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दहेज हत्या के मुकदमे में पति-ससुर को उम्रकैद
Updated Sat, 21 Jul 2018 12:02 AM IST
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दहेज हत्या के मामले में पति-ससुर को उम्रकैद
वर्ष 2014 में दहेज की खातिर कर दी गई थी ज्योति की हत्या
पूर्व स्टेशन अधीक्षक की बेटी के साथ ससुरालियों ने ढहाया था जुल्म
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश एहसानुल्लाह खान ने दहेज हत्या के मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोष सिद्ध होने पर मृतका के पति और ससुर हो आजीवन कारावास की सजा व 55-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। कुल जुर्माने की राशि में से 90 हजार रुपये मुकदमे के वादी को बतौर प्रतिकर दिए जाने का आदेश दिया।
रोजा की आदर्श नगर कॉलोनी निवासी पूर्व स्टेशन अधीक्षक बृजेश कुमार शुक्ला की बेटी ज्योति की शादी चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला साउथ सिटी निवासी सीताराम वाजपेयी के बेटे रविशंकर वाजपेयी के साथ 24 अप्रैल 2012 में हुई थी। शादी के बाद से ही ज्योति को उसका पति व ससुर पांच लाख रुपया और दहेज में दिए जाने की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। ज्योति ने प्रताड़ित किए जाने की बात अपने पिता को बताई तो उन्होंने रिश्तेदारों के साथ बेटी के पति और ससुर को बैठाकर उन्हें समझाने का प्रयास किया और रविशंकर को 50 हजार रुपये चेक के जरिये दिए। इसके बाद भी दोनों की मांग जारी रही और ज्योति को प्रताड़ित करते रहे। 27 मई 2014 को रात 9:30 बजे ज्योति के बीमार होने की सूचना पर पिता बृजेश कुमार शुक्ला अपने रिश्तेदारों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें बेटी मृत अवस्था में मिली। पिता ने दहेज की खातिर बेटी की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश दोष सिद्ध होने पर मृतका के पति और ससुर को आजीवन कारावास की सजा व 55-55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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वर्ष 2014 में दहेज की खातिर कर दी गई थी ज्योति की हत्या
पूर्व स्टेशन अधीक्षक की बेटी के साथ ससुरालियों ने ढहाया था जुल्म
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश एहसानुल्लाह खान ने दहेज हत्या के मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोष सिद्ध होने पर मृतका के पति और ससुर हो आजीवन कारावास की सजा व 55-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। कुल जुर्माने की राशि में से 90 हजार रुपये मुकदमे के वादी को बतौर प्रतिकर दिए जाने का आदेश दिया।
रोजा की आदर्श नगर कॉलोनी निवासी पूर्व स्टेशन अधीक्षक बृजेश कुमार शुक्ला की बेटी ज्योति की शादी चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला साउथ सिटी निवासी सीताराम वाजपेयी के बेटे रविशंकर वाजपेयी के साथ 24 अप्रैल 2012 में हुई थी। शादी के बाद से ही ज्योति को उसका पति व ससुर पांच लाख रुपया और दहेज में दिए जाने की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। ज्योति ने प्रताड़ित किए जाने की बात अपने पिता को बताई तो उन्होंने रिश्तेदारों के साथ बेटी के पति और ससुर को बैठाकर उन्हें समझाने का प्रयास किया और रविशंकर को 50 हजार रुपये चेक के जरिये दिए। इसके बाद भी दोनों की मांग जारी रही और ज्योति को प्रताड़ित करते रहे। 27 मई 2014 को रात 9:30 बजे ज्योति के बीमार होने की सूचना पर पिता बृजेश कुमार शुक्ला अपने रिश्तेदारों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें बेटी मृत अवस्था में मिली। पिता ने दहेज की खातिर बेटी की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश दोष सिद्ध होने पर मृतका के पति और ससुर को आजीवन कारावास की सजा व 55-55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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