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Sant Kabir Nagar News: पाउडर से बना रहे दही...पोषक तत्व ही नहीं
Mon, 09 Jun 2025 11:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 09 Jun 2025 11:18 PM IST
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खलीलाबाद शहर में बेचा जा रहा डिब्बे में दही
संतकबीरनगर। जिले में पनीर, दूध, खोआ, दाल में तो मिलावट का मामला चल रहा था, लेकिन दही में भी मिलावट की जा रही है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खाद्य विभाग की टीम ने पांच माह पहले लिया गया दही का नमूना जांच में अधोमानक पाया गया है।
इसमें फैट की मात्रा नहीं थी और मिल्क पाउडर से बनाया गया था। ऐसे में इसमें पोषक तत्व भी नहीं थे जिले में अयोध्या, गोरखपुर आदि जगहों से दही मंगाई जाती है। प्रतिदिन करीब 50 क्विंटल दही की खपत हो रही है।
गर्मी में दही भोजन का स्वाद बढ़ा देती है। यही वजह है कि गर्मी में डेयरी व हलवाई की दुकानों पर दही हाथों हाथ बिक रही है, लेकिन दही खाने से पहले एक बार जरूर सोच लें कि वह खाने लायक है भी या नहीं। ज्यादा तर दही में मिलावट आ रही है, हालांकि ब्रांडेड कंपनियां भी दही बेच रही हैं, लेकिन लोकल दही की मांग ज्यादा है।
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यह दही ब्रांडेड कंपनियों से काफी सस्ता उपलब्ध हो जा रही हैं। लोकल दही पांच किलो का डिब्बा 340 रुपये में मिल रहा है जबकि ब्रांडेड कंपनियों का डब्बा 500 से अधिक कीमत पर उपलब्ध है। ऐसे में मिलावट खोर इसका लाभ उठा रहे हैं और मुनाफा कमा रहे हैं।
जनवरी माह में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने खलीलाबाद शहर के एक दुकान से दही का नमूना लिया था। जांच में इसमें फैट की मात्रा कम मिली।
जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है। लोग दही खरीद लेते हैं लेकिन यह पता नहीं कर पाते हैं कि यह मिलावटी है या शुद्ध। ऐसे में लोगों को दही खरीदते समय उसकी गुणवत्ता की भी जांच कर लेनी चाहिए और उस पर एक्सपायरी डेट भी देख लेना चाहिए।
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इसमें फैट की मात्रा नहीं थी और मिल्क पाउडर से बनाया गया था। ऐसे में इसमें पोषक तत्व भी नहीं थे जिले में अयोध्या, गोरखपुर आदि जगहों से दही मंगाई जाती है। प्रतिदिन करीब 50 क्विंटल दही की खपत हो रही है।
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गर्मी में दही भोजन का स्वाद बढ़ा देती है। यही वजह है कि गर्मी में डेयरी व हलवाई की दुकानों पर दही हाथों हाथ बिक रही है, लेकिन दही खाने से पहले एक बार जरूर सोच लें कि वह खाने लायक है भी या नहीं। ज्यादा तर दही में मिलावट आ रही है, हालांकि ब्रांडेड कंपनियां भी दही बेच रही हैं, लेकिन लोकल दही की मांग ज्यादा है।
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यह दही ब्रांडेड कंपनियों से काफी सस्ता उपलब्ध हो जा रही हैं। लोकल दही पांच किलो का डिब्बा 340 रुपये में मिल रहा है जबकि ब्रांडेड कंपनियों का डब्बा 500 से अधिक कीमत पर उपलब्ध है। ऐसे में मिलावट खोर इसका लाभ उठा रहे हैं और मुनाफा कमा रहे हैं।
जनवरी माह में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने खलीलाबाद शहर के एक दुकान से दही का नमूना लिया था। जांच में इसमें फैट की मात्रा कम मिली।
जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है। लोग दही खरीद लेते हैं लेकिन यह पता नहीं कर पाते हैं कि यह मिलावटी है या शुद्ध। ऐसे में लोगों को दही खरीदते समय उसकी गुणवत्ता की भी जांच कर लेनी चाहिए और उस पर एक्सपायरी डेट भी देख लेना चाहिए।