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Sant Kabir Nagar News: जलस्तर घट-बढ़ रहा, मुश्किलें जस की तस
Sat, 23 Aug 2025 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 23 Aug 2025 12:20 AM IST
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ढोलबजवा गांव का टोला हर तरफ से पानी से घिर गया है।
महुली। धनघटा तहसील क्षेत्र में स्थित सरयू के उपधारा के बीच स्थित द्वाबा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। घट-बढ़ रहे सरयू नदी के जलस्तर से लोग चिंतित हैं। नदी की उपधाराओं और मार्गों पर पानी जमा होने से लोगों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। वहीं फसलें पानी में डूबने से खराब हो रही हैं वहीं किसानों के सामने पशुओं के लिए हरे चारे का संकट है। फिलहाल सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर नीचे है। 20 घंटे में नदी का जलस्तर पूरी तरह से स्थिर है। धनघटा के दियारा क्षेत्र में स्थित 32 गांवों के लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। 24 दिन से लोग इन परेशानियों से जूझ रहे हैं। घरों और गांवों के चारों तरफ पानी लगा हुआ है।
खेत और चारागाह पानी से डूबे हुए हैं। गांव में जाने वाले रास्तों पर पानी जमा होने से क्षेत्र के लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भी नाव का ही सहारा लेना पड़ रहा है। किसानों की डूबी फसलें अब खराब हो रही हैं। रामपुर के सीताराम बताते हैं कि इस समय नदी लगातार घट-बढ़ रही है। नदी की यह गति काफी डराने वाली है।
वहीं गायघाट के लालचन्द्र कहते हैं कि नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था, अब इसमें कमी आई है लेकिन गाद फसलों को उपर से दबा चुकी है। वहीं पशुओं का चारा भी डूबा हुआ है। नकहा के रामप्रीत बताते हैं कि नदी की स्थिति यह है कि वह बांधों पर निरंतर दबाव बनाए हुए हैं। तुर्कवलिया के रामप्रीत कहते हैं कि बांधों पर बढ़ रहा यह दबाव नदी के बांधों को अस्थिर कर सकता है। क्योंकि जब बंधे के एक तरफ जब पानी रहता है तो वह बंधे के अंदर रिसता है। इस क्षेत्र बढ़ैपुरवा के राम सिंह यादव बताते हैं कि बंधे लगातार गीले हो रहे हैं, लेकिन दलदल जैसी स्थिति नहीं आई है।
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खेत और चारागाह पानी से डूबे हुए हैं। गांव में जाने वाले रास्तों पर पानी जमा होने से क्षेत्र के लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भी नाव का ही सहारा लेना पड़ रहा है। किसानों की डूबी फसलें अब खराब हो रही हैं। रामपुर के सीताराम बताते हैं कि इस समय नदी लगातार घट-बढ़ रही है। नदी की यह गति काफी डराने वाली है।
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वहीं गायघाट के लालचन्द्र कहते हैं कि नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था, अब इसमें कमी आई है लेकिन गाद फसलों को उपर से दबा चुकी है। वहीं पशुओं का चारा भी डूबा हुआ है। नकहा के रामप्रीत बताते हैं कि नदी की स्थिति यह है कि वह बांधों पर निरंतर दबाव बनाए हुए हैं। तुर्कवलिया के रामप्रीत कहते हैं कि बांधों पर बढ़ रहा यह दबाव नदी के बांधों को अस्थिर कर सकता है। क्योंकि जब बंधे के एक तरफ जब पानी रहता है तो वह बंधे के अंदर रिसता है। इस क्षेत्र बढ़ैपुरवा के राम सिंह यादव बताते हैं कि बंधे लगातार गीले हो रहे हैं, लेकिन दलदल जैसी स्थिति नहीं आई है।
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