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महोत्सव की जगह आध्यात्मिक संत यात्रा और कबीर उत्सव होगा

Thu, 07 Jan 2021 10:32 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2021 10:32 PM IST
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The place of the festival will be spiritual saint Yatra and Kabir festival
महोत्सव की जगह आध्यात्मिक संत यात्रा और कबीर उत्सव होगा
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संतकबीरनगर। सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली पर 12 से 18 के बीच मगहर महोत्सव का आयोजन अब नहीं होगा। इसकी जगह संत कबीर के महापरिनिर्वाण दिवस पर फरवरी में तीन दिवसीय आध्यात्मिक संत यात्रा सहित कबीर उत्सव का आयोजन होगा। इस आयोजन में संतकबीर के प्राकट्य स्थल वाराणसी के लहरतारा से मगहर तक आध्यात्मिक जागरूकता यात्रा निकाली जाएगी।
प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम की ओर से डीएम को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रदेश की संत परंपरा अत्यंत्र समृद्घ व महत्वपूर्ण है। समाज में व्याप्त असमानता और आमजन की निराशा के बीच 12वीं-13वीं शताब्दी के आसपास भारत वर्ष के अनेक क्षेत्रों, जैसे पंजाब में गुरु नानक जी, छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास, महाराष्ट्र में संत तुकाराम, संत गाडगे महाराज, मुक्ताबाई, कांशी में संतकबीर और संत रविदास, गोरखपुर में गुुुरु गोरक्षनाथ समेत देश में लगभग सभी क्षेत्रों में नाथ, सिद्ध पंथियों, निर्गुण संतों की सुदीर्घ परंपरा स्वत: स्फूर्ति से पुष्पित-पल्वित हुई। संतकबीर महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर 23 से 25 फरवरी तक तीन दिवसीय आध्यात्मिक संत यात्रा समेत कबीर उत्सव का आयोजन मगहर में किया जाना प्रस्तावित है। इस आयोजन में संतकबीरनगर के प्राकट्य स्थल लहरतारा, वाराणसी से मगहर तक आध्यात्मिक यात्रा का प्रस्ताव है।
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डीएम दिव्या मित्तल ने बताया कि मगहर में आयोजित होने वाले मगहर महोत्सव को भी इसी आयोजन के साथ जोड़ दिया गया है। निर्गुणिया यात्रा लहरतारा से शुरू होकर 200 किलोमीटर दूर मगहर पहुंचेगी। एक स्थान पर निर्गुण गायन किया जाएगा तथा एक स्थान पर रात्रि विश्राम का प्रस्ताव है। दोनों स्थलों का चयन डीएम और महोत्सव समिति के सहयोग से किया जाएगा। इन स्थलों पर यात्रा के साथ चलने वाले कबीर पंथी, रविदास पंथी, गोरख पंथी, संतों के गायन के साथ स्थानीय कलाकारों को भी मंच प्रदान किया जाएगा। तीन दिन दोनों स्थलों पर हथकरघा की प्रदर्शनी, प्रशिक्षण और बिक्री के विशेेष आयोजन किए जाएंगे। निर्गुण संतों के जीवन, उनके संघर्षों व वाणी पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन दोनों स्थलों पर किया जाएगा। गोरखपुर विश्वविद्यालय के सहयोग से भगवान बुद्ध, गुरु गोरक्षनाथ, रविदास एवं कबीर दास जी की वाणी की प्रासंगिता पर सेमिनार, वेबिनार प्रस्तावित है। वेबिनार के माध्यम से देश और विदेश के कबीर पंथी विद्वानों, अनुयायियों व गायकों की प्रस्तुतियां भी की जाएंगी।
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निर्गुण पंथ पर आधारित वार्षिक पत्रिका का भी विमोचन होगा। श्रम की महत्ता, निर्गुण संतों का संदेश विषय पर चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। स्कूलों में निर्गुण संतों पर आधारित नाट्य प्रोत्साहन योजना संचालित की जाएगी, जिसमें ऐसे नाट्य लेखकों तथा मंचीय प्रस्तुतियों में शामिल लोगों को सम्मानित किया जाएगा। निर्गुण संतों के जीवन, संघर्षों एवं गीतों पर आधारित गायन, लेखन आदि की प्रतियोगिताएं स्कूलों में संचालित की जाएगी। विश्वविद्यालयों में निर्गुण संतों की महत्ता पर आधारित विशेष पीठ की स्थापना तथा संतों के विचारों पर विशेष सेमिनार, गायन आदि से नई पीढ़ी को संत परंपरा के प्रति जागरूक किया जाएगा। -----
23 फरवरी को पूर्वाह्न दस बजे से लहरतारा, वाराणसी से निर्गुणिया यात्रा निकलेगी। उसमें कबीर पंथी, नानक पंथी, रविदास पंथी, नाथ पंथी, निर्गुण पंथी संतों की यात्रा सुसज्जित रथों पर, दो स्थानों पर आयोजन करते हुए रात्रि विश्राम तथा प्रात: सात बजे यात्रा पुन: शुरू होगी।
24 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे निर्गुणिया यात्रा का मगहर संतकबाीरनगर पहुंच कर समापन होगा। 23 फरवरी की शाम छह बजे लहरतारा, वाराणसी में कबीरपंथी गायन-पद्मश्री प्रहलाद टिपाडियां, देवास, का कबीर पंथी नृत्य दिन में और शाम को विमल बावरा वाराणसी का कबीर गायन कार्यक्रम होगा।
23 फरवरी को मगहर में शाम छह बजे नूरन सिस्टर्स का पंजाबी सूफी गायन, राजस्थान के बाबा रामदेव का राई नृत्य, निर्गुण गायन होगा। 24 फरवरी की शाम छह बजे लहरतारा, वाराणसी में कबीर भजन पद्मश्री मालिनी अवस्थी प्रस्तुत करेंगी। रविदास मठ के गायक भजन प्रस्तुत करेंगे। घासी दास के गीतों का गायन बिलासपुर के सतनामी कलाकार प्रस्तुत करेंगे। 24 फरवरी मगहर में विधि शर्मा अंतर्मन की आवाज प्रस्तुत करेंगी। मंजुल मिष्टिक बैंड, मुंबई की ओर से कार्यक्रम व कबीर खड़ा बाजार में नाटक का मंचन होगा।

25 फरवरी लहरतारा, वाराणसी में कोलकाता के कलाकार की ओर से बाउल गायन, कच्छ की गीता बेन का कबीर गायन, नीरज कबीर बैंड मुंबई और शबनम विरवानी का कार्यक्रम होगा। 25 फरवरी मगहर में मूरा ताला, मारवाड़ की ओर से कबीर गायन, वडाली ब्रदर्श अमृतसर की तरफ से सूफी गायन प्रस्तुत किया जाएगा। फिर मुंबई के शेखर सेन का कार्यक्रम होगा।
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