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Sant Kabir Nagar News: बेसिक शिक्षा विभाग में शुरू होगा शारदा कार्यक्रम
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मेंहदावल। बेसिक शिक्षा विभाग सात से 14 वर्ष के ड्रॉप आउट बच्चों को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शारदा कार्यक्रम शुरू कर रहा है। इसके तहत प्रत्येक गांव में बच्चों को चिह्नित कर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में उनकी उम्र के अनुसार कक्षा में नामांकन होगा।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया विभाग ने ड्रॉप आउट बच्चों को चिह्नित करने की कार्ययोजना तैयार कर ली है। जिन बच्चों ने किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ दी है, उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर फिर से विद्यालय से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में नोडल शिक्षक तैनात किए जाएंगे। वहीं इन बच्चों को शैक्षणिक व भावनात्मक रूप से मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य करेंगे।
चिह्नित बच्चों का शैक्षिक मूल्यांकन कर उनकी उम्र के अनुसार कक्षा निर्धारित की जाएगी। यह प्रशिक्षण उसी विद्यालय परिसर में चलेगा, जहां बच्चों का नामांकन होगा। उद्देश्य यह है कि बच्चे न केवल अकादमिक रूप से सक्षम बनें, बल्कि कक्षा के अन्य बच्चों के साथ सहजता से घुल-मिल सकें।
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अभियान का उद्देश्य सात से 14 वर्ष के आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करना, विशेष रूप से प्रशिक्षण देकर उम्र के अनुसार कक्षा में नामांकन कराना, प्रत्येक विद्यालय में नोडल शिक्षक की तैनाती, बच्चों के शैक्षणिक व भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
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बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया विभाग ने ड्रॉप आउट बच्चों को चिह्नित करने की कार्ययोजना तैयार कर ली है। जिन बच्चों ने किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ दी है, उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर फिर से विद्यालय से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में नोडल शिक्षक तैनात किए जाएंगे। वहीं इन बच्चों को शैक्षणिक व भावनात्मक रूप से मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य करेंगे।
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चिह्नित बच्चों का शैक्षिक मूल्यांकन कर उनकी उम्र के अनुसार कक्षा निर्धारित की जाएगी। यह प्रशिक्षण उसी विद्यालय परिसर में चलेगा, जहां बच्चों का नामांकन होगा। उद्देश्य यह है कि बच्चे न केवल अकादमिक रूप से सक्षम बनें, बल्कि कक्षा के अन्य बच्चों के साथ सहजता से घुल-मिल सकें।
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अभियान का उद्देश्य सात से 14 वर्ष के आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करना, विशेष रूप से प्रशिक्षण देकर उम्र के अनुसार कक्षा में नामांकन कराना, प्रत्येक विद्यालय में नोडल शिक्षक की तैनाती, बच्चों के शैक्षणिक व भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।