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Sant Kabir Nagar News: ई-रिक्शा से तकनीकी छेड़छाड़ पर परिवहन विभाग सख्त

Sat, 04 Jul 2026 12:17 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 12:17 AM IST
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Transport Department cracks down on technical tampering with e-rickshaws.
संतकबीरनगर। जनपद में ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सतर्क हो गया है। ई-रिक्शा के संचालन में तकनीकी हस्तक्षेप और कथित रूप से 'बीएटी बीएमएस' नामक मोबाइल एप के दुरुपयोग की शिकायतों के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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परिवहन विभाग के अनुसार शिकायतें मिली हैं कि कुछ असामाजिक तत्व कथित तौर पर उक्त मोबाइल एप के माध्यम से ई-रिक्शा की तकनीकी प्रणाली से छेड़छाड़ करने का प्रयास कर रहे हैं। आशंका जताई गई है कि इस तरह के हस्तक्षेप से चलती ई-रिक्शा अचानक रुक सकता है, हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
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एआरटीओ प्रियंवदा सिंह ने बताया कि आधुनिक ई-रिक्शा में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) तकनीक लगी होती है, जो बैटरी के संचालन और निगरानी के लिए उपयोग की जाती है। यदि इस तकनीकी प्रणाली में किसी प्रकार का अनधिकृत हस्तक्षेप किया जाता है, तो वाहन का संचालन प्रभावित हो सकता है। पूरे मामले की तकनीकी और साइबर स्तर पर जांच कराई जा रही है।
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उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा मनोरंजन या शरारत के उद्देश्य से इस प्रकार की गतिविधियां किए जाने की शिकायतें मिली हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया गया है। किसी भी वाहन के संचालन में अनधिकृत हस्तक्षेप सीधे लोगों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
परिवहन अधिकारी ने चेतावनी दी कि जांच में यदि कोई व्यक्ति ई-रिक्शा चालकों को परेशान करने, वाहन संचालन में बाधा उत्पन्न करने या तकनीकी दुरुपयोग में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराकर गिरफ्तारी कराई जाएगी।

एआरटीओ ने बताया कि विभाग की तरफ से स्थानीय पुलिस और साइबर सेल को भी मामले पर नजर रखने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। साथ ही ई-रिक्शा चालकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, तकनीकी गड़बड़ी या छेड़छाड़ की आशंका होने पर तत्काल परिवहन विभाग या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
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