{"_id":"6654c79c6632d821bc02f509","slug":"there-is-no-facility-for-thyroid-test-in-the-district-hospital-it-takes-two-days-to-get-it-done-from-outside-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-115111-2024-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: जिला अस्पताल में थायराइड जांच की सुविधा नहीं, बाहर से कराने पर लगते हैं दो दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: जिला अस्पताल में थायराइड जांच की सुविधा नहीं, बाहर से कराने पर लगते हैं दो दिन
Mon, 27 May 2024 11:19 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 27 May 2024 11:19 PM IST
विज्ञापन
- जांच के लिए लखनऊ अथवा गोरखपुर भेजा जाता है, सीएमएस बोले- जल्द उपलब्ध होगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में थायराइड के जांच की सुविधा न तो जिला अस्पताल में है और न ही किसी निजी पैथोलॉजी में है। अगर कोई जांच के लिए सैंपल देता है तो उसे लखनऊ अथवा गोरखपुर भेजा जाता है, जिसमें रिपाेर्ट आने में दो दिन का समय लग जाता है। इससे मरीज परेशान होते हैं और मर्ज बढ़ता जाता है।
गौरतलब है कि जिला अस्पताल, एमसीएच विंग और सीएचसी पर थायराइड जांच की सुविधा नहीं है। मजबूरी में लोग निजी लैब में सैंपल देते हैं। लैब वाले सैंपल को गोरखपुर और लखनऊ जांच के लिए भेजते हैं। इसके एवज में 500 से 600 रुपये लेते हैं और रिपोर्ट दो दिन बाद देते हैं। थायराइड की बीमारी महिलाओं में अधिक होती है। औसतन दस में सात महिलाएं इससे पीड़ित हैं।
गर्भवती महिलाओं की थायराइड जांच जरूरी
जिला अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एसआर कन्नौजिया ने बताया कि थायराइड की जांच गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी है। थायराइड दो प्रकार का होता है। इसमें हाइपोथायराइड होने पर वजन अचानक बढ़ने लगता है। व्यक्ति का काम में मन नहीं लगता है। पैरों में सूजन आ जाता है। यह 30 से 60 साल की महिलाओं में अधिक होता है। दूसरा हायपर थायराइड होता है। इसमें अचानक वजन कम होने लगता है। ऐसे में गर्मी बर्दाश्त नहीं होती है। मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। गर्भवती महिला को जांच कराते रहना चाहिए।
विज्ञापन
थायराइड जांच की सुविधा जिला अस्पताल में नहीं है। इसके लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है। मशीन आते ही इसकी जांच शुरू करा दी जाएगी, जिससे लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
- डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में थायराइड के जांच की सुविधा न तो जिला अस्पताल में है और न ही किसी निजी पैथोलॉजी में है। अगर कोई जांच के लिए सैंपल देता है तो उसे लखनऊ अथवा गोरखपुर भेजा जाता है, जिसमें रिपाेर्ट आने में दो दिन का समय लग जाता है। इससे मरीज परेशान होते हैं और मर्ज बढ़ता जाता है।
गौरतलब है कि जिला अस्पताल, एमसीएच विंग और सीएचसी पर थायराइड जांच की सुविधा नहीं है। मजबूरी में लोग निजी लैब में सैंपल देते हैं। लैब वाले सैंपल को गोरखपुर और लखनऊ जांच के लिए भेजते हैं। इसके एवज में 500 से 600 रुपये लेते हैं और रिपोर्ट दो दिन बाद देते हैं। थायराइड की बीमारी महिलाओं में अधिक होती है। औसतन दस में सात महिलाएं इससे पीड़ित हैं।
विज्ञापन
गर्भवती महिलाओं की थायराइड जांच जरूरी
जिला अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एसआर कन्नौजिया ने बताया कि थायराइड की जांच गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी है। थायराइड दो प्रकार का होता है। इसमें हाइपोथायराइड होने पर वजन अचानक बढ़ने लगता है। व्यक्ति का काम में मन नहीं लगता है। पैरों में सूजन आ जाता है। यह 30 से 60 साल की महिलाओं में अधिक होता है। दूसरा हायपर थायराइड होता है। इसमें अचानक वजन कम होने लगता है। ऐसे में गर्मी बर्दाश्त नहीं होती है। मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। गर्भवती महिला को जांच कराते रहना चाहिए।
विज्ञापन
थायराइड जांच की सुविधा जिला अस्पताल में नहीं है। इसके लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है। मशीन आते ही इसकी जांच शुरू करा दी जाएगी, जिससे लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
- डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमएस, जिला अस्पताल