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घाघरा नदी का जलस्तर घटने-बढ़ने से दहशत
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धनघटा में घाघरा नदी का बढ रहा जलस्तर।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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घाघरा नदी का जलस्तर घटने-बढ़ने से दहशत
- बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का नहीं हुआ निदान
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। ऐसे में नदी कटान कर रही है। इसके बाद भी बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की समस्या का निदान नहीं हो सका है। लोग परेशान है और प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए हुए है।
घाघरा नदी की कटान से गायघाट दक्षिणी गांव के छह मकान इस साल नदी में समाहित हो चुके हैं। तुर्कवलिया नायक से गायघाट दक्षिणी तक 18 किलोमीटर की लंबाई में एक हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि कट चुकी है। खेती कटने से पशुओं के चारा का संकट उत्पन्न हो गया है। नदी और एमबीडी बांध के बीच बसे 18 गांव करीब एक माह से बाढ़ के चपेट में है। नदी का जलस्तर बढ़ता है तो लोग नाव से सुरक्षित स्थान पर आ जाते हैं। जलस्तर जब कम होने लगता है तो कीचड़ युक्त रास्ते से होकर उन्हें गुजरना पड़ता है। गायघाट दक्षिणी के प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू, सुरेश, रमाकांत, जयप्रकाश, शिवनाथ, पार्वती आदि का कहना है कि एक माह से अधिक से नदी तबाही मचाई हुई है। तभी से विद्युत निगम इस इलाके की विद्युत सप्लाई को भी ठप कर रखा है। जिससे अंधेरे में रहना और खाना पकाना मुश्किल हो गया है। प्रशासन की तरफ से अभी तक किसी प्रकार की मदद नहीं दी गई है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीशचंद्र ने बताया कि घाघरा नदी का जलस्तर शुक्रवार को 79.250 मीटर पर पहुंच गया था, जो शनिवार को घटकर 79.100 मीटर पर आ गया है। नदी के घटने बढने व कटान करने का क्रम जारी है, लेकिन कटान से बांध को किसी तरह का खतरा नहीं है।
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- बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का नहीं हुआ निदान
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। ऐसे में नदी कटान कर रही है। इसके बाद भी बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की समस्या का निदान नहीं हो सका है। लोग परेशान है और प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए हुए है।
घाघरा नदी की कटान से गायघाट दक्षिणी गांव के छह मकान इस साल नदी में समाहित हो चुके हैं। तुर्कवलिया नायक से गायघाट दक्षिणी तक 18 किलोमीटर की लंबाई में एक हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि कट चुकी है। खेती कटने से पशुओं के चारा का संकट उत्पन्न हो गया है। नदी और एमबीडी बांध के बीच बसे 18 गांव करीब एक माह से बाढ़ के चपेट में है। नदी का जलस्तर बढ़ता है तो लोग नाव से सुरक्षित स्थान पर आ जाते हैं। जलस्तर जब कम होने लगता है तो कीचड़ युक्त रास्ते से होकर उन्हें गुजरना पड़ता है। गायघाट दक्षिणी के प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू, सुरेश, रमाकांत, जयप्रकाश, शिवनाथ, पार्वती आदि का कहना है कि एक माह से अधिक से नदी तबाही मचाई हुई है। तभी से विद्युत निगम इस इलाके की विद्युत सप्लाई को भी ठप कर रखा है। जिससे अंधेरे में रहना और खाना पकाना मुश्किल हो गया है। प्रशासन की तरफ से अभी तक किसी प्रकार की मदद नहीं दी गई है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीशचंद्र ने बताया कि घाघरा नदी का जलस्तर शुक्रवार को 79.250 मीटर पर पहुंच गया था, जो शनिवार को घटकर 79.100 मीटर पर आ गया है। नदी के घटने बढने व कटान करने का क्रम जारी है, लेकिन कटान से बांध को किसी तरह का खतरा नहीं है।
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