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Sant Kabir Nagar News: मोबाइल फोन, डायरी और कागजात कहां गए, कौन ले गया और क्यों
Tue, 12 Mar 2024 11:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 12 Mar 2024 11:39 AM IST
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- नंदिनी के कमरे की तलाशी में पुलिस को नहीं मिले ये सामान, क्या राज छिपे हैं उनमें
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सुभासपा नेता नंदिनी राजभर की हत्या के बाद पुलिस ने जब उसके घर की छानबीन की तो उसका मोबाइल फोन, डायरी व कुछ अन्य कागजात गायब थे। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर नंदिनी का मोबाइल फोन और डायरी कहां गए। क्या उसमें कोई राज छिपा था। पुलिस के लिए यह बड़ा सवाल है, जिसका जवाब तलाशने की कोशिश में वह जुटी है।
नंदिनी की हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उसके कमरे से साक्ष्य संकलन किए। बताया जा रहा है कि अच्छेलाल मोबाइल नहीं चलाता था, उसकी पत्नी नंदिनी के पास ही मोबाइल फोन रहता था। घटना के बाद पुलिस ने उसका फोन तलाशने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मिला। सास आरती के अनुसार, नंदिनी अपने पास एक डायरी भी रखती थी। इसके अलावा तमाम कागजात भी उसके कमरे में रहते थे। लेकिन पुलिस को वह डायरी व कागजात भी नहीं मिले। माना जा रहा है कि शायद हत्यारे नंदिनी का फोन, डायरी और कागजात अपने साथ ले गए। लेकिन क्यों ? उनमें ऐसा क्या था जो कोई नहीं चाहता कि वह पुलिस के सामने आए।
आधी रात में दबोचे गए हत्याकांड के दो आरोपी : नंदिनी राजभर हत्याकांड के दो आरोपी ध्रुप कुमार और पन्ने लाल यादव की गिरफ्तारी रविवार रात करीब ढाई बजे डीघा बाईपास से हुई। वहीं नामजद महिला निर्मता की गिरफ्तारी डीघा गांव स्थित घर से सोमवार की सुबह नौ बजे कोतवाली पुलिस ने की थी। जिनके खिलाफ लिखा-पढ़ी पूरी कर मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर हत्याकांड के राज से पर्दा उठाने की कोशिश में हैं।
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घरवालों का आरोप...पैरवी शुरू करते ही मिलने लगी थी धमकी
संतकबीरनगर। नंदिनी के घरवालों का कहना है कि चचिया ससुर बालकिशुन मामले में उसके पैरवी शुरू करते ही जान से मार डालने की धमकी मिलने लगी थी। मालूम हडीघा गांव निवासी बालकिशुन का शव 29 फरवरी को रेलवे ट्रैक पर पाया गया था। बालकिशुन की पत्नी सरोजा देवी का आरोप है कि पति को शराब पिलाकर बिना पैसा दिए कुछ लोगों ने धोखाधड़ी से उनकी जमीन रजिस्ट्री करा ली। रुपये मांगने पर धमकी देते। साथ ही पति को आत्महत्या के लिए भी उकसाते थे। सरोजा की तहरीर पर पुलिस ने श्रवण, उसके भाई ध्रुपचंद यादव व पन्नेलाल के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस श्रवण को गिरफ्तार कर चुकी है। बाकी दो फरार थे। इधर नंदिनी इस मामले में लगातार सभी उचित स्थानों पर रजिस्ट्री निरस्त करवाने व बकाया रुपये दिलाने के लिए पैरवी करती थी। परिजनों का आरोप है कि इसी पैरवी की वजह से उसे आरोपियों से धमकी मिल रही थी और रविवार दिनदहाड़े उसकी हत्या कर दी गई।
सिर में भारी वस्तु से की गई थी चोट
नंदिनी राजभर के शव का रविवार रात में ही चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। सीओ सिटी ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, नंदिनी की मौत सिर में किसी भारी वस्तु जैसे हथौडे से चोट लगने से हुई। इसके अलावा उसके चेहरे और आंख पर भी चोट के निशान मिले ंहै। उसके दाहिने हाथ पर गहरे कट के निशान भी था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सुभासपा नेता नंदिनी राजभर की हत्या के बाद पुलिस ने जब उसके घर की छानबीन की तो उसका मोबाइल फोन, डायरी व कुछ अन्य कागजात गायब थे। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर नंदिनी का मोबाइल फोन और डायरी कहां गए। क्या उसमें कोई राज छिपा था। पुलिस के लिए यह बड़ा सवाल है, जिसका जवाब तलाशने की कोशिश में वह जुटी है।
नंदिनी की हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उसके कमरे से साक्ष्य संकलन किए। बताया जा रहा है कि अच्छेलाल मोबाइल नहीं चलाता था, उसकी पत्नी नंदिनी के पास ही मोबाइल फोन रहता था। घटना के बाद पुलिस ने उसका फोन तलाशने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मिला। सास आरती के अनुसार, नंदिनी अपने पास एक डायरी भी रखती थी। इसके अलावा तमाम कागजात भी उसके कमरे में रहते थे। लेकिन पुलिस को वह डायरी व कागजात भी नहीं मिले। माना जा रहा है कि शायद हत्यारे नंदिनी का फोन, डायरी और कागजात अपने साथ ले गए। लेकिन क्यों ? उनमें ऐसा क्या था जो कोई नहीं चाहता कि वह पुलिस के सामने आए।
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आधी रात में दबोचे गए हत्याकांड के दो आरोपी : नंदिनी राजभर हत्याकांड के दो आरोपी ध्रुप कुमार और पन्ने लाल यादव की गिरफ्तारी रविवार रात करीब ढाई बजे डीघा बाईपास से हुई। वहीं नामजद महिला निर्मता की गिरफ्तारी डीघा गांव स्थित घर से सोमवार की सुबह नौ बजे कोतवाली पुलिस ने की थी। जिनके खिलाफ लिखा-पढ़ी पूरी कर मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर हत्याकांड के राज से पर्दा उठाने की कोशिश में हैं।
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घरवालों का आरोप...पैरवी शुरू करते ही मिलने लगी थी धमकी
संतकबीरनगर। नंदिनी के घरवालों का कहना है कि चचिया ससुर बालकिशुन मामले में उसके पैरवी शुरू करते ही जान से मार डालने की धमकी मिलने लगी थी। मालूम हडीघा गांव निवासी बालकिशुन का शव 29 फरवरी को रेलवे ट्रैक पर पाया गया था। बालकिशुन की पत्नी सरोजा देवी का आरोप है कि पति को शराब पिलाकर बिना पैसा दिए कुछ लोगों ने धोखाधड़ी से उनकी जमीन रजिस्ट्री करा ली। रुपये मांगने पर धमकी देते। साथ ही पति को आत्महत्या के लिए भी उकसाते थे। सरोजा की तहरीर पर पुलिस ने श्रवण, उसके भाई ध्रुपचंद यादव व पन्नेलाल के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस श्रवण को गिरफ्तार कर चुकी है। बाकी दो फरार थे। इधर नंदिनी इस मामले में लगातार सभी उचित स्थानों पर रजिस्ट्री निरस्त करवाने व बकाया रुपये दिलाने के लिए पैरवी करती थी। परिजनों का आरोप है कि इसी पैरवी की वजह से उसे आरोपियों से धमकी मिल रही थी और रविवार दिनदहाड़े उसकी हत्या कर दी गई।
सिर में भारी वस्तु से की गई थी चोट
नंदिनी राजभर के शव का रविवार रात में ही चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। सीओ सिटी ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, नंदिनी की मौत सिर में किसी भारी वस्तु जैसे हथौडे से चोट लगने से हुई। इसके अलावा उसके चेहरे और आंख पर भी चोट के निशान मिले ंहै। उसके दाहिने हाथ पर गहरे कट के निशान भी था।