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Sant Kabir Nagar News: वारंट रिकाॅल प्रार्थनापत्र निरस्त कर भेजा जेल
Tue, 25 Mar 2025 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 25 Mar 2025 11:23 PM IST
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संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट भूपेंद्र राय की कोर्ट ने 14 माह तक न्यायिक कार्यवाही को बाधित करने के आरोपी का वारंट रिकॉल प्रार्थनापत्र निरस्त कर जेल भेज दिया है।
आरोपी अशोक कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी निवासी विसरापार थाना कोतवाली खलीलाबाद के विरुद्ध थाना कोतवाली खलीलाबाद में वर्ष 2017 में केस दर्ज हुआ था। विवेचक ने विवेचना के उपरांत मारपीट, अपशब्द कहने तथा जान से मारने की धमकी देने व एससी एसटी एक्ट में आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपी ने न्यायालय आकर अपनी जमानत कराया। इसके उपरांत 17 फरवरी 2021 को आरोप तय किया गया। पत्रावली साक्ष्य में चल रही थी, परंतु आरोपी के अनुपस्थित होने के कारण न्यायालय की न्यायिक कार्यवाही बाधित हुई। आरोपी के लगातार अनुपस्थित होने के कारण 31 अक्तूबर 2023 को गैर जमानती वारंट जारी था, जिसकी जानकारी आरोपी अशोक कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी को थी। आरोपी ने वारंट रिकॉल प्रार्थना पत्र में कहा था कि अपनी प्राइवेट नौकरी से छुट्टी न मिलने के कारण न्यायालय में उपस्थित नहीं आ सका। कोर्ट ने उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए आरोपी अशोक कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी का प्रस्तुत वारंट रिकॉल प्रार्थना पत्र निरस्त कर जिला कारागार भेज दिया है।
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आरोपी अशोक कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी निवासी विसरापार थाना कोतवाली खलीलाबाद के विरुद्ध थाना कोतवाली खलीलाबाद में वर्ष 2017 में केस दर्ज हुआ था। विवेचक ने विवेचना के उपरांत मारपीट, अपशब्द कहने तथा जान से मारने की धमकी देने व एससी एसटी एक्ट में आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपी ने न्यायालय आकर अपनी जमानत कराया। इसके उपरांत 17 फरवरी 2021 को आरोप तय किया गया। पत्रावली साक्ष्य में चल रही थी, परंतु आरोपी के अनुपस्थित होने के कारण न्यायालय की न्यायिक कार्यवाही बाधित हुई। आरोपी के लगातार अनुपस्थित होने के कारण 31 अक्तूबर 2023 को गैर जमानती वारंट जारी था, जिसकी जानकारी आरोपी अशोक कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी को थी। आरोपी ने वारंट रिकॉल प्रार्थना पत्र में कहा था कि अपनी प्राइवेट नौकरी से छुट्टी न मिलने के कारण न्यायालय में उपस्थित नहीं आ सका। कोर्ट ने उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए आरोपी अशोक कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी का प्रस्तुत वारंट रिकॉल प्रार्थना पत्र निरस्त कर जिला कारागार भेज दिया है।
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