{"_id":"5b40fa254f1c1bc1248b50bd","slug":"water-level-of-ghaghara-is-constant","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाघरा की कटान जारी, थमा जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाघरा की कटान जारी, थमा जलस्तर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:06 PM IST
विज्ञापन
घाघरा नदी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैंसर। घाघरा नदी की कटान शनिवार को भी जारी रही। वैसे नदी के जल स्तर में गिरावट दर्ज की गई। नदी की कटान और बांध की स्थिति का जायजा लेने शनिवार को डीएम व एसपी भी पहुंचे। मौके पर मातहतों से आवश्यक जानकारी हासिल करने के बाद डीएम ने बांध की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने का निर्देश दिया।
घाघरा नदी इस वर्ष उसी तरह की कटान कर रही है, जिस तरह वर्ष 2013 में करके एमबीडी बांध और नदी के मध्य बसे गांव तुर्कवलिया नायक, भिखारीपुर को काटते हुए अशरफपुर गांव के आधे हिस्से को अपने में समाहित कर लिया था।
उस समय भी नदी बांध व गांव से काफी दूरी पर जुलाई माह में ही कटान शुरु की थी और अगस्त माह की पहली तारीख को बांध को काट डाली थी। वैसे इस वर्ष उस स्थान पर कटान नहीं हो रही है। कटान पूरब में गायघाट और पश्चिम में पड़रिया गांव के समीप हो रही है।
विज्ञापन
ग्रामीण सुरेमन, नागेंद्र, दीनानाथ, सरयू, पारसनाथ, लालचंद आदि का कहना है कि कटान से बोई गई फसल तो नदी में विलीन हो ही जा रही है। अब कई गांवों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है। यदि इसी गति से कटान होती रही तो जल्द नदी की धारा में लोगों का आशियाना भी समाने लगेगा।
इधर शनिवार को डीएम भूपेंद्र एस चौधरी और एसपी शैलेश कुमार पांडेय तुर्कवलिया नायक गांव के पास उस स्थान पर पहुंचे, जहां वर्ष 2013 में नदी ने तबाही मचा दी थी। अधिकारियों ने मौके का हाल जाना और मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
गांव के लोगों का कहना है कि दो दिन से नदी के जल स्तर में कमी आ रही है, लेकिन कटान पूर्ववत जारी है। कटान के कारण सभी लोग भयभीत हैं। ड्रेनेज खंड के एक्सईएन आर एन यादव ने बताया कि घाघरा और बांध के बीच में अभी एक किलोमीटर का फासला है। नदी कटान जरूर कर रही है,लेकिन जल स्तर काफी नीचे है। बांध को कहीं से कोई खतरा नहीं है।
विज्ञापन
घाघरा नदी इस वर्ष उसी तरह की कटान कर रही है, जिस तरह वर्ष 2013 में करके एमबीडी बांध और नदी के मध्य बसे गांव तुर्कवलिया नायक, भिखारीपुर को काटते हुए अशरफपुर गांव के आधे हिस्से को अपने में समाहित कर लिया था।
विज्ञापन
उस समय भी नदी बांध व गांव से काफी दूरी पर जुलाई माह में ही कटान शुरु की थी और अगस्त माह की पहली तारीख को बांध को काट डाली थी। वैसे इस वर्ष उस स्थान पर कटान नहीं हो रही है। कटान पूरब में गायघाट और पश्चिम में पड़रिया गांव के समीप हो रही है।
विज्ञापन
ग्रामीण सुरेमन, नागेंद्र, दीनानाथ, सरयू, पारसनाथ, लालचंद आदि का कहना है कि कटान से बोई गई फसल तो नदी में विलीन हो ही जा रही है। अब कई गांवों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है। यदि इसी गति से कटान होती रही तो जल्द नदी की धारा में लोगों का आशियाना भी समाने लगेगा।
इधर शनिवार को डीएम भूपेंद्र एस चौधरी और एसपी शैलेश कुमार पांडेय तुर्कवलिया नायक गांव के पास उस स्थान पर पहुंचे, जहां वर्ष 2013 में नदी ने तबाही मचा दी थी। अधिकारियों ने मौके का हाल जाना और मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
गांव के लोगों का कहना है कि दो दिन से नदी के जल स्तर में कमी आ रही है, लेकिन कटान पूर्ववत जारी है। कटान के कारण सभी लोग भयभीत हैं। ड्रेनेज खंड के एक्सईएन आर एन यादव ने बताया कि घाघरा और बांध के बीच में अभी एक किलोमीटर का फासला है। नदी कटान जरूर कर रही है,लेकिन जल स्तर काफी नीचे है। बांध को कहीं से कोई खतरा नहीं है।