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बिना उद्घाटन के ही ग्राम पंचायत सचिवालय हुए ‘जर्जर’
sant kabir nagar
Updated Sat, 06 Aug 2016 11:40 PM IST
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बदहाल हो रहे ग्राम पंचायत सचिवालय।
- फोटो : अमर उजाला
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ग्रामीणों को भाग दौड़ से बचाने और उनके सभी कार्य गांव स्तर पर निपटाने के उद्देश्य से शासन ने हैंसर और पौली ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में दो वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत सचिवालय भवन का निर्माण कराया। लेकिन इन भवनों का उद्घाटन तक नहीं हुआ और भवन बदहाल होने लगे हैं।
अभी मात्र दो वर्ष हुए कि क्षेत्र के दुलमपुर, मदरा, परसहर, घोरहट, जगदीशपुर, सिरसी समेत कई गांवों में ग्राम पंचायत भवन का निर्माण कराया गया। एक भवन के निर्माण करीब 12 लाख रुपये खर्च हुए। भवन निर्माण गुणवत्ता विहीन होने और रखरखाव का अभाव ने दो वर्ष के भीतर ही सरकार की मंशा पर पानी फेर दिया। ग्रामीण जगदीश, सुरेंद्र, प्रभुनाथ, जगदेव, रामप्रसाद आदि का कहना है कि अभी ग्राम सचिवालय में ग्राम पंचायत का काम शुरू ही नही हुआ भवन ग्राम पंचायत को हस्तांरित ही नहीं हुआ कि उसके पहले ही सचिवालय जर्जर हो चुके हैं।
जिससे सरकार द्वारा खर्च किए गए लाखों रुपये पानी में चले गए। गांव वालों का कहना है कि इतना ही नही दरवाजा, खिड़की तो लोग उठा ही ले गए। अब ईंट भी गायब हो जा रही है। बीडीओ सौरभ कुमार पांडेय का कहना है कि कार्यदायी संस्था द्वारा भवन अभी हैंडओवर नहीं हुआ है जिसके कारण ग्राम पंचायत का कार्य उसमें नहीं हो पा रहा है।
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अभी मात्र दो वर्ष हुए कि क्षेत्र के दुलमपुर, मदरा, परसहर, घोरहट, जगदीशपुर, सिरसी समेत कई गांवों में ग्राम पंचायत भवन का निर्माण कराया गया। एक भवन के निर्माण करीब 12 लाख रुपये खर्च हुए। भवन निर्माण गुणवत्ता विहीन होने और रखरखाव का अभाव ने दो वर्ष के भीतर ही सरकार की मंशा पर पानी फेर दिया। ग्रामीण जगदीश, सुरेंद्र, प्रभुनाथ, जगदेव, रामप्रसाद आदि का कहना है कि अभी ग्राम सचिवालय में ग्राम पंचायत का काम शुरू ही नही हुआ भवन ग्राम पंचायत को हस्तांरित ही नहीं हुआ कि उसके पहले ही सचिवालय जर्जर हो चुके हैं।
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जिससे सरकार द्वारा खर्च किए गए लाखों रुपये पानी में चले गए। गांव वालों का कहना है कि इतना ही नही दरवाजा, खिड़की तो लोग उठा ही ले गए। अब ईंट भी गायब हो जा रही है। बीडीओ सौरभ कुमार पांडेय का कहना है कि कार्यदायी संस्था द्वारा भवन अभी हैंडओवर नहीं हुआ है जिसके कारण ग्राम पंचायत का कार्य उसमें नहीं हो पा रहा है।
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