{"_id":"6556561967e483f748046dfb","slug":"told-everyone-that-allah-is-only-one-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-5586-2023-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: अल्लाह सिर्फ एक है सबको बता दिया...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: अल्लाह सिर्फ एक है सबको बता दिया...
Thu, 16 Nov 2023 11:19 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 16 Nov 2023 11:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्लाह सिर्फ एक है सबको बता दिया...
सेमरियावां। ब्लाॅक के सालेपुर में सैयद शाह मोहम्मद अशरफ शहीद उर्फ दादा मियां के 60वें उर्स के दूसरे दिन बुधवार की रात नातिया मुशायरा आयोजित किया गया। जिसमें कई शायरों ने नातिया कलाम पेश किया।
अफजल मंगलोरी के शेर ..अल्लाह सिर्फ एक है सबको बता दिया, आका ने पत्थरों को भी कलमा पढ़ा दिया... खूब सराहा गया। उनका शेर था ...कलम रुका ना खुदाए करीम लिखने में, पसीना छूटा मुहम्मद की नीम लिखने में...। उमर फारुकी ने कहा ...काबा को है ये नाज विलादत यहां हुई, तैबा की सरजमीन को हिजरत पे नाज है...। डाॅ. ओम प्रकाश बेसुध ने ...ना समझ को यह भला समझाए कौन, जाहिलियत इल्म बन सकती नहीं...सुनाकर वाहवाही बटोरी। वासिफ फारुकी ने ...तुम अपनी महलों से अलगाव बांटते हो मगर, हम अपनी कब्र से भी इत्तेहाद बांटते है...सुनाकर तालियां बटारीं। इसके अलावा मेराज, सगीर नूरी, इकबाल, कलीम दानिश, उसमान मीनाई, जुनेद अशरफी ने कलाम पेश किया। कार्यक्रम की संचालन वासिफ फारुकी और अध्यक्षता सैयद रफात अशरफ ने की। इस दौरान सैयद फिरोज अशरफ, सैयद निजाम अशरफ, सैयद दानिश, सैयद यजदानी, पूर्व प्रधान सिमनानी अशरफ, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सैयद तारिक़ हुसैन, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रमजान अली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सेमरियावां। ब्लाॅक के सालेपुर में सैयद शाह मोहम्मद अशरफ शहीद उर्फ दादा मियां के 60वें उर्स के दूसरे दिन बुधवार की रात नातिया मुशायरा आयोजित किया गया। जिसमें कई शायरों ने नातिया कलाम पेश किया।
अफजल मंगलोरी के शेर ..अल्लाह सिर्फ एक है सबको बता दिया, आका ने पत्थरों को भी कलमा पढ़ा दिया... खूब सराहा गया। उनका शेर था ...कलम रुका ना खुदाए करीम लिखने में, पसीना छूटा मुहम्मद की नीम लिखने में...। उमर फारुकी ने कहा ...काबा को है ये नाज विलादत यहां हुई, तैबा की सरजमीन को हिजरत पे नाज है...। डाॅ. ओम प्रकाश बेसुध ने ...ना समझ को यह भला समझाए कौन, जाहिलियत इल्म बन सकती नहीं...सुनाकर वाहवाही बटोरी। वासिफ फारुकी ने ...तुम अपनी महलों से अलगाव बांटते हो मगर, हम अपनी कब्र से भी इत्तेहाद बांटते है...सुनाकर तालियां बटारीं। इसके अलावा मेराज, सगीर नूरी, इकबाल, कलीम दानिश, उसमान मीनाई, जुनेद अशरफी ने कलाम पेश किया। कार्यक्रम की संचालन वासिफ फारुकी और अध्यक्षता सैयद रफात अशरफ ने की। इस दौरान सैयद फिरोज अशरफ, सैयद निजाम अशरफ, सैयद दानिश, सैयद यजदानी, पूर्व प्रधान सिमनानी अशरफ, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सैयद तारिक़ हुसैन, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रमजान अली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन