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Sant Kabir Nagar News: मां स्कंदमाता की पूजा कर निरोगी काया का का मांगा आशीर्वाद
Mon, 23 Mar 2026 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 23 Mar 2026 11:48 PM IST
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- श्रद्धालुओं ने देवी मंदिरों में विधि-विधान से की पूजा
संतकबीरनगर। चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को माता के पांचवें मां स्कंदमाता की पूजा की गई। देवी मंदिरों से सुबह से भी पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने मां स्कंदमाता की पूजा कर वृद्धि, ज्ञान और निरोगी रहने का आशीर्वाद मांगा।
मॉ स्कंदमाता भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय की माता है। इसलिए उन्हें स्कंद माता कहा जाता है। इन्हें ममतामयी और संतान सुख देने वाली माता भी कहा जाता है। देवी कमलासन पर विराजमान रहतीं हैं, इसलिए इन्हें पद्मासना भी कहते हैं। उनकी चार भुजाएं है और वह सिंह पर सवार रहती है। माता को केले या केसर वाली खीर का भोग लगाया जाता है। देवी मंदिरों में सुबह कपाट खुले तो भक्तों का तांता लगा गया।
समय माता मंदिर के पुजारी सोनू मिश्र ने बताया कि भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद मॉ स्कंदमाता की आराधना करते हैं। खलीलाबाद के समय माता मंदिर, उस्का कला की वन देवी मंदिर, लहुरादेवा में समय माता मंदिर, कोपिया की समय माता मंदिर, चकदही की समय माता मंदिर, बरईपार की हट्टी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों में लोगों ने विधि विधान से पूजा कर वृद्धि, ज्ञान और निरोगी रहने का आशीर्वाद मांगा। शाम को भी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
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संतकबीरनगर। चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को माता के पांचवें मां स्कंदमाता की पूजा की गई। देवी मंदिरों से सुबह से भी पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने मां स्कंदमाता की पूजा कर वृद्धि, ज्ञान और निरोगी रहने का आशीर्वाद मांगा।
मॉ स्कंदमाता भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय की माता है। इसलिए उन्हें स्कंद माता कहा जाता है। इन्हें ममतामयी और संतान सुख देने वाली माता भी कहा जाता है। देवी कमलासन पर विराजमान रहतीं हैं, इसलिए इन्हें पद्मासना भी कहते हैं। उनकी चार भुजाएं है और वह सिंह पर सवार रहती है। माता को केले या केसर वाली खीर का भोग लगाया जाता है। देवी मंदिरों में सुबह कपाट खुले तो भक्तों का तांता लगा गया।
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समय माता मंदिर के पुजारी सोनू मिश्र ने बताया कि भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद मॉ स्कंदमाता की आराधना करते हैं। खलीलाबाद के समय माता मंदिर, उस्का कला की वन देवी मंदिर, लहुरादेवा में समय माता मंदिर, कोपिया की समय माता मंदिर, चकदही की समय माता मंदिर, बरईपार की हट्टी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों में लोगों ने विधि विधान से पूजा कर वृद्धि, ज्ञान और निरोगी रहने का आशीर्वाद मांगा। शाम को भी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
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