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हत्या के मामले में दो को उम्रकैद
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हत्या के मामले में दो को उम्रकैद
महुली के नाथनगर में 2009 में हुई थी हत्या
जमीन को लेकर दोनों पक्षों में चल रहा था विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। दस वर्ष पूर्व महुली क्षेत्र के नाथनगर में दलित युवक रामकेश की हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी दीपकांत मणि ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से भी लगाया गया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
रामकेश महुली थाना क्षेत्र के नाथनगर के रहने वाले थे। उनके पिता राजाराम ने 14 मई 2009 को दी तहरीर में कहा था कि उनका रामनिवास से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। हत्या वाले दिन रामनिवास अपने बेटे योगेंद्र से घर पर बैठकर बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान गांव के राजेश शुक्ला वहां पहुंचे। उन्होंने रामनिवास की लाइसेंसी बंदूक योगेंद्र को देकर हत्या के लिए उकसाया। इस पर योगेंद्र ने रामकेश के दरवाजे पर पहुंचकर उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी ने दोषी पाए जाने पर योगेंद्र व राजेश शुक्ल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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महुली के नाथनगर में 2009 में हुई थी हत्या
जमीन को लेकर दोनों पक्षों में चल रहा था विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। दस वर्ष पूर्व महुली क्षेत्र के नाथनगर में दलित युवक रामकेश की हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी दीपकांत मणि ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से भी लगाया गया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
रामकेश महुली थाना क्षेत्र के नाथनगर के रहने वाले थे। उनके पिता राजाराम ने 14 मई 2009 को दी तहरीर में कहा था कि उनका रामनिवास से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। हत्या वाले दिन रामनिवास अपने बेटे योगेंद्र से घर पर बैठकर बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान गांव के राजेश शुक्ला वहां पहुंचे। उन्होंने रामनिवास की लाइसेंसी बंदूक योगेंद्र को देकर हत्या के लिए उकसाया। इस पर योगेंद्र ने रामकेश के दरवाजे पर पहुंचकर उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी ने दोषी पाए जाने पर योगेंद्र व राजेश शुक्ल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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