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Sant Kabir Nagar News: बीत गए तीन साल, धोबी घाट योजना नहीं चढ़ी परवान
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धोबीघाट न होने के कारण बरई टोले में स्थित पोखरे में कपड़ा घोती धोबी।संवाद
नए सिरे से शुरू हुई पहल, बनेगा धोबी घाट, फाइलों में ही दबकर रह गई योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर के समय माता मंदिर पोखरे पर धोबी घाट बनाने की योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। करीब तीन साल पहले इसके लिए प्रस्ताव बनाया गया था, लेकिन योजना फाइलों में ही दबकर रह गई। जिसकी वजह से इस समाज के लोगों को मजबूरी में लाडिंग मशीन खरीदनी पड़ रही है। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पिछले बोर्ड की बैठक में शहर के समय माता मंदिर स्थित पोखरे पर धोबी घाट बनाए जाने की योजना को पास किया गया था। इसके तहत घाट पर धोबी समाज के लिए पाट बनाने के सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना था, लेकिन वर्तमान में समय माता मंदिर पोखरे का जीर्णोद्धार हो रहा है। जिससे यहां पहले से कपड़ा धुलने वाले धोबी समाज को वहां से हटना पड़ा है। ऐसे में कई लोगों को लाडि्ंग मशीन खरीदने को मजबूर हुए हैं। गरीब तबके के लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। समाज के रामजीत, जुगानू आदि ने बताया कि धोबी घाट न होने से कपड़ा धुलने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
नए सिरे से शुरू हुई पहल, सात स्थान चिह्नित
धोबी घाट के लिए नगर पालिका प्रशासन ने नए सिरे से पहल की है। इसके तहत शहर के सात स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां धोबी घाट का निर्माण होगा। इसमें तितौवा, पटखौली, बरई टोला, धोबी टोला, डीघा, खटौली आदि शामिल हैं। नगर पालिका परिषद के चेयरमैन जगत जायसवाल ने कहा कि समय माता मंदिर पोखरे का जीर्णोद्धार हो रहा है, इस कारण धोबी समाज को वहां से हटना पड़ा है। अब सात स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां पर धोबी घाट का निर्माण जल्द ही होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर के समय माता मंदिर पोखरे पर धोबी घाट बनाने की योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। करीब तीन साल पहले इसके लिए प्रस्ताव बनाया गया था, लेकिन योजना फाइलों में ही दबकर रह गई। जिसकी वजह से इस समाज के लोगों को मजबूरी में लाडिंग मशीन खरीदनी पड़ रही है। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पिछले बोर्ड की बैठक में शहर के समय माता मंदिर स्थित पोखरे पर धोबी घाट बनाए जाने की योजना को पास किया गया था। इसके तहत घाट पर धोबी समाज के लिए पाट बनाने के सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना था, लेकिन वर्तमान में समय माता मंदिर पोखरे का जीर्णोद्धार हो रहा है। जिससे यहां पहले से कपड़ा धुलने वाले धोबी समाज को वहां से हटना पड़ा है। ऐसे में कई लोगों को लाडि्ंग मशीन खरीदने को मजबूर हुए हैं। गरीब तबके के लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। समाज के रामजीत, जुगानू आदि ने बताया कि धोबी घाट न होने से कपड़ा धुलने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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नए सिरे से शुरू हुई पहल, सात स्थान चिह्नित
धोबी घाट के लिए नगर पालिका प्रशासन ने नए सिरे से पहल की है। इसके तहत शहर के सात स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां धोबी घाट का निर्माण होगा। इसमें तितौवा, पटखौली, बरई टोला, धोबी टोला, डीघा, खटौली आदि शामिल हैं। नगर पालिका परिषद के चेयरमैन जगत जायसवाल ने कहा कि समय माता मंदिर पोखरे का जीर्णोद्धार हो रहा है, इस कारण धोबी समाज को वहां से हटना पड़ा है। अब सात स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां पर धोबी घाट का निर्माण जल्द ही होगा।
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