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संत कबीर नगर: तीसरी बार बगैर जांच के लौट गई टीम
Wed, 15 Feb 2023 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 15 Feb 2023 11:27 PM IST
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शौचालय निर्माण में अनियमितता की होनी है जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार के बेलौरा गांव में शौचालय निर्माण समेत अन्य विकास कार्यों की जांच करने पहुंची जांच टीम बुधवार को भी बैरंग लौट गई। इसके पहले दो बार जांच टीम लौट चुकी है।
गांव निवासी संतोष कुमार दुबे ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर बेलौरा गांव में शौचालय समेत अन्य विकास कार्यों में जांच कराने की मांग की थी। संतोष दुबे ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी ने दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर बुधवार को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी संजय यादव और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनोज कुमार जांच करने पहुंचे।
जांच के दौरान प्रधान पक्ष के लोग मौजूद नहीं रहे, जबकि शिकायतकर्ता एक-एक बिंदु पर जांच करने पर अड़ा रहा। जांच अधिकारी बेलौरा गांव के कौलही टोला में शौचालय की जांच कर रहे थे। उसी समय रोजगार सेवक ने उन्हें गलत जानकारी दे दी। लाभार्थी से पूछे जाने पर शौचालय का निर्माण पूर्व प्रधान लक्ष्मी नारायण दुबे द्वारा कराया जाना बताया गया।
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इस पर जांच अधिकारी भड़क गए। उन्होंने एडीओ पंचायत गजानन पाल और रोजगार सेवक को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि शिकायतकर्ता को सभी शौचालयों की सूची उपलब्ध करा दी जाए। उसके बाद जांच की जाएगी। जांच अधिकारी बगैर जांच पूरा किए लौट गए। शिकायतकर्ता संतोष कुमार दुबे ने बताया कि तीसरी बार जांच करने आए थे और बगैर जांच पूरी किए चले गए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार के बेलौरा गांव में शौचालय निर्माण समेत अन्य विकास कार्यों की जांच करने पहुंची जांच टीम बुधवार को भी बैरंग लौट गई। इसके पहले दो बार जांच टीम लौट चुकी है।
गांव निवासी संतोष कुमार दुबे ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर बेलौरा गांव में शौचालय समेत अन्य विकास कार्यों में जांच कराने की मांग की थी। संतोष दुबे ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी ने दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर बुधवार को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी संजय यादव और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनोज कुमार जांच करने पहुंचे।
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जांच के दौरान प्रधान पक्ष के लोग मौजूद नहीं रहे, जबकि शिकायतकर्ता एक-एक बिंदु पर जांच करने पर अड़ा रहा। जांच अधिकारी बेलौरा गांव के कौलही टोला में शौचालय की जांच कर रहे थे। उसी समय रोजगार सेवक ने उन्हें गलत जानकारी दे दी। लाभार्थी से पूछे जाने पर शौचालय का निर्माण पूर्व प्रधान लक्ष्मी नारायण दुबे द्वारा कराया जाना बताया गया।
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इस पर जांच अधिकारी भड़क गए। उन्होंने एडीओ पंचायत गजानन पाल और रोजगार सेवक को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि शिकायतकर्ता को सभी शौचालयों की सूची उपलब्ध करा दी जाए। उसके बाद जांच की जाएगी। जांच अधिकारी बगैर जांच पूरा किए लौट गए। शिकायतकर्ता संतोष कुमार दुबे ने बताया कि तीसरी बार जांच करने आए थे और बगैर जांच पूरी किए चले गए।