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Sant Kabir Nagar News: अंडरपास निर्माण के लिए आईं दो क्रेन, ब्लॉक न मिलने से लौटी

Wed, 15 May 2024 03:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Wed, 15 May 2024 03:04 AM IST
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Two cranes came for underpass construction, returned after not getting the block
मुखलिसपुर रेलवे क्राॅसिंग पर ढाचा को लाइन के नीचे करना था फिट
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- 20 मीटर गार्डर लगाया जाना
- मानसून आने पर ठप हो जाएगा कार्य, शहरवासियों में मायूसी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मुखलिसपुर रेलवे क्राॅसिंग पर अंडरपास निर्माण में ढांचे को लाइन के नीचे फीट करने लिए मंगलवार को दो क्रेनें आईं। इससे 20 मीटर गार्डर लगाया जाना था, लेकिन क्रेने वापस चली गईं। अधिकारियों के मुताबिक ब्लॉक नहीं मिल पाया। कई दिन बीत जाने के बाद मशीनें वापस चली गईं। इससे शहरवासियों में उम्मीद जगी थी कि मानसून के दस्तक देने से पहले निर्माण कार्य समाप्त हो जाएगा। लेकिन अब उन्हें मायूसी हाथ लगी है। रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है।
शहर के मुखलिसपुर रोड स्थित रेलवे क्राॅसिंग पर अंडरपास का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो। वजह यह है कि अभी लोगों को करीब डेढ़ किलोमीटर घूमकर ओवरब्रिज से होकर आना-जाना पड़ता है। यही नहीं आसपास के दुकानदारों का कारोबार भी चौपट हो गया है। इससे पहले भी एक बार क्रेन आई थी। लेकिन उसे वापस लौटना पड़ा था।
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नहीं मिला ब्लॉक, बीत गए छह दिन
खलीलाबाद मुखलिसपुर रेलवे क्राॅसिंग पर अंडरपास के लिए डीआरएम ऑफिस से ब्लॉक मिलना था, ताकि कासन लिया जा सके। इसके लिए सात मई को उच्चाधिकारियों का पत्र भी आया था। ऐसे में क्रेन और अन्य व्यवस्था की गई थी, लेकिन अभी तक ब्लॉक नहीं मिल पाया। करीब छह दिन इंतजार करने के बाद मशीनें वापस चली गईं।
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क्राॅसिंग बंद होने से 50 हजार की आबादी प्रभावित

मुखलिसपुर रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से 50 हजार की आबादी प्रभावित है। शहर दो हिस्सों में बटा हुआ है। अगर किसी को शहर में आना है तो उसे ओवरब्रिज पर चढ़कर आना पड़ेगा। इसके लिए करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। जबकि अंडरपास बनने से 100 मीटर में चलकर ही शहर में प्रवेश कर लेते। इससे समय की बचत साथ किराया भी कम खर्च होता।
गार्डर लगाने के लिए एक तरफ से तीन घंटे लगेगा समय
रेलवे ट्रैक पर एक तरफ से गार्डर लगाने के लिए करीब तीन घंटे का समय लगना है। यदि ब्लॉक मिल जाए तो दो दिन में यह कार्य पूर्ण जाएगा, लेकिन उदासीनता के चलते अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है।

बोले शहरवासी
मुखलिसपुर रेलवे क्राॅसिंग पर अंडरपास बन रहा है। यहां क्रेन आई थी, लेकिन वापस चली गई। यदि मानसून से पहले कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

- मुन्ना पांडेय, औद्योगिक क्षेत्र

अंडरपास का निर्माण कार्य पूर्ण न होने से ओवरब्रिज से होकर आना-जाना पड़ता है। आस-पास के लोगाें का कारोबार भी चौपट हो गया है। ऐसे में अंडरपास के निर्माण में तेजी लाए जाने की जरूरत है।

- महेश जायसवाल, मुखलिसपुर

बोले जिम्मेदार
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मशीनें मंगाई गई थीं। ढ़ाचे को फिट करने के लिए कासन लेना था, ताकि गार्डर लगाया जा सके। लेकिन ब्लॉक नहीं मिल पाया। कई दिन बीत जाने के बाद मशीनें वापस जा रही हैं। आश्वासन मिला है कि जल्द ही ब्लॉक मिल जाएगा। इसके बाद कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।
- अतुल कुमार, अवर अभियंता, रेलवे
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