{"_id":"6963e85cc052726f9c0918ac","slug":"workshops-will-be-organized-in-council-schools-to-help-students-develop-their-skills-khalilabad-news-c-209-1-kld1025-144272-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: परिषदीय स्कूलों में लगेगी कार्यशाला, हुनरमंद बनेंगे विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: परिषदीय स्कूलों में लगेगी कार्यशाला, हुनरमंद बनेंगे विद्यार्थी
Sun, 11 Jan 2026 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:43 PM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा छह से आठ तक के बच्चे बुखार नापने, खाद्य पदार्थों की जांच, मल्टीमीटर का ज्ञान सीखेंगे। बच्चों का यह गुर लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम के तहत वर्कशॉप लगाकर सिखाए जाएंगे। इससे वह स्वरोजगार के अवसर सृजित कर सकें। इसके लिए जिले के परिषदीय विद्यालय चयनित किए गए हैं। शासन ने सामग्री खरीद के लिए बजट भी जारी कर दिया है।
प्राइवेट विद्यालयों की तर्ज पर बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षा के साथ बच्चों को हुनरमंद बनाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्किल डेवलपमेंट की योजना लर्निंग बाई डूइंग चलाई जा रही है। योजना के तहत छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग एंड वर्कशाप, एनर्जी एंड एंवायरमेंट, एग्रीकल्चर, होम एंड हेल्थ कुल चार बिंदुओं पर जानकारी देने को गतिविधियां संचालित की जाएंगी। कक्षा छह से लेकर आठ तक के बच्चों को योजना से लाभान्वित किया जाएगा। बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए तकनीकी अनुदेशक रखे जाएंगे। चयन के लिए विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षा के साथ बच्चों को हुनरमंद बनाने के उद्देश्य से परिषदीय स्कूलों को लर्निंग बाई डूइंग के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयनित शिक्षक उन्हें व्यावसायिक गतिविधियों में दक्ष करेंगे। योजना का उद्देश्य बच्चों को स्वावलंबन की राह दिखाना है।
0
यह है योजना
शासन ने लर्निंग बाई डूइंग यानि करके सीखो योजना के तहत बच्चों को स्कूलों में स्थापित होने वाली प्रयोगशालाओं से दक्ष किया जाएगा। इसके लिए कुल 155 टूल्स एवं उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के तहत बच्चों को थर्मामीटर से बुखार नापने, खाद्य पदार्थों की जांच, मल्टीमीटर का ज्ञान, खेती-बागवानी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही खाद्य पदार्थों की रेसिपी, गार्डनिंग एंड नर्सरी, लकड़ी कटिंग, टूल्स सहित अन्य व्यवसायिक गतिविधियां सिखाई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्राइवेट विद्यालयों की तर्ज पर बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षा के साथ बच्चों को हुनरमंद बनाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्किल डेवलपमेंट की योजना लर्निंग बाई डूइंग चलाई जा रही है। योजना के तहत छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग एंड वर्कशाप, एनर्जी एंड एंवायरमेंट, एग्रीकल्चर, होम एंड हेल्थ कुल चार बिंदुओं पर जानकारी देने को गतिविधियां संचालित की जाएंगी। कक्षा छह से लेकर आठ तक के बच्चों को योजना से लाभान्वित किया जाएगा। बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए तकनीकी अनुदेशक रखे जाएंगे। चयन के लिए विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षा के साथ बच्चों को हुनरमंद बनाने के उद्देश्य से परिषदीय स्कूलों को लर्निंग बाई डूइंग के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयनित शिक्षक उन्हें व्यावसायिक गतिविधियों में दक्ष करेंगे। योजना का उद्देश्य बच्चों को स्वावलंबन की राह दिखाना है।
विज्ञापन
0
यह है योजना
शासन ने लर्निंग बाई डूइंग यानि करके सीखो योजना के तहत बच्चों को स्कूलों में स्थापित होने वाली प्रयोगशालाओं से दक्ष किया जाएगा। इसके लिए कुल 155 टूल्स एवं उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के तहत बच्चों को थर्मामीटर से बुखार नापने, खाद्य पदार्थों की जांच, मल्टीमीटर का ज्ञान, खेती-बागवानी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही खाद्य पदार्थों की रेसिपी, गार्डनिंग एंड नर्सरी, लकड़ी कटिंग, टूल्स सहित अन्य व्यवसायिक गतिविधियां सिखाई जाएंगी।
विज्ञापन