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नोट बदलने उमड़े लोग, शाम होते-होते एटीएम खाली
Sant Kabir Nagar
Updated Sat, 12 Nov 2016 11:28 PM IST
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एचडीएफसी बैंक में नोट बदलने और एटीएम से रकम निकालने के लिए लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
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पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने का असर बाजार में दिखने लगा। हाल यह है कि शनिवार को दो बैंकों के एटीएम से रकम निकलनी शुरू हुई, लेकिन शाम तक ये भी जवाब दे गए। उधर, बैंकों में सुबह से ही लोग नोट बदलने और जमा करने वाले सुबह से ही बैंकों में जुटने लगे। जैसे बैंक खुलने का समय निकट आया बैंकों के बाहर लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। भीड़ नियंत्रित करने के लिए बैंक कर्मियों और पुलिस के पसीने छूट गए।
स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर सुबह से ही नोट जाम करने व बदलने के लिए लोगों की भीड़ लगने शुरू हो गई थी। दस बजते-बजते भीड़ इस कदर बढ़ गई कि गैलरी में बाहर तक लाइन लग गई, यहां पुलिस कर्मी लगातार भीड़ को नियंत्रित करने दिखे। यह सिलसिला शाम तक बना रहा। ऐसी ही स्थिति पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा पर भी दिखी। यहां मिले सर्वदानंद पांडेय ने बताया कि अपने खाते से दस हजार की निकासी करने के लिए विड्राल फार्म भरा थे, लेकिन बैंक कर्मियों ने यह कहकर उसे चार हजार करा दिया कि अभी इससे ज्यादा नहीं दे सकते हैं, जब नई नोट आ जाएगी तो फिर और रकम निकालिएगा।
नगर सहकारी बैंक में नोट बदलने वालों को सिर्फ एक हजार रुपये ही दिए गए। डाकघर में ग्राहकों के पांच सौ व एक हजार के नोट जमा कराए गए। नोट बदलने के लिए यहां कोई व्यवस्था नहीं थी। कारण यह बताया गया कि अभी नए नोट नहीं आए हैं। नोट आने के बाद ही बदलने का काम शुरू होगा। बैंक आफ बड़ौदा की गोलाबाजार शाखा में भीड़ के कारण अव्यवस्था की स्थिति दिखी। बैंक कर्मियों से कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी, जिसके कारण लोग परेशान रहे। दूसरी तरफ जिला मुख्यालय पर स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा का एटीएम शनिवार को खुला रहा। यहां पर पैसा निकालने वालों की भारी भीड़ लगी रही। ऐसी ही स्थिति एचडीएफसी बैंक के एटीएम की भी रही। यहां पर सुबह से ही पैसा निकालने वालों की भीड़ लग गई थी। शाम तक लंबी लाइन लगी रही।
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पैसा निकालने के लिए लाइन में खड़े महेंद्र कुमार ने बताया कि तीन घंटे से अधिक का समय हो गया है। उन्होंने कहा कि पैसा निकालने के बाद ही वापस जाएंगे। शहर में जहां कुछ एटीएम खुले वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम बंद रहे, जिसके कारण लोगों को नोट बदलने व जमा करने के लिए बैंकों में घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ा। एसबीआई खलीलाबाद की मुख्य शाखा के सहायक प्रबंधक पंकज सिंह ने बताया कि करीब 600 से अधिक लोगों ने 28 लाख रुपये बदला। जबकि 125 लोगों और अन्य बैंकों का मिलाकर करीब 22 करोड़ रुपये जमा हुआ। एक्सिस बैंक के शाखा प्रबंधक विश्वजीत राय ने बताया कि 600 लोगों ने टांजेक्शन किया। पीएनबी के प्रबंधक राजेश पांडेय ने बताया कि दो करोड़ 73 लाख 78 हजार 500 रुपये का टांजेक्शन हुआ है। वहीं स्टेट बैक हरिहरपुर के प्रबंधक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि 238 लोगों ने 40 लाख रुपये जमा किया। जबकि 12,000 रुपये बदले गए।
पेट्रोल पंपों पर छोटे नोट का टोटा ः शनिवार को पेट्रोल पंप खुले रहे, लेकिन यहां छोटे नोट का टोटा रहा। लोग पांच सौ व एक हजार के नोट लेकर तेल भरवाने पहुंच रहे थे, जिसके कारण पेट्रोल पंप कर्मियों से झिकझिक होती रही। हालांकि जो लोग छोटी नोट दे रहे थे, उन्हें आसानी से डीजल व पेट्रोल मिल जा रहा था।
समय से पहले बंद हो गए बैंक ः एसबीआई हरिहरपुर पर नोट बदलने और जमा करने वालों की भीड़ लगी थी। बैंक पर आए शैलेंद्र पांडेय, जितेंद्र पटेल, संजय कुमार निषाद, राहुल यादव, बब्बन तिवारी,सत्येंद्र ,विष्णु आदि का आरोप था बैक को साढे तीन बजे की बंद कर दिया गया। जिससे लोगों का काम नहीं हुआ। इसी तरह धनघटा और हैंसर और पौली क्षेत्र में भी कई बैंक की शाखाएं निर्धारित समय से पहले की बंद हो गए। ऐसी शिकायतें लोग करते फिर रहे थे। हरिहरपुर स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि बैंक में एक मात्र कैशियर है। बैक को चार बंदकर उच्चाधिकारियों को ब्यौरा देने का काम किया गया।
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स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर सुबह से ही नोट जाम करने व बदलने के लिए लोगों की भीड़ लगने शुरू हो गई थी। दस बजते-बजते भीड़ इस कदर बढ़ गई कि गैलरी में बाहर तक लाइन लग गई, यहां पुलिस कर्मी लगातार भीड़ को नियंत्रित करने दिखे। यह सिलसिला शाम तक बना रहा। ऐसी ही स्थिति पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा पर भी दिखी। यहां मिले सर्वदानंद पांडेय ने बताया कि अपने खाते से दस हजार की निकासी करने के लिए विड्राल फार्म भरा थे, लेकिन बैंक कर्मियों ने यह कहकर उसे चार हजार करा दिया कि अभी इससे ज्यादा नहीं दे सकते हैं, जब नई नोट आ जाएगी तो फिर और रकम निकालिएगा।
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नगर सहकारी बैंक में नोट बदलने वालों को सिर्फ एक हजार रुपये ही दिए गए। डाकघर में ग्राहकों के पांच सौ व एक हजार के नोट जमा कराए गए। नोट बदलने के लिए यहां कोई व्यवस्था नहीं थी। कारण यह बताया गया कि अभी नए नोट नहीं आए हैं। नोट आने के बाद ही बदलने का काम शुरू होगा। बैंक आफ बड़ौदा की गोलाबाजार शाखा में भीड़ के कारण अव्यवस्था की स्थिति दिखी। बैंक कर्मियों से कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी, जिसके कारण लोग परेशान रहे। दूसरी तरफ जिला मुख्यालय पर स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा का एटीएम शनिवार को खुला रहा। यहां पर पैसा निकालने वालों की भारी भीड़ लगी रही। ऐसी ही स्थिति एचडीएफसी बैंक के एटीएम की भी रही। यहां पर सुबह से ही पैसा निकालने वालों की भीड़ लग गई थी। शाम तक लंबी लाइन लगी रही।
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पैसा निकालने के लिए लाइन में खड़े महेंद्र कुमार ने बताया कि तीन घंटे से अधिक का समय हो गया है। उन्होंने कहा कि पैसा निकालने के बाद ही वापस जाएंगे। शहर में जहां कुछ एटीएम खुले वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम बंद रहे, जिसके कारण लोगों को नोट बदलने व जमा करने के लिए बैंकों में घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ा। एसबीआई खलीलाबाद की मुख्य शाखा के सहायक प्रबंधक पंकज सिंह ने बताया कि करीब 600 से अधिक लोगों ने 28 लाख रुपये बदला। जबकि 125 लोगों और अन्य बैंकों का मिलाकर करीब 22 करोड़ रुपये जमा हुआ। एक्सिस बैंक के शाखा प्रबंधक विश्वजीत राय ने बताया कि 600 लोगों ने टांजेक्शन किया। पीएनबी के प्रबंधक राजेश पांडेय ने बताया कि दो करोड़ 73 लाख 78 हजार 500 रुपये का टांजेक्शन हुआ है। वहीं स्टेट बैक हरिहरपुर के प्रबंधक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि 238 लोगों ने 40 लाख रुपये जमा किया। जबकि 12,000 रुपये बदले गए।
पेट्रोल पंपों पर छोटे नोट का टोटा ः शनिवार को पेट्रोल पंप खुले रहे, लेकिन यहां छोटे नोट का टोटा रहा। लोग पांच सौ व एक हजार के नोट लेकर तेल भरवाने पहुंच रहे थे, जिसके कारण पेट्रोल पंप कर्मियों से झिकझिक होती रही। हालांकि जो लोग छोटी नोट दे रहे थे, उन्हें आसानी से डीजल व पेट्रोल मिल जा रहा था।
समय से पहले बंद हो गए बैंक ः एसबीआई हरिहरपुर पर नोट बदलने और जमा करने वालों की भीड़ लगी थी। बैंक पर आए शैलेंद्र पांडेय, जितेंद्र पटेल, संजय कुमार निषाद, राहुल यादव, बब्बन तिवारी,सत्येंद्र ,विष्णु आदि का आरोप था बैक को साढे तीन बजे की बंद कर दिया गया। जिससे लोगों का काम नहीं हुआ। इसी तरह धनघटा और हैंसर और पौली क्षेत्र में भी कई बैंक की शाखाएं निर्धारित समय से पहले की बंद हो गए। ऐसी शिकायतें लोग करते फिर रहे थे। हरिहरपुर स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि बैंक में एक मात्र कैशियर है। बैक को चार बंदकर उच्चाधिकारियों को ब्यौरा देने का काम किया गया।