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शिक्षकों का वेतन रोकना बीईओ पर पड़ा भारी, मिली चेतावनी
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शिक्षकों का वेतन रोकना बीईओ पर पड़ा भारी, मिली चेतावनी
- बिना बीएसए को सूचना दिए रोक दिया तीन शिक्षकों का वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बीएसए को बिना सूचना दिए नाथनगर ब्लॉक के तीन शिक्षकों का वेतन रोकना खंड शिक्षा अधिकारी पर भारी पड़ गया। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को चेतावनी जारी करते हुए बिना उनकी अनुमति के किसी भी शिक्षक का वेतन न रोकने की हिदायत दी है।
बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में आया कि नाथनगर ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी ध्रुव प्रसाद ने अप्रैल माह में ब्लॉक के तीन शिक्षकों का वेतन बिना कारण बाधित कर दिया। इसके साथ ही इसकी सूचना उन्हे नहीं दी और अपनी रिपोर्ट वित्त लेखाधिकारी के पास भेज दिया, जो नियम के तहत नहीं है। बीईओ को चेतावनी जारी करते हुए हुए निर्देश दिया गया है कि बिना उनकी अनुमति के किसी भी शिक्षक का वेतन न बाधित किया जाए। इससे शिक्षकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वेतन बाधित करने की सूचना उन्हे नहीं दी गई है। इसलिए चेतावनी दी जाती है कि भविष्य में किसी भी शिक्षक का वेतन बाधित करने एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रस्ताव अपनी संस्तुति के साथ उनका उपलब्ध कराए। वित्त एवं लेखाधिकारी से किए जाने वाले पत्र व्यवहार की एक प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराया जाए। अगर आगे से इसमें लापरवाही मिली तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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- बिना बीएसए को सूचना दिए रोक दिया तीन शिक्षकों का वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बीएसए को बिना सूचना दिए नाथनगर ब्लॉक के तीन शिक्षकों का वेतन रोकना खंड शिक्षा अधिकारी पर भारी पड़ गया। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को चेतावनी जारी करते हुए बिना उनकी अनुमति के किसी भी शिक्षक का वेतन न रोकने की हिदायत दी है।
बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में आया कि नाथनगर ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी ध्रुव प्रसाद ने अप्रैल माह में ब्लॉक के तीन शिक्षकों का वेतन बिना कारण बाधित कर दिया। इसके साथ ही इसकी सूचना उन्हे नहीं दी और अपनी रिपोर्ट वित्त लेखाधिकारी के पास भेज दिया, जो नियम के तहत नहीं है। बीईओ को चेतावनी जारी करते हुए हुए निर्देश दिया गया है कि बिना उनकी अनुमति के किसी भी शिक्षक का वेतन न बाधित किया जाए। इससे शिक्षकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वेतन बाधित करने की सूचना उन्हे नहीं दी गई है। इसलिए चेतावनी दी जाती है कि भविष्य में किसी भी शिक्षक का वेतन बाधित करने एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रस्ताव अपनी संस्तुति के साथ उनका उपलब्ध कराए। वित्त एवं लेखाधिकारी से किए जाने वाले पत्र व्यवहार की एक प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराया जाए। अगर आगे से इसमें लापरवाही मिली तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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