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Sant Kabir Nagar News: ‘महाकाल’ का हथियार बन तस्करी को दे रहे ‘रफ्तार’
Fri, 03 Jan 2025 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 03 Jan 2025 11:57 PM IST
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पडरौना। जल्द अमीर बनने ख्वाहिश और पैसों को शॉर्ट कट से कमाने के लिए युवा जुर्म के दलदल में फंसते जा रहे हैं। अपनी ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए वह किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। तस्करी हो या फिर संगीन अपराध, युवाओं की बढ़ती संख्या पुलिस के लिए सिरदर्द बनने लगी है। इसका फायदा रफ्तार और महाकाल समूह जैसे गैंग उठा रहे हैं जो युवाओं की दुखती रग को पहचान इन्हें कैरियर के रूप में इस्तेमाल कर मोटी रकम कमा रहे हैं। तस्करी में इनकी भूमिका की तफ्तीश पुलिस गोपनीय तरीके से कर रही है।
कई घटनाओं में शामिल इन ग्रुप से जुड़े युवकों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। खास बात यह है कि इस गैंग में जुड़े युवकों की सीमावर्ती उन इलाकों में ही सक्रियता देखने को मिली है, जहां गो तस्कर और मादक पदार्थों के तस्कर सक्रिय दिखे हैं।
सूत्रों के मुताबिक महाकाल ग्रुप और रफ्तार गैंग में शामिल युवकों को ही तस्करी गिरोह के गैंग लीडर और सरगना कैरियर की भूमिका अदा करने की जिम्मेदारी सौंपते हैं। सीमावर्ती इलाकों में इनका नेटवर्क और तस्करी के रैकेट की सक्रियता, कैरियर बन रहे युवकों के कारण भी इन्हें गैंग से जोड़कर देखा जा रहा है।
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गोरखपुर, देवरिया से लेकर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र तमकुहीराज, सेवरही, दुदही के अलावा पड़ोसी प्रांत बिहार के गोपालगंज, पश्चिम चंपारण (बगहा, बेतिया) सीवान में सक्रिय महाकाल ग्रुप, रफ्तार गैंग के साथ ही लोकल गैंग के तार भी पशु और शराब तस्करी से जुड़े मिले हैं। सूत्रों की मानें तो सीमावर्ती इलाकों से तस्करी के अवैध धंधों को संचालित करने वाले गिरोह के सरगना ने कैरियर के रूप में उन युवाओं को जिम्मेदारी सौंप रखी है जो महाकाल ग्रुप, रफ्तार गैंग से ताल्लुक रखते हैं। सीमावर्ती इलाकों में तस्करी गैंग का वर्चस्व कायम रहे, इसके लिए वह नवयुवकों की ओर से संचालित सभी गिरोह से सामंजस्य बनाकर अपने मंसूबे को कामयाब बनाने में लगे हैं।
दो दिन पूर्व कुशीनगर पुलिस ने गैंगस्टर, गुंडा एक्ट तो गोरखपुर पुलिस ने भी गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इसमें अधिकांश तस्कर इन्हीं सीमावर्ती इलाकों से थे। महाकाल ग्रुप के सदस्य संगीन अपराधों को अंजाम देने के साथ तस्करी के गिरोह से जुड़कर पशुओं और मादक पदार्थों को सीमा पार करा रहे हैं। विभिन्न स्रोतों से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने गोपनीय ढंग से तफ्तीश शुरू की है। बताया जा रहा है कि जल्द बड़े खुलासे हो सकते हैं और ऐसे समूह पर कानूनी डंडे भी चलेंगे।
एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया पर सक्रिय ऐसे गैंग के बारे में साइबर सेल के माध्यम से जानकारी जुटाई जा रही है। इनके पुराने रिकॉर्ड भी निकाले जा रहे हैं। जिले में सक्रिय आपराधिक गतिविधियों में शामिल युवकों पर जल्द शिकंजा कसा जाएगा।
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कई घटनाओं में शामिल इन ग्रुप से जुड़े युवकों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। खास बात यह है कि इस गैंग में जुड़े युवकों की सीमावर्ती उन इलाकों में ही सक्रियता देखने को मिली है, जहां गो तस्कर और मादक पदार्थों के तस्कर सक्रिय दिखे हैं।
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सूत्रों के मुताबिक महाकाल ग्रुप और रफ्तार गैंग में शामिल युवकों को ही तस्करी गिरोह के गैंग लीडर और सरगना कैरियर की भूमिका अदा करने की जिम्मेदारी सौंपते हैं। सीमावर्ती इलाकों में इनका नेटवर्क और तस्करी के रैकेट की सक्रियता, कैरियर बन रहे युवकों के कारण भी इन्हें गैंग से जोड़कर देखा जा रहा है।
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गोरखपुर, देवरिया से लेकर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र तमकुहीराज, सेवरही, दुदही के अलावा पड़ोसी प्रांत बिहार के गोपालगंज, पश्चिम चंपारण (बगहा, बेतिया) सीवान में सक्रिय महाकाल ग्रुप, रफ्तार गैंग के साथ ही लोकल गैंग के तार भी पशु और शराब तस्करी से जुड़े मिले हैं। सूत्रों की मानें तो सीमावर्ती इलाकों से तस्करी के अवैध धंधों को संचालित करने वाले गिरोह के सरगना ने कैरियर के रूप में उन युवाओं को जिम्मेदारी सौंप रखी है जो महाकाल ग्रुप, रफ्तार गैंग से ताल्लुक रखते हैं। सीमावर्ती इलाकों में तस्करी गैंग का वर्चस्व कायम रहे, इसके लिए वह नवयुवकों की ओर से संचालित सभी गिरोह से सामंजस्य बनाकर अपने मंसूबे को कामयाब बनाने में लगे हैं।
दो दिन पूर्व कुशीनगर पुलिस ने गैंगस्टर, गुंडा एक्ट तो गोरखपुर पुलिस ने भी गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इसमें अधिकांश तस्कर इन्हीं सीमावर्ती इलाकों से थे। महाकाल ग्रुप के सदस्य संगीन अपराधों को अंजाम देने के साथ तस्करी के गिरोह से जुड़कर पशुओं और मादक पदार्थों को सीमा पार करा रहे हैं। विभिन्न स्रोतों से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने गोपनीय ढंग से तफ्तीश शुरू की है। बताया जा रहा है कि जल्द बड़े खुलासे हो सकते हैं और ऐसे समूह पर कानूनी डंडे भी चलेंगे।
एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया पर सक्रिय ऐसे गैंग के बारे में साइबर सेल के माध्यम से जानकारी जुटाई जा रही है। इनके पुराने रिकॉर्ड भी निकाले जा रहे हैं। जिले में सक्रिय आपराधिक गतिविधियों में शामिल युवकों पर जल्द शिकंजा कसा जाएगा।