{"_id":"6738dce835bdd8918f070950","slug":"today-the-district-is-expected-to-get-1115-mt-dap-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-123918-2024-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: आज जिले को 1115 एमटी डीएपी मिलने की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: आज जिले को 1115 एमटी डीएपी मिलने की उम्मीद
Sat, 16 Nov 2024 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 16 Nov 2024 11:26 PM IST
विज्ञापन
- बिना पीओएस मशीन के वितरण पर होगी कार्रवाई
संतकबीरनगर। जिला कृषि अधिकारी डाॅ सर्वेश कुमार यादव ने बताया वर्तमान में साधन सहकारी समितियों पर अब तक रबी सीजन में 1510 एमटी डीएपी उर्वरक का वितरण समिति के माध्यम से किया जा चुका है। बताया कि 17 नवंबर को खलीलाबाद जनपद के रैक बिंदु पर इफ्को की रैक लगने की उम्मीद है। जिसमें जनपद को लगभग 1115 एमटी डीएपी मिल रही है। जिसका आवंटन जिला उर्वरक समिति द्वारा करा दिया गया है।
जनपद में फास्फेटिक उर्वरकों में डीएपी एनपीके, एसएसपी सहित कुल 6429 एमटी फास्फेटिक उर्वरक उपलब्ध है। जिसे किसान सुगमता से रबी फसलों में प्रयोग कर सकते हैं। राजकीय बीज भंडारों में जिन नवीन उन्नतशील बीजों का आवंटन कृषकों के वितरण के लिए किया जाता है, उसमें प्रदेश सरकार द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान नवीन प्रजातियों के प्रोत्साहन के लिए प्रदान किया जाता है।
सभी निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रेताओं को भी निर्देशित किया है कि किसानों को पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक के वितरण करने के साथ रसीद भी उपलब्ध कराएं। अगर कही निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रक के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संतकबीरनगर। जिला कृषि अधिकारी डाॅ सर्वेश कुमार यादव ने बताया वर्तमान में साधन सहकारी समितियों पर अब तक रबी सीजन में 1510 एमटी डीएपी उर्वरक का वितरण समिति के माध्यम से किया जा चुका है। बताया कि 17 नवंबर को खलीलाबाद जनपद के रैक बिंदु पर इफ्को की रैक लगने की उम्मीद है। जिसमें जनपद को लगभग 1115 एमटी डीएपी मिल रही है। जिसका आवंटन जिला उर्वरक समिति द्वारा करा दिया गया है।
जनपद में फास्फेटिक उर्वरकों में डीएपी एनपीके, एसएसपी सहित कुल 6429 एमटी फास्फेटिक उर्वरक उपलब्ध है। जिसे किसान सुगमता से रबी फसलों में प्रयोग कर सकते हैं। राजकीय बीज भंडारों में जिन नवीन उन्नतशील बीजों का आवंटन कृषकों के वितरण के लिए किया जाता है, उसमें प्रदेश सरकार द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान नवीन प्रजातियों के प्रोत्साहन के लिए प्रदान किया जाता है।
विज्ञापन
सभी निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रेताओं को भी निर्देशित किया है कि किसानों को पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक के वितरण करने के साथ रसीद भी उपलब्ध कराएं। अगर कही निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रक के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन