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Sant Kabir Nagar News: धरातल पर नहीं उतरी शहर में मिनी बस स्टैंड बनाने की योजना
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संतकबीरनगर। यात्रियों की सहूलियत के लिए शहर में तीन जगहों पर मिनी बस स्टैंड बनाने की योजना है। इसके लिए स्थान भी चिह्नित किए गए हैं, लेकिन यह योजना अभी फाइलों में सिमटकर रह गई है। स्थिति यह है कि मिनी बस स्टैंड का काम शुरू न होने से यात्रियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं।
इसकी वजह यह है कि शहर में अभी तक बस डिपो की स्थापना नहीं हुई है। ऐसे में लंबी दूरी की बसें ओवरब्रिज से पहले ही यात्रियों को उतार देती हैं। यात्रियों को सामान सहित चौराहे तक पैदल आना पड़ता है। शहर में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है।
मेंहदावल बाईपास चौराहे का चौड़ीकरण कराया गया और सीसीटीवी लगवाए गए, वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए शहर के तीन स्थानों पर मिनी बस स्टैंड बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कराया। मार्च 2024 में बने इस प्रस्ताव के तहत शहर के नेदुला चौराहा, नई तहसील और औद्योगिक क्षेत्र के पास स्थान चिह्नित किया गया।
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मिनी बस स्टैंड का उद्देश्य यह था इन स्थानों पर रोडवेज की बसें रुकेंगी और यात्रियों को ्रसहूलियत मिलेगी, लेकिन अब तक इस योजना पर कार्य शुरू नहीं हो सका है। यह स्थिति तब है जब आबादी लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में शहर की आबादी करीब एक लाख से ऊपर पहुंच गई है।
यात्रियों को मेंहदावल बाईपास पर बस पकड़ने के लिए आने की मजबूरी है, लेकिन यहां पर भी न तो यात्री शेड की व्यवस्था है और न ही बैठने के लिए बेंच आदि की व्यवस्था हो सकी है। यात्री दिलीप कुमार, बजरंगी प्रसाद आदि ने बताया कि मिनी बस स्टैंड न होने से काफी दिक्कत हो रही है। लंबी दूरी की बसें ओवरब्रिज से होकर चली जाती हैं, जिससे बाईपास से पहले उतरने की मजबूरी रहती है। सामान के साथ चौराहे तक आने में दिक्कत होती है। यदि मिनी बस स्टैंड बन जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है।-- -- -- -- --
बसों के चालक-परिचालक को बस ओवरब्रिज से नीचे से होकर जाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई बस चालक ओवरब्रिज से होकर जाएगा, तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-आयुष भटनागर, एआरएम, बस्ती
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जमीन की बाधा हुई दूर, बस डिपो के कार्य में आई तेजी
वर्ष 1997 में जिले का सृजन हुआ, लेकिन अभी तक बस डिपो की स्थापना नहीं हो पाई है। हालांकि शहर से करीब नौ किलोमीटर दूर मीरगंज में बस डिपो और कार्यशाला बनाने का शुरू कराया गया है। यहां परिवहन निगम ने पांच दुकानों का निर्माण छत के स्तर तक पूरा कर लिया है, जबकि परिसर में जमीन को लेकर जो आपत्तियां थी, उसका भी निस्तारण प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद हो गया है। ऐसे में निर्माण कार्य में अब तेजी आ गई है। परिवहन निगम के मुताबिक बस डिपो और कार्यशाला के लिए करीब 14 करोड़ 80 लाख का बजट शासन ने उपलब्ध कराया है।
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मीरगंज में जहां बस डिपो बन रहा है वह शहर से काफी दूर है। इसको ध्यान में रखकर यात्रियों की सुविधा के लिए शहर में तीन स्थानों पर मिनी बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव तैयार कराया गया है। अभी इसकी स्वीकृति नहीं मिली है। स्वीकृति के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे ही स्वीकृति मिल जाएगी, कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-जगत जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, खलीलाबाद
इसकी वजह यह है कि शहर में अभी तक बस डिपो की स्थापना नहीं हुई है। ऐसे में लंबी दूरी की बसें ओवरब्रिज से पहले ही यात्रियों को उतार देती हैं। यात्रियों को सामान सहित चौराहे तक पैदल आना पड़ता है। शहर में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है।
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मेंहदावल बाईपास चौराहे का चौड़ीकरण कराया गया और सीसीटीवी लगवाए गए, वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए शहर के तीन स्थानों पर मिनी बस स्टैंड बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कराया। मार्च 2024 में बने इस प्रस्ताव के तहत शहर के नेदुला चौराहा, नई तहसील और औद्योगिक क्षेत्र के पास स्थान चिह्नित किया गया।
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मिनी बस स्टैंड का उद्देश्य यह था इन स्थानों पर रोडवेज की बसें रुकेंगी और यात्रियों को ्रसहूलियत मिलेगी, लेकिन अब तक इस योजना पर कार्य शुरू नहीं हो सका है। यह स्थिति तब है जब आबादी लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में शहर की आबादी करीब एक लाख से ऊपर पहुंच गई है।
यात्रियों को मेंहदावल बाईपास पर बस पकड़ने के लिए आने की मजबूरी है, लेकिन यहां पर भी न तो यात्री शेड की व्यवस्था है और न ही बैठने के लिए बेंच आदि की व्यवस्था हो सकी है। यात्री दिलीप कुमार, बजरंगी प्रसाद आदि ने बताया कि मिनी बस स्टैंड न होने से काफी दिक्कत हो रही है। लंबी दूरी की बसें ओवरब्रिज से होकर चली जाती हैं, जिससे बाईपास से पहले उतरने की मजबूरी रहती है। सामान के साथ चौराहे तक आने में दिक्कत होती है। यदि मिनी बस स्टैंड बन जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है।
बसों के चालक-परिचालक को बस ओवरब्रिज से नीचे से होकर जाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई बस चालक ओवरब्रिज से होकर जाएगा, तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-आयुष भटनागर, एआरएम, बस्ती
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जमीन की बाधा हुई दूर, बस डिपो के कार्य में आई तेजी
वर्ष 1997 में जिले का सृजन हुआ, लेकिन अभी तक बस डिपो की स्थापना नहीं हो पाई है। हालांकि शहर से करीब नौ किलोमीटर दूर मीरगंज में बस डिपो और कार्यशाला बनाने का शुरू कराया गया है। यहां परिवहन निगम ने पांच दुकानों का निर्माण छत के स्तर तक पूरा कर लिया है, जबकि परिसर में जमीन को लेकर जो आपत्तियां थी, उसका भी निस्तारण प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद हो गया है। ऐसे में निर्माण कार्य में अब तेजी आ गई है। परिवहन निगम के मुताबिक बस डिपो और कार्यशाला के लिए करीब 14 करोड़ 80 लाख का बजट शासन ने उपलब्ध कराया है।
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मीरगंज में जहां बस डिपो बन रहा है वह शहर से काफी दूर है। इसको ध्यान में रखकर यात्रियों की सुविधा के लिए शहर में तीन स्थानों पर मिनी बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव तैयार कराया गया है। अभी इसकी स्वीकृति नहीं मिली है। स्वीकृति के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे ही स्वीकृति मिल जाएगी, कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-जगत जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, खलीलाबाद