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जिसे तैरना न आए वह नदी और पोखरों में न जाएं : डीएम
Thu, 25 Jul 2024 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 25 Jul 2024 01:42 AM IST
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- डीएम ने जनपद वासियों से जनहानि को देखते की अपील
संतकबीरनगर। डीएम महेन्द्र सिंह तंवर ने जनपद के समस्त नागरिकों, ग्राम प्रधानों से अपील की है कि नदियों, तालाबों अथवा अन्य जल स्रोतों के पास बच्चों को न जाने दें। जल स्रोतों में डूबने के कारण जनहानि होती है। इसलिए सतर्कता बरतने और जागरूकता फैलाने का हरसंभव प्रयास करें।
बताया है कि जल स्रोतों में डूबने व फंसने की स्थिति में राहत पाने के लिए एंबुलेंस-108, पुलिस सहायता-112 व राहत आपदा कंट्रोल रूम-1070 पर फोन कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। डीएम ने डूबने से बचाव के लिए सुरक्षा के उपाय के विवरण में बताया है कि यदि तैरना न आता हो तो नदी, नहर, नाले अथवा तालाब आदि में बिल्कुल न जाएं एवं स्वजन को भी जाने से रोकें। बच्चों को पुलिया एवं ऊंचे टीलों से पानी में कूद कर स्नान करने से रोकें।
डीएम ने कहा कि जल स्रोतों में डूबने के कारण मृत्यु होने पर चार लाख रुपये देने का प्रावधान है, जिसके लिए (पोस्टमार्टम एवं पंचनामा अनिवार्य), शारीरिक दिव्यांग होने पर 74 हजार से दो लाख 50 हजार, मकान की क्षति होने पर चार हजार से एक लाख 20 हजार, पशु की मृत्यु होने पर चार हजार से 37 हजार 500 तथा फसल की क्षति होने पर आठ हजार 500 से 22 हजार 500 रूपये आपदा पीड़ित को देने का प्रावधान किया गया है।
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संतकबीरनगर। डीएम महेन्द्र सिंह तंवर ने जनपद के समस्त नागरिकों, ग्राम प्रधानों से अपील की है कि नदियों, तालाबों अथवा अन्य जल स्रोतों के पास बच्चों को न जाने दें। जल स्रोतों में डूबने के कारण जनहानि होती है। इसलिए सतर्कता बरतने और जागरूकता फैलाने का हरसंभव प्रयास करें।
बताया है कि जल स्रोतों में डूबने व फंसने की स्थिति में राहत पाने के लिए एंबुलेंस-108, पुलिस सहायता-112 व राहत आपदा कंट्रोल रूम-1070 पर फोन कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। डीएम ने डूबने से बचाव के लिए सुरक्षा के उपाय के विवरण में बताया है कि यदि तैरना न आता हो तो नदी, नहर, नाले अथवा तालाब आदि में बिल्कुल न जाएं एवं स्वजन को भी जाने से रोकें। बच्चों को पुलिया एवं ऊंचे टीलों से पानी में कूद कर स्नान करने से रोकें।
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डीएम ने कहा कि जल स्रोतों में डूबने के कारण मृत्यु होने पर चार लाख रुपये देने का प्रावधान है, जिसके लिए (पोस्टमार्टम एवं पंचनामा अनिवार्य), शारीरिक दिव्यांग होने पर 74 हजार से दो लाख 50 हजार, मकान की क्षति होने पर चार हजार से एक लाख 20 हजार, पशु की मृत्यु होने पर चार हजार से 37 हजार 500 तथा फसल की क्षति होने पर आठ हजार 500 से 22 हजार 500 रूपये आपदा पीड़ित को देने का प्रावधान किया गया है।
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