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Sant Kabir Nagar News: बढ़ते तापमान से घट सकता है गेहूं का उत्पादन
Fri, 10 Mar 2023 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 10 Mar 2023 11:22 PM IST
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अन्य फसलों पर भी पड़ सकता है असर
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बढ़ता तापमान गेहूं की फसल के लिए शुभ संकेत नहीं है। हवा तेज होने पर फसल के गिरने का भी खतरा है। ताममान की अनिश्चितता को लेकर कृषि वैज्ञानिक भी हैरान हैं। किसानों को फसलों की शाम को हल्की सिंचाई करने का सुझाव दिया है।
तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। इसमें सर्वाधिक नुकसान गेहूं की फसल को होने की आशंका है। सरसों, चना व कुछ सब्जियों और फलों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि 30-31 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच चुका है। इससे गेहूं की फसल के लिए नकारात्मक प्रभाव की स्थिति बन रही है। दिन या रात का अधिक तापमान गेहूं के पौधे की स्वसन दर बढ़ा देता है। इससे फसल की अवधि कम हो जाती है, जिससे छोटी बाली में खाली दाना हो जाता है। उपज प्रभावित होती है। इससे बचने के लिए खेत में हल्की नमी होना बेहद आवश्यक है। गेहूं की फसल की सिंचाई किसान शाम को ही करें। दिन में सिंचाई करने से हवा चलने की दशा में फसल के गिरने का खतरा बना रहेगा।
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कृषि विज्ञान केंद्र बगही के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि तापमान के बढ़ने से गेहूं की फसल को खतरे की आशंका है। तापमान की अनिश्चिता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। रात का तापमान गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है। किसानों को डरने की जरूरत नहीं है। गेहूं की फसल को बचाने के लिए खेतों की सिंचाई करना जरूरी है। इस बात का ध्यान रखना होगा कि खेत में नमी बनी रहे।
जिला उद्यान अधिकारी संतोष दूबे ने बताया कि तापमान बढ़ने से फ्लावरी तेज होगा। सब्जियों में फल तेजी के साथ निकलेगे। फलक में वृद्धि होगी। यदि इससे अधिक तापमान बढ़ा तो फलों की गुणवत्ता के साथ उत्पादन पर असर पड़ेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बढ़ता तापमान गेहूं की फसल के लिए शुभ संकेत नहीं है। हवा तेज होने पर फसल के गिरने का भी खतरा है। ताममान की अनिश्चितता को लेकर कृषि वैज्ञानिक भी हैरान हैं। किसानों को फसलों की शाम को हल्की सिंचाई करने का सुझाव दिया है।
तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। इसमें सर्वाधिक नुकसान गेहूं की फसल को होने की आशंका है। सरसों, चना व कुछ सब्जियों और फलों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
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जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि 30-31 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच चुका है। इससे गेहूं की फसल के लिए नकारात्मक प्रभाव की स्थिति बन रही है। दिन या रात का अधिक तापमान गेहूं के पौधे की स्वसन दर बढ़ा देता है। इससे फसल की अवधि कम हो जाती है, जिससे छोटी बाली में खाली दाना हो जाता है। उपज प्रभावित होती है। इससे बचने के लिए खेत में हल्की नमी होना बेहद आवश्यक है। गेहूं की फसल की सिंचाई किसान शाम को ही करें। दिन में सिंचाई करने से हवा चलने की दशा में फसल के गिरने का खतरा बना रहेगा।
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कृषि विज्ञान केंद्र बगही के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि तापमान के बढ़ने से गेहूं की फसल को खतरे की आशंका है। तापमान की अनिश्चिता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। रात का तापमान गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है। किसानों को डरने की जरूरत नहीं है। गेहूं की फसल को बचाने के लिए खेतों की सिंचाई करना जरूरी है। इस बात का ध्यान रखना होगा कि खेत में नमी बनी रहे।
जिला उद्यान अधिकारी संतोष दूबे ने बताया कि तापमान बढ़ने से फ्लावरी तेज होगा। सब्जियों में फल तेजी के साथ निकलेगे। फलक में वृद्धि होगी। यदि इससे अधिक तापमान बढ़ा तो फलों की गुणवत्ता के साथ उत्पादन पर असर पड़ेगा।