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मूल्यांकन केंद्रों पर तीसरे दिन भी रही ताला बंदी
Updated Mon, 19 Mar 2018 09:40 PM IST
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मूल्यांकन केंद्रों पर तीसरे दिन भी रही ताला बंदी
चारों केंद्रों पर वित्तविहीन शिक्षकों ने धरना देकर किया बहिष्कार
फोटो- 05 में
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
मानदेय बहाली की मांग को लेकर वित्तविहीन शिक्षकों द्वारा किए जा रहे बहिष्कार से यूपीे बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन कार्य तीसरे दिन (सोमवार) भी प्रभावित रहा। आंदोलनकारी शिक्षकों ने तीसरे दिन भी चारों केंद्रों के गेट पर ताला डाले रखा और वहीं धरना दिया। इस बीच राजकीय और सहायता प्राप्त शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य से जबरदस्ती नहीं रोका गया, जिसने स्वेच्छा से मूल्यांकन करना चाहा, वह केंद्र पर पहुंचता रहा।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनर तले किए जा रहे मूल्यांकन बहिष्कार के तीसरे दिन शिक्षकों ने टोलियों के रूप में चारों केंद्रों पर दरियां बिछाकर धरना दिया। महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रेनू मिश्रा और पंकज मिश्रा ने इस्लामिया इंटर कॉलेज गेट पर तालाबंदी कर धरना दिया। जिला महामंत्री अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में तहसील तिलहर के शिक्षकों ने एसपी कॉलेज गेट पर ताला डालकर धरना दिया। रामसुख और बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में पुवायां क्षेत्र के शिक्षकों ने एबी रिच इंटर कॉलेज गेट पर ताला डाल धरना दिया। इसी तरह राजकीय इंटर कॉलेज गेट पर जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में जलालाबाद तहसील के वित्तविहीन शिक्षकों ताला डालकर धरना दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक किसी वित्तविहीन शिक्षक को मूल्यांकन नहीं करने दिया जाएगा।
मूल्यांकन बहिष्कार कर धरना पर बैठने वालों में प्रमुख रूप से धनपाल गुप्ता, यज्ञदत्त शर्मा, शिवेंद्र कुमार, मनोज यादव, बृजकिशोर शर्मा, विनय पांडेय, सुधीर यादव, पवन यादव, रमेश गुप्ता, किरन कुमारी, सतीश चंद्र मिश्रा, सुधीर वाजपेयी, धर्म सिंह, संजय कुशवाहा, राजीव शुक्ला, वाजिद अली, मनोज शुक्ला, सुनील कटियार, अनूप सिंह, प्रशांत पांडेय, राजेश आनंद आदि शामिल रहे।
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पांडेय गुट ने दिया समर्थन
वित्तविहीन शिक्षकों द्वारा किए जा रहे मूल्यांकन कार्य बहिष्कार का समर्थन माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने किया है। प्रांतीय उपाध्यक्ष संतोष पांडेय और जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों का आंदोलन न्यायोचित है। संगठन हमेशा समान कार्य के लिए समान वेतन की पक्षधर रही है। सम्मानजनक मानदेय शिक्षकों का हक है, जो उन्हें मिलना चाहिए।
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तीसरे दिन भी अनुपस्थित रहे 1489 परीक्षक
यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य के तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में डिप्टी हेड (डीएचई) और परीक्षक अनुपस्थित रहे। यही स्थिति रही तो निर्धारित अवधि में मूल्यांकन हो पाना मुश्किल हो जाएगा। डीआईओएस अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि 19 मार्च को जीआईसी केंद्र पर 25 डीएचई और मात्र 44 परीक्षक ही मूल्यांकन कार्य के लिए पहुंचे। इस केंद्र पर 15 डीएचई ओर 314 परीक्षक गैरहाजिर रहे। इसी तरह इस्लामिया इंटर कॉलेज में 33 डीएचई और 97 परीक्षक ही पहुंचे और 18 डीएचई एवं 301 परीक्षक अनुपस्थित रहे। एसपी कॉलेज में 38 डीएचई और 148 परीक्षकों ने बोर्ड का काम किया, जबकि 23 डीएचई और 470 परीक्षक अनुपस्थित रहे। एबी रिच इंटर कॉलेज में भी 38 डीएचई और 129 परीक्षकों ने मूल्यांकन कार्य किया और इस केंद्र पर 17 डिप्टी हेड एवं 404 परीक्षक गैर हाजिर रहे। इस तरह चारों केंद्रों पर 134 डीएचई और 418 परीक्षकों ने डियूटी को अंजाम दिया और 73 डिप्टी हेड एवं 1489 परीक्षक अनुपस्थित रहे। तीसरे दिन जीआईसी में 2829, इस्लामिया में 3132, एसपी कॉलेेेेेज में 5850 और एबी रिच इंटर कॉलेज में 6914 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ। इस तरह बहिष्कार के चलते तीसरे दिन मात्र 18725 कापियां ही जांची जा सकी।
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चारों केंद्रों पर वित्तविहीन शिक्षकों ने धरना देकर किया बहिष्कार
फोटो- 05 में
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
मानदेय बहाली की मांग को लेकर वित्तविहीन शिक्षकों द्वारा किए जा रहे बहिष्कार से यूपीे बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन कार्य तीसरे दिन (सोमवार) भी प्रभावित रहा। आंदोलनकारी शिक्षकों ने तीसरे दिन भी चारों केंद्रों के गेट पर ताला डाले रखा और वहीं धरना दिया। इस बीच राजकीय और सहायता प्राप्त शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य से जबरदस्ती नहीं रोका गया, जिसने स्वेच्छा से मूल्यांकन करना चाहा, वह केंद्र पर पहुंचता रहा।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनर तले किए जा रहे मूल्यांकन बहिष्कार के तीसरे दिन शिक्षकों ने टोलियों के रूप में चारों केंद्रों पर दरियां बिछाकर धरना दिया। महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रेनू मिश्रा और पंकज मिश्रा ने इस्लामिया इंटर कॉलेज गेट पर तालाबंदी कर धरना दिया। जिला महामंत्री अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में तहसील तिलहर के शिक्षकों ने एसपी कॉलेज गेट पर ताला डालकर धरना दिया। रामसुख और बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में पुवायां क्षेत्र के शिक्षकों ने एबी रिच इंटर कॉलेज गेट पर ताला डाल धरना दिया। इसी तरह राजकीय इंटर कॉलेज गेट पर जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में जलालाबाद तहसील के वित्तविहीन शिक्षकों ताला डालकर धरना दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक किसी वित्तविहीन शिक्षक को मूल्यांकन नहीं करने दिया जाएगा।
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मूल्यांकन बहिष्कार कर धरना पर बैठने वालों में प्रमुख रूप से धनपाल गुप्ता, यज्ञदत्त शर्मा, शिवेंद्र कुमार, मनोज यादव, बृजकिशोर शर्मा, विनय पांडेय, सुधीर यादव, पवन यादव, रमेश गुप्ता, किरन कुमारी, सतीश चंद्र मिश्रा, सुधीर वाजपेयी, धर्म सिंह, संजय कुशवाहा, राजीव शुक्ला, वाजिद अली, मनोज शुक्ला, सुनील कटियार, अनूप सिंह, प्रशांत पांडेय, राजेश आनंद आदि शामिल रहे।
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पांडेय गुट ने दिया समर्थन
वित्तविहीन शिक्षकों द्वारा किए जा रहे मूल्यांकन कार्य बहिष्कार का समर्थन माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने किया है। प्रांतीय उपाध्यक्ष संतोष पांडेय और जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों का आंदोलन न्यायोचित है। संगठन हमेशा समान कार्य के लिए समान वेतन की पक्षधर रही है। सम्मानजनक मानदेय शिक्षकों का हक है, जो उन्हें मिलना चाहिए।
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तीसरे दिन भी अनुपस्थित रहे 1489 परीक्षक
यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य के तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में डिप्टी हेड (डीएचई) और परीक्षक अनुपस्थित रहे। यही स्थिति रही तो निर्धारित अवधि में मूल्यांकन हो पाना मुश्किल हो जाएगा। डीआईओएस अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि 19 मार्च को जीआईसी केंद्र पर 25 डीएचई और मात्र 44 परीक्षक ही मूल्यांकन कार्य के लिए पहुंचे। इस केंद्र पर 15 डीएचई ओर 314 परीक्षक गैरहाजिर रहे। इसी तरह इस्लामिया इंटर कॉलेज में 33 डीएचई और 97 परीक्षक ही पहुंचे और 18 डीएचई एवं 301 परीक्षक अनुपस्थित रहे। एसपी कॉलेज में 38 डीएचई और 148 परीक्षकों ने बोर्ड का काम किया, जबकि 23 डीएचई और 470 परीक्षक अनुपस्थित रहे। एबी रिच इंटर कॉलेज में भी 38 डीएचई और 129 परीक्षकों ने मूल्यांकन कार्य किया और इस केंद्र पर 17 डिप्टी हेड एवं 404 परीक्षक गैर हाजिर रहे। इस तरह चारों केंद्रों पर 134 डीएचई और 418 परीक्षकों ने डियूटी को अंजाम दिया और 73 डिप्टी हेड एवं 1489 परीक्षक अनुपस्थित रहे। तीसरे दिन जीआईसी में 2829, इस्लामिया में 3132, एसपी कॉलेेेेेज में 5850 और एबी रिच इंटर कॉलेज में 6914 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ। इस तरह बहिष्कार के चलते तीसरे दिन मात्र 18725 कापियां ही जांची जा सकी।