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यूरिया घोटाला : पीसीएफ की जिला प्रबंधक और भंडार नायक निलंबित
Sun, 01 Oct 2023 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 01 Oct 2023 12:40 AM IST
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संतकबीरनगर। पीसीएफ के कोनी स्थित बफर गोदाम से 823.916 मीट्रिक टन यूरिया के घोटाले में पीसीएफ की जिला प्रबंधक और भंडार नायक को निलंबित कर दिया गया। दोनों को मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया। इधर, सहकारिता विभाग मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर प्रकरण की जांच एआर कोऑपरेटिव ने शुरू की, लेकिन अभिलेख नहीं मिलने से जांच आगे नहीं बढ़ पाई।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने जिला कृषि अधिकारी की अगुवाई तीन सदस्यीय गठित कर 23 सितंबर को पीसीएफ बफर गोदाम कोनी में भंडारित उर्वरक का भौतिक सत्यापन कराया था। जांच में स्टाॅक में 823.916 मैट्रिक टन यूरिया गायब मिली। बिना प्वाइंट ऑफ सेल मशीन के उर्वरक की बिक्री होनी पाई गई। किसानों को उर्वरक खरीद की रसीद भी नहीं दी गई है। प्रकरण में दोषी पाए गए भंडार नायक राम सजीवन के खिलाफ ईसी एक्ट के तहत केस दर्ज है। इसकी विवेचना पुलिस ने शुरू कर दी है।
पीसीएफ बस्ती के क्षेत्रीय प्रबंधक चंद्रशेखर ने बताया कि पीसीएफ की जिला प्रबंधक अंजना नायक और भंडार नायक राम सजीवन को निलंबित करते हुए लखनऊ मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया है। प्रकरण की जांच एआर कोऑपरेटिव हरि प्रसाद की टीम कर रही है। वहीं, एआर कोऑपरेटिव हरि प्रसाद ने बताया कि उनके स्तर से समितियों को यूरिया का आवंटन नहीं किया गया है। ऐसे में पीसीएफ गोदाम से किसे और कितनी खाद दी गई, यह जांच का विंदु है। इसकी जांच के लिए शनिवार को पीसीएफ गोदाम पर और जिला प्रबंधक पीसीएफ के कार्यालय गए थे, लेकिन न जो जिला प्रबंधक मिलीं और न ही भंडार नायक। इसके चलते अभिलेख नहीं मिल पाए। अभिलेख मिलने पर जांच कर पता लगाया जाएगा कि आखिर खाद किसे दी गई है। जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय दी जाएगी।
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इंसेट
तीन साल में दूसरी बार निलंबित हुईं पीसीएफ की जिला प्रबंधक
तीन साल के अंदर पीसीएफ की जिला प्रबंधक अंजना नायक दो बार निलंबित हो चुकी हैं। एक बार खरीद के वक्त केंद्र पर बोरा उपलब्ध नहीं होने के प्रकरण में वर्ष 2020 में निलंबित कर दी गई थीं। अब पीसीएफ गोदाम से यूरिया की कालाबाजारी प्रकरण में निलंबित हुई हैं। वह बताती हैं कि उर्वरक को समितियों को दिया गया है। भंडार नायक की तरफ से गलती की गई कि समय से ऑनलाइन संदेश नहीं भेजा गया। उर्वरक बिक्री की रकम को खाते में जमा कराया गया है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भी दी गई है।
इंसेट
पीसीएफ बफर गोदाम कोनी से यूरिया की कालाबाजारी गंभीर प्रकरण है। प्रबंध निदेशक पीसीएफ को पत्र भेजा था। उसके क्रम में पीसीएफ की जिला प्रबंधक और भंडार नायक के खिलाफ कार्रवाई हुई है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। इसमें जो भी लोग दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी। - महेंद्र सिंह तंवर,डीएम
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डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने जिला कृषि अधिकारी की अगुवाई तीन सदस्यीय गठित कर 23 सितंबर को पीसीएफ बफर गोदाम कोनी में भंडारित उर्वरक का भौतिक सत्यापन कराया था। जांच में स्टाॅक में 823.916 मैट्रिक टन यूरिया गायब मिली। बिना प्वाइंट ऑफ सेल मशीन के उर्वरक की बिक्री होनी पाई गई। किसानों को उर्वरक खरीद की रसीद भी नहीं दी गई है। प्रकरण में दोषी पाए गए भंडार नायक राम सजीवन के खिलाफ ईसी एक्ट के तहत केस दर्ज है। इसकी विवेचना पुलिस ने शुरू कर दी है।
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पीसीएफ बस्ती के क्षेत्रीय प्रबंधक चंद्रशेखर ने बताया कि पीसीएफ की जिला प्रबंधक अंजना नायक और भंडार नायक राम सजीवन को निलंबित करते हुए लखनऊ मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया है। प्रकरण की जांच एआर कोऑपरेटिव हरि प्रसाद की टीम कर रही है। वहीं, एआर कोऑपरेटिव हरि प्रसाद ने बताया कि उनके स्तर से समितियों को यूरिया का आवंटन नहीं किया गया है। ऐसे में पीसीएफ गोदाम से किसे और कितनी खाद दी गई, यह जांच का विंदु है। इसकी जांच के लिए शनिवार को पीसीएफ गोदाम पर और जिला प्रबंधक पीसीएफ के कार्यालय गए थे, लेकिन न जो जिला प्रबंधक मिलीं और न ही भंडार नायक। इसके चलते अभिलेख नहीं मिल पाए। अभिलेख मिलने पर जांच कर पता लगाया जाएगा कि आखिर खाद किसे दी गई है। जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय दी जाएगी।
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तीन साल में दूसरी बार निलंबित हुईं पीसीएफ की जिला प्रबंधक
तीन साल के अंदर पीसीएफ की जिला प्रबंधक अंजना नायक दो बार निलंबित हो चुकी हैं। एक बार खरीद के वक्त केंद्र पर बोरा उपलब्ध नहीं होने के प्रकरण में वर्ष 2020 में निलंबित कर दी गई थीं। अब पीसीएफ गोदाम से यूरिया की कालाबाजारी प्रकरण में निलंबित हुई हैं। वह बताती हैं कि उर्वरक को समितियों को दिया गया है। भंडार नायक की तरफ से गलती की गई कि समय से ऑनलाइन संदेश नहीं भेजा गया। उर्वरक बिक्री की रकम को खाते में जमा कराया गया है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भी दी गई है।
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पीसीएफ बफर गोदाम कोनी से यूरिया की कालाबाजारी गंभीर प्रकरण है। प्रबंध निदेशक पीसीएफ को पत्र भेजा था। उसके क्रम में पीसीएफ की जिला प्रबंधक और भंडार नायक के खिलाफ कार्रवाई हुई है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। इसमें जो भी लोग दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी। - महेंद्र सिंह तंवर,डीएम