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Sant Kabir Nagar News: शौचालय के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरे दो मासूम भाई, मौत
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- गड्ढे में भरे पानी में डूब रहे छोटे भाई को बचाने में बड़ा भाई भी डूबा
- खलीलाबाद क्षेत्र के जिगिना गांव में सगे मासूम भाइयों की मौत से मातम
संवाद न्यूज एजेंसी
कांटे (संतकबीरनगर)। खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के जिगिना गांव में शौचालय के लिए खोदे गड्ढे में भरे पानी में डूबने से रविवार को नौ और 11 साल के दो सगे मासूम भाइयों की मौत हो गई। पैर फिसलने से गड्ढे में गिरे छोटे भाई को बचाने गया बड़ा भाई भी उसके साथ डूब गया।
जानकारी के मुताबिक जिगिना गांव के बाहर हाईवे के पास एक मकान बन रहा है। पास में ही शौचालय के निर्माण के लिए गड्ढा खोदा गया है। इस गड्ढे में बारिश का पानी भरा होने से निर्माण कार्य बंद है। जिगिना निवासी दिवाकर का छोटा बेटा शुभम (9) रविवार को गांव में खेल रहा था। इसी दौरान वह शौच के लिए गांव के बाहर चला गया। हाईवे के पास निर्माणाधीन शौचालय के गड्ढे से पानी लेने के लिए शिवम झुका तो पैर फिसल जाने से वह गड्ढे में गिर गया।
शुभम के शोर मचाने पर उसे बचाने के लिए बड़ा भाई सत्यम (11) पहुंचा और उसका हाथ पकड़ने की कोशिश की। सत्यम भी फिसलकर गड्ढे में डूब गया। आसपास के लोगों ने देखा तो दोनों को गड्ढे से बाहर निकाला। आनन-फानन में दोनों बच्चों को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो सगे भाइयों की मौत से गांव में मातम छा गया।
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पोस्टमार्टम कराने से मना किया तो तहसीलदार ने मनाया
- हादसे की जानकारी के बाद बच्चों के पिता मुंबई से गांव के लिए रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी
कांटे। जिगिना गांव में रविवार को दो मासूमों की मौत से मातम छा गया। हादसे की जानकारी पर पुलिस पहुंची तो परिजनों ने बच्चों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार जनार्दन ने समझा-बुझाकर लोगों को पोस्टमार्टम के लिए राजी किया। उधर, सत्यम और शुभम के पिता रोजगार के लिए मुंबई गए हुए थे, हादसे की जानकारी के बाद वह गांव के लिए रवाना हो गए हैं।
जिगिना गांव निवासी दिवाकर के दो मासूम बेटों की मौत की मौत की जानकारी के बाद ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। रिश्तेदार भी दिवाकर के घर पहुंच गए। बच्चों के नाना काशी प्रसाद ने बताया कि सत्यम कक्षा पांच और शुभम कक्षा तीन में गांव के ही प्राइमरी स्कूल में पढ़ता था।
हादसे की जानकारी के बाद पुलिस टीम पहुंची तो परिजनों और रिश्तेदारों ने मासूम बच्चों का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। तहसीलदार के समझाने के बाद लोग राजी हुए। पोस्टमार्टम हाउस पर भी ग्रामीणों और दिवाकर के रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही।
जिला अस्पताल परिसर में डूब गया था नर्स का बच्चा
जिला अस्पताल परिसर में शौचालय के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर एक मासूम की मौत हो चुकी है। तीन साल पहले परिसर में निर्माणाधीन शौचालय का गड्ढा ढका नहीं गया था। गड्ढे में पानी भर गया था। अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स का बच्चा खेलते-खेलते शौचालय के टैंक में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने शौचालय के गड्ढे पर ढक्कन लगवाया था।
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- खलीलाबाद क्षेत्र के जिगिना गांव में सगे मासूम भाइयों की मौत से मातम
संवाद न्यूज एजेंसी
कांटे (संतकबीरनगर)। खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के जिगिना गांव में शौचालय के लिए खोदे गड्ढे में भरे पानी में डूबने से रविवार को नौ और 11 साल के दो सगे मासूम भाइयों की मौत हो गई। पैर फिसलने से गड्ढे में गिरे छोटे भाई को बचाने गया बड़ा भाई भी उसके साथ डूब गया।
जानकारी के मुताबिक जिगिना गांव के बाहर हाईवे के पास एक मकान बन रहा है। पास में ही शौचालय के निर्माण के लिए गड्ढा खोदा गया है। इस गड्ढे में बारिश का पानी भरा होने से निर्माण कार्य बंद है। जिगिना निवासी दिवाकर का छोटा बेटा शुभम (9) रविवार को गांव में खेल रहा था। इसी दौरान वह शौच के लिए गांव के बाहर चला गया। हाईवे के पास निर्माणाधीन शौचालय के गड्ढे से पानी लेने के लिए शिवम झुका तो पैर फिसल जाने से वह गड्ढे में गिर गया।
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शुभम के शोर मचाने पर उसे बचाने के लिए बड़ा भाई सत्यम (11) पहुंचा और उसका हाथ पकड़ने की कोशिश की। सत्यम भी फिसलकर गड्ढे में डूब गया। आसपास के लोगों ने देखा तो दोनों को गड्ढे से बाहर निकाला। आनन-फानन में दोनों बच्चों को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो सगे भाइयों की मौत से गांव में मातम छा गया।
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पोस्टमार्टम कराने से मना किया तो तहसीलदार ने मनाया
- हादसे की जानकारी के बाद बच्चों के पिता मुंबई से गांव के लिए रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी
कांटे। जिगिना गांव में रविवार को दो मासूमों की मौत से मातम छा गया। हादसे की जानकारी पर पुलिस पहुंची तो परिजनों ने बच्चों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार जनार्दन ने समझा-बुझाकर लोगों को पोस्टमार्टम के लिए राजी किया। उधर, सत्यम और शुभम के पिता रोजगार के लिए मुंबई गए हुए थे, हादसे की जानकारी के बाद वह गांव के लिए रवाना हो गए हैं।
जिगिना गांव निवासी दिवाकर के दो मासूम बेटों की मौत की मौत की जानकारी के बाद ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। रिश्तेदार भी दिवाकर के घर पहुंच गए। बच्चों के नाना काशी प्रसाद ने बताया कि सत्यम कक्षा पांच और शुभम कक्षा तीन में गांव के ही प्राइमरी स्कूल में पढ़ता था।
हादसे की जानकारी के बाद पुलिस टीम पहुंची तो परिजनों और रिश्तेदारों ने मासूम बच्चों का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। तहसीलदार के समझाने के बाद लोग राजी हुए। पोस्टमार्टम हाउस पर भी ग्रामीणों और दिवाकर के रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही।
जिला अस्पताल परिसर में डूब गया था नर्स का बच्चा
जिला अस्पताल परिसर में शौचालय के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर एक मासूम की मौत हो चुकी है। तीन साल पहले परिसर में निर्माणाधीन शौचालय का गड्ढा ढका नहीं गया था। गड्ढे में पानी भर गया था। अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स का बच्चा खेलते-खेलते शौचालय के टैंक में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने शौचालय के गड्ढे पर ढक्कन लगवाया था।