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Sant Kabir Nagar News: करमैनी-बेलौली बांध की सुरक्षा ठोकरों और परक्यूपाइन के भरोसे, दहशत

Mon, 16 Jun 2025 11:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Mon, 16 Jun 2025 11:17 PM IST
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The safety of Karmani-Belauli dam depends on the stumbling blocks and porcupines, panic
मेंहदावल। तहसील क्षेत्र के पूर्वी कछार में राप्ती नदी की बाढ़ से सुरक्षा देने के लिए बनाए गए करमैनी-बेलौली बांध की मरम्मत की निर्धारित समय सीमा समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद बाढ़ से बचाव की तैयारियां अभी अधूरी हैं। अब हालत यह है कि पुरानी ठोकरों और परक्यूपाइन पर बांध की सुरक्षा का सारा दारोमदार है। इसको लेकर ग्रामीण अभी से दहशत में हैं। राप्ती नदी पर स्थित करमैनी-बेलौली बांध पर बाढ़ बचाव की अधूरी तैयारियों से कछारवासियों को सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। अतिसंवेदनशील कटान स्थलों पर सुरक्षा के लिए भी कोई इंतजाम नहीं किया गया है। राप्ती नदी पर बने 19.2 किमी लंबे करमैनी-बेलौली बांध पर अनेक स्थानों पर रेन कट से बांध कमजोर हो चुका है। वहीं तीन साल पहले तटबंध की सुरक्षा के लिए लगाए गए ठोकरों के भरोसे ही बांध की सुरक्षा छोड़ दी गई है।
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इन पुरानी ठोकरों में लगाए गए परक्यूपाइन को भी नहीं भरा गया है। कछार निवासी अजय कुमार त्रिपाठी, इंग्लेश दूबे, अमरनाथ, शिवम, शिवनाथ, दिवाकर विक्रम सिंह समेत कई कछार वासियों की बातों पर यदि ध्यान दिया जाए तो इस वर्ष बांध की मरम्मत के नाम पर कोई भी काम नहीं कराया जा सका है।
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आपदा प्रबंधन निधि से कुछ स्थानों पर मरम्मत का काम हुआ, लेकिन वह भी बाढ़ से बचाव के लिए नाकाफी है। ग्रामीणों का कहना है कि मानसून आने से पहले तटबंध की मरम्मत और सुरक्षा के लिए आवंटित धन का सही उपयोग नहीं हुआ है और कई काम अधूरे हैं। तटबंध के कुछ हिस्सों का निर्माण मानकों के अनुसार नहीं किया गया है, जिससे ग्रामीणों में चिंता है।
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बांध के कुछ हिस्सों में कटान और रेन कट हैं। अतिसंवेदनशील स्थानों पर भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने बांध की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है।
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