{"_id":"6574beb480704f36b90c6564","slug":"the-responsibility-of-freeing-from-monkey-menace-rests-on-gram-sabha-and-nagar-panchayat-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-6586-2023-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: बंदरों के उत्पात से मुक्त कराने की जिम्मेदारी ग्राम सभा व नगर पंचायत पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: बंदरों के उत्पात से मुक्त कराने की जिम्मेदारी ग्राम सभा व नगर पंचायत पर
विज्ञापन
- वन विभाग नहीं पकड़ेगा बंदर, शासन ने जारी किया आदेश
मेंहदावल। घरों, बाजारों और रास्ते में उत्पात मचाने वाले बंदरों को वन विभाग नहीं पकड़ेगा। इसकी जिम्मेदारी अब ग्राम सभा और नगर पंचायत को सौंपी गई है। यह आदेश विशेष सचिव वन एवं पर्यावरण ने जारी किया है।
नगर पंचायत क्षेत्र में रहने वाले लोग बंदर के उत्पात से परेशान है तो इसके लिए पंचायत प्रशासन से गुहार लगाएंगे। यदि ग्रामीण इलाके में बंदर के उत्पात से मुक्त होना है तो ग्राम प्रधान को प्रार्थना पत्र देना होगा। यह आदेश बंदर पकड़ने के लिए आईजीआरएस की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए विशेष सचिव वन एवं पर्यावरण ने जारी किया है। आदेश का पालन कराने के लिए मुख्य वन संरक्षक प्रशासन दीपक कुमार ने विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है। बंदर पकड़ने के सभी मामलों को बंद करते हुए शिकायत करने वालों को सूचित करें कि वह इसके लिए नगर निकाय व ग्राम पंचायत में प्रार्थना पत्र दें। वन विभाग के इस आदेश के बाद नगर के लोगों को बंदर पकड़वाने के लिए नगर पंचायत के चक्कर काटने पड़ेंगे। वहीं ग्राम प्रधान को पत्र देने के साथ विकासखंड तक दौड़ लगानी हागी।
बंदर के उत्पात से होने वाले नुकसान को देखते हुए वन विभाग की जगह नगर निकाय और ग्राम पंंचायत को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ताकि बंदरों के आतंक से निजात दिलाई जा सके। इस संबंध में मुख्य वन संरक्षक प्रशासन ने निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद वन विभाग का बंदर पकड़ने का काम नहीं रह गया है।
विज्ञापन
रामसूरत यादव, रेंजर बेलहर कला
विज्ञापन
मेंहदावल। घरों, बाजारों और रास्ते में उत्पात मचाने वाले बंदरों को वन विभाग नहीं पकड़ेगा। इसकी जिम्मेदारी अब ग्राम सभा और नगर पंचायत को सौंपी गई है। यह आदेश विशेष सचिव वन एवं पर्यावरण ने जारी किया है।
नगर पंचायत क्षेत्र में रहने वाले लोग बंदर के उत्पात से परेशान है तो इसके लिए पंचायत प्रशासन से गुहार लगाएंगे। यदि ग्रामीण इलाके में बंदर के उत्पात से मुक्त होना है तो ग्राम प्रधान को प्रार्थना पत्र देना होगा। यह आदेश बंदर पकड़ने के लिए आईजीआरएस की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए विशेष सचिव वन एवं पर्यावरण ने जारी किया है। आदेश का पालन कराने के लिए मुख्य वन संरक्षक प्रशासन दीपक कुमार ने विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है। बंदर पकड़ने के सभी मामलों को बंद करते हुए शिकायत करने वालों को सूचित करें कि वह इसके लिए नगर निकाय व ग्राम पंचायत में प्रार्थना पत्र दें। वन विभाग के इस आदेश के बाद नगर के लोगों को बंदर पकड़वाने के लिए नगर पंचायत के चक्कर काटने पड़ेंगे। वहीं ग्राम प्रधान को पत्र देने के साथ विकासखंड तक दौड़ लगानी हागी।
विज्ञापन
बंदर के उत्पात से होने वाले नुकसान को देखते हुए वन विभाग की जगह नगर निकाय और ग्राम पंंचायत को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ताकि बंदरों के आतंक से निजात दिलाई जा सके। इस संबंध में मुख्य वन संरक्षक प्रशासन ने निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद वन विभाग का बंदर पकड़ने का काम नहीं रह गया है।
विज्ञापन
रामसूरत यादव, रेंजर बेलहर कला