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Sant Kabir Nagar News: पत्नी का व्यवहार सही नहीं, पत्र लिखकर फंदे से लटक गया
Thu, 06 Jun 2024 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 06 Jun 2024 12:22 AM IST
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धनघटा। महुली थाना क्षेत्र के भगवानपुर पश्चिमी गांव में बुधवार को पत्नी के व्यवहार से तंग आकर ई-रिक्शा चालक ने फंदे से लटककर जान दे दी। ई-रिक्शा चालक का शव घर में मिलने से हड़कंप मच गया। परिजन के शव नीचे उतारने के बाद पुलिस पहुंच गई। पुलिस पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ई- रिक्शा चालक के पास से पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद किया है। उसने मौत का कारण पत्नी का व्यवहार सही नहीं होने की बात लिखी है।
भगवानपुर पश्चिमी गांव निवासी हरिराम गुप्ता का तीसरे नंबर का बेटा मनी चंद गुप्ता (28) परिवार के गुजर बसर करने के लिए ई-रिक्शा चलाता था। परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह पुराने घर पर हमेशा की तरह मनीचंद और उसकी पत्नी द्रोपदी में झगड़ा होने लगा। कुछ समय तक चले विवाद के बाद मनीचंद थोड़ी दूर स्थित दूसरे घर पर पहुंच गया। सीढ़ियों से छत के कमरे में चला गया।
कुछ समय बाद परिवार का एक सदस्य कमरे में पहुंचा। छत की कुंडी में लगे पंखे से रस्सी के सहारे मनीचंद का शव झूलता देख सन्न रह गए और शोर मचाने लगा। इसी बाद परिवार व पड़ोसी पहुंचे। इधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। परिजनों को मृतक के पास से सुसाइड नोट मिला जिसे पुलिस को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस मामले के हर बिंदु की बारीकी से जांच पड़ताल कर रही है।
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अंग्रेजी में हस्ताक्षर कर खत्म की बात
मृतक मनीचंद गुप्ता के पास से बरामद सुसाइड नोट में लिखा है कि वह आत्महत्या नहीं किया है। उसको मजबूर किया गया है। उसकी पत्नी रीतू गुप्ता 14 दिन या फिर 10 दिन बीत जाने पर उसके साथ बिना बात के झगड़ा करती है और हमेशा अपने भाइयों का धौंस दिखाती है कि जिस दिन उसके भाई आ जाएंगे, उस दिन पता चलेगा। कई बार घर से भागने की कोशिश की है। कई बार समझाया लेकिन समझ में नहीं आता है। वह बार-बार अलग रहने की बात करती है। कहती है कि अपने परिवार से अलग हो जाइए, अलग होने की बात को लेकर झगड़ा करती है। अलग हो गया तब भी झगड़ा करती है। जब हार जाती है चार पांच दिन खाना नहीं खाती थी। इसके बाद अंग्रेजी में हस्ताक्षर करके अपनी बात को खत्म कर दिया।
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महिला थाना तक पहुंचा था मामला
पड़ोसियों ने बताया कि हमेशा सुबह और देर रात तक मनीचंद और पत्नी रीतू के बीच विवाद होता रहता था। रोज के झगड़े और किचकिच से वह सब भी ऊब चुके थे। समझाने पर भी नहीं मानते थे। मनीचंद और रीतू के बीच झगड़ा का मामला ढाई माह पूर्व महिला थाना तक पहुंचा था। इसमें गांव के संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप के बाद दोनों आपसी सुलह समझौता करके साथ में रहने को राजी हुए थे।
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मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
कोरोना त्रासदी के दौरान लॉकडाउन में मनीचंद और रीतू शादी के बंधन में बंधे थे। मनीचंद गृहस्थी को पटरी पर लाने के लिए ई-रिक्शा चलाने लगा। परिजनों के अनुसार कुछ समय बीतते ही दोनों के बीच खटास पैदा हो गई और झगड़ा शुरू हो गया। जो बुधवार को मनीचंद की मौत के बाद खत्म हो गया। घटना से चार वर्षीय अयांश और छह महीने की मासूम मानवी के सिर से पिता का साया उठ गया।
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भगवानपुर पश्चिमी गांव निवासी हरिराम गुप्ता का तीसरे नंबर का बेटा मनी चंद गुप्ता (28) परिवार के गुजर बसर करने के लिए ई-रिक्शा चलाता था। परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह पुराने घर पर हमेशा की तरह मनीचंद और उसकी पत्नी द्रोपदी में झगड़ा होने लगा। कुछ समय तक चले विवाद के बाद मनीचंद थोड़ी दूर स्थित दूसरे घर पर पहुंच गया। सीढ़ियों से छत के कमरे में चला गया।
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कुछ समय बाद परिवार का एक सदस्य कमरे में पहुंचा। छत की कुंडी में लगे पंखे से रस्सी के सहारे मनीचंद का शव झूलता देख सन्न रह गए और शोर मचाने लगा। इसी बाद परिवार व पड़ोसी पहुंचे। इधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। परिजनों को मृतक के पास से सुसाइड नोट मिला जिसे पुलिस को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस मामले के हर बिंदु की बारीकी से जांच पड़ताल कर रही है।
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अंग्रेजी में हस्ताक्षर कर खत्म की बात
मृतक मनीचंद गुप्ता के पास से बरामद सुसाइड नोट में लिखा है कि वह आत्महत्या नहीं किया है। उसको मजबूर किया गया है। उसकी पत्नी रीतू गुप्ता 14 दिन या फिर 10 दिन बीत जाने पर उसके साथ बिना बात के झगड़ा करती है और हमेशा अपने भाइयों का धौंस दिखाती है कि जिस दिन उसके भाई आ जाएंगे, उस दिन पता चलेगा। कई बार घर से भागने की कोशिश की है। कई बार समझाया लेकिन समझ में नहीं आता है। वह बार-बार अलग रहने की बात करती है। कहती है कि अपने परिवार से अलग हो जाइए, अलग होने की बात को लेकर झगड़ा करती है। अलग हो गया तब भी झगड़ा करती है। जब हार जाती है चार पांच दिन खाना नहीं खाती थी। इसके बाद अंग्रेजी में हस्ताक्षर करके अपनी बात को खत्म कर दिया।
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महिला थाना तक पहुंचा था मामला
पड़ोसियों ने बताया कि हमेशा सुबह और देर रात तक मनीचंद और पत्नी रीतू के बीच विवाद होता रहता था। रोज के झगड़े और किचकिच से वह सब भी ऊब चुके थे। समझाने पर भी नहीं मानते थे। मनीचंद और रीतू के बीच झगड़ा का मामला ढाई माह पूर्व महिला थाना तक पहुंचा था। इसमें गांव के संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप के बाद दोनों आपसी सुलह समझौता करके साथ में रहने को राजी हुए थे।
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मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
कोरोना त्रासदी के दौरान लॉकडाउन में मनीचंद और रीतू शादी के बंधन में बंधे थे। मनीचंद गृहस्थी को पटरी पर लाने के लिए ई-रिक्शा चलाने लगा। परिजनों के अनुसार कुछ समय बीतते ही दोनों के बीच खटास पैदा हो गई और झगड़ा शुरू हो गया। जो बुधवार को मनीचंद की मौत के बाद खत्म हो गया। घटना से चार वर्षीय अयांश और छह महीने की मासूम मानवी के सिर से पिता का साया उठ गया।