसी को नहीं छोड़ा जाएगा।
बयान.........
वर्जन-
चीतल के मांस के मामले में विभागीय मुकदमा दर्ज कर आरोपी से एक लाख रुपये जुर्माना वसूल किया गया है। मामले में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आरोपी हिरासत में है।
-गोपाल ओझा, डीएफओ
-------
हम लोगों को नहीं पता था कि जो मांस पकाया जा रहा है वह चीतल का है। अधिकारियों के सामने हम अपना पक्ष भी रखेंगे।
- शांति देवी, ग्राम प्रधान
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0 रेंजर ने किया प्रधान पति पर एक लाख रुपये का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। बुधवार को सूचना पर रेंजर रणवीर मिश्रा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने गांव लड़ती की प्रधान के घर छापा मारकर चीतल का मांस बरामद किया है। प्रधान पति पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
रेंजर रणवीर मिश्रा ने बताया कि बुधवार को मुखबिर ने सूचना दी कि गांव लड़ती में कुछ लोगों ने चीतल का शिकार किया है और मांस पकाया जा रहा है। सूचना पर रेंजर ने प्रवर्तन दल प्रभारी सुरेंद्र पाल गौतम, अशोक चतुर्वेदी, कामता प्रसाद वर्मा, श्रीकृष्ण, संदीप यादव आदि को मौके पर भेजा तो पता चला की गांव लड़ती की प्रधान शांति देवी के पति सुरेंद्र कुमार चीतल (झाक) का मांस अपने घर पर लाकर बनवा रहे हैं। टीम ने प्रधान के घर छापामारी कर तलाशी की बात कही तो प्रधान पति टीम से भिड़ गया और सभी का तबादला करा देने की धमकी दी। टीम ने प्रधान के घर में बन रहे चीतल के मांस को बरामद कर लिया और प्रधान पति को रेंज मुख्यालय ले जाया गया।
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जानकारी पाकर क्षेत्र के कई प्रधान मैलानी पहुंचे और आरोपी प्रधान पति को छोड़ देने का दबाव बनाने लगे, लेकिन उनकी एक न चल सकी। रेंजर रणवीर मिश्रा ने बताया कि आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना किया गया है।
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बच निकले चीतल के शिकार में शामिल कई लोग
0 प्रधान पति से पूछताछ में मिल सकती थी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। चीतल के शिकार में शामिल गांव लड़ती और आसपास के गांवों के कई लोग बच निकले हैं। मामले की क्षेत्र में व्यापक चर्चा है।
गांव लड़ती खुटार रेंज के जंगल से सटा हुआ है। दूसरी ओर मैलानी रेंज के जंगल हैं जो नेपाल तक चले गए हैं और जंगल में वन्य पशुओं की भरमार है। आसपास के गांवों के कुछ लोग अक्सर जंगल में चीतल, सुअर आदि का शिकार करते रहते हैं। गांव लड़ती के कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने के अनुरोध पर बताया कि चीतल के शिकार में कई लोग शामिल थे, जो साफ बच निकले हैं। वन विभाग के लोगों को पूरे मामले की जानकारी कर सभी शिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी।
चीतल का शिकार किए जाने के बाद प्रधान के घर से कुकर में मांस मिलने के बाद भी यह सवाल खड़ा होता है कि चीतल का मांस कहां गया। शिकार में शामिल अन्य लोगों की जानकारी कर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? गांव के अन्य संदिग्ध लोगों के घरों की तलाशी लेने से परहेज क्यों किया गया। रेंजर रणवीर मिश्रा का कहना है कि चीतल के शिकार की विवेचना अभी जारी है। किसी को नहीं छोड़ा जाएगा।
बयान.........
वर्जन-
चीतल के मांस के मामले में विभागीय मुकदमा दर्ज कर आरोपी से एक लाख रुपये जुर्माना वसूल किया गया है। मामले में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आरोपी हिरासत में है।
-गोपाल ओझा, डीएफओ
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हम लोगों को नहीं पता था कि जो मांस पकाया जा रहा है वह चीतल का है। अधिकारियों के सामने हम अपना पक्ष भी रखेंगे।
- शांति देवी, ग्राम प्रधान