{"_id":"65089532416cc3b63c02b806","slug":"the-network-of-cyber-fraud-is-spreading-people-are-losing-money-due-to-fraud-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1038-3052-2023-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: साइबर ठगी का फैल रहा संजाल, झांसे में आकर लोग गंवा रहे रकम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: साइबर ठगी का फैल रहा संजाल, झांसे में आकर लोग गंवा रहे रकम
विज्ञापन
किसी को लोन का प्रलोभन देकर तो किसी की लाॅटरी निकलने का झांसा देकर कर रहे ठगी
संतकबीरनगर। महुली क्षेत्र इस समय साइबर ठगों के निशाने पर है। आए दिन फोन काॅल के जरिए जालसाज लोगों को अपनी बातों में उलझाकर उनसे रकम ऐंठ रहे हैं। जानकारी होने पर ठगी के शिकार हुए पीड़ित रकम पाने के लिए पुलिस और थाने का चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। किसी को लोन का प्रलोभन देकर तो किसी की लाॅटरी निकलने की बात कहकर अपने खाते में पैसा मंगा ले रहे हैं, जो आसानी से उनके खाते में पैसा भेज देता है। उससे तब तक पैसे की मांग करते हैं, जब तक वह मना न कर दे। कुछ मामलों में पीड़ित की सूझबूझ और जल्दी की गई पुलिस और बैंक की कार्रवाई से पैसा भी खाते में वापस आ गया है। साइबर ठगी की घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
-कोतवाली क्षेत्र के नैनाझाला गांव निवासी अजित कुमार के पास रविवार को फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एक कंपनी का मैनेजर बताते हुए लोन देने की बात कही। साइबर ठग ने अपना गूगल पे शेयर करते हुए जरूरी कार्रवाई के लिए पैसे भेजने की बात कही। पीड़ित ने उसके खाते में गूगल पे के जरिए 13 बार ट्रांजेक्शन में 99.950 हजार रुपये भेज दिए। जब जालसाज ने उनसे और पैसे की मांग की तो उन्होंने अपने एक मित्र से रायशुमारी की। तब उन्हें पता चला कि उनके साथ ठगी हो गई है। उन्होंने एसपी और पुलिस की सर्विलांस सेल को लिखित जानकारी दी, लेकिन उनका पैसा अब तक नहीं मिल सका।
-हरिहरपुर निवासी धर्मेंद्र को कुछ महीने पहले ऑनलाइन मैसेज के जरिए साइबर ठगों ने निशाना बनाया था। मोबाइल पर कुछ जानकारी साझा करने के चलते उनके खाते से पैसा कटना शुरू हो गया।खाते से पैसा डेबिट होने की जानकारी जैसे ही उन्हें हुई। तुरंत बैंक में पहुंचे, जिसमें उनका खाता था और प्रबंधक से शिकायत दर्ज कराई। शाखा प्रबंधक ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। पीड़ित ने महुली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए सर्विलांस सेल को भी सूचना दी। इन सब कार्रवाई के चलते पैसा जालसाज के खाते तक नहीं पहुंचा और होल्ड हो गया। बाद में पीड़ित का पैसा वापस खाते में आ गया।
विज्ञापन
-साइबर ठगों ने बीते रविवार को मुकुंदपुर चौराहे पर सब्जी की दुकान चला रहे मुकेश कुमार को भी ठगी का शिकार बनाने के लिए उनके पास सब्जी की लिस्ट भेज दी और खुद को फौजी होने का भरोसा दिलाते हुए क्षेत्र में साथियों के साथ कैंप लगाने की बात कही। उसने दुकानदार के पास एक फर्जी पहचान पत्र भी भेजी, जिससे उन्हें यह विश्वास हो जाए कि वह जो बता रहा है, सही है। रविवार सुबह जालसाज ने सब्जी दुकानदार से उसका गूगल पे नंबर मांगा, जिससे वह सब्जी का पैसा उसके खाते में भेज सके। दुकानदार के पास एंड्राॅयड फोन न होने के कारण उसने दूसरे दुकानदार से संपर्क किया। फोन पर जब जालसाज ने चार हजार रुपये भेजने की बात कही, तब लोग चौकन्ना हो गए और पैसा भेजने से मना कर दिया।
विज्ञापन
संतकबीरनगर। महुली क्षेत्र इस समय साइबर ठगों के निशाने पर है। आए दिन फोन काॅल के जरिए जालसाज लोगों को अपनी बातों में उलझाकर उनसे रकम ऐंठ रहे हैं। जानकारी होने पर ठगी के शिकार हुए पीड़ित रकम पाने के लिए पुलिस और थाने का चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। किसी को लोन का प्रलोभन देकर तो किसी की लाॅटरी निकलने की बात कहकर अपने खाते में पैसा मंगा ले रहे हैं, जो आसानी से उनके खाते में पैसा भेज देता है। उससे तब तक पैसे की मांग करते हैं, जब तक वह मना न कर दे। कुछ मामलों में पीड़ित की सूझबूझ और जल्दी की गई पुलिस और बैंक की कार्रवाई से पैसा भी खाते में वापस आ गया है। साइबर ठगी की घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
-कोतवाली क्षेत्र के नैनाझाला गांव निवासी अजित कुमार के पास रविवार को फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एक कंपनी का मैनेजर बताते हुए लोन देने की बात कही। साइबर ठग ने अपना गूगल पे शेयर करते हुए जरूरी कार्रवाई के लिए पैसे भेजने की बात कही। पीड़ित ने उसके खाते में गूगल पे के जरिए 13 बार ट्रांजेक्शन में 99.950 हजार रुपये भेज दिए। जब जालसाज ने उनसे और पैसे की मांग की तो उन्होंने अपने एक मित्र से रायशुमारी की। तब उन्हें पता चला कि उनके साथ ठगी हो गई है। उन्होंने एसपी और पुलिस की सर्विलांस सेल को लिखित जानकारी दी, लेकिन उनका पैसा अब तक नहीं मिल सका।
विज्ञापन
-हरिहरपुर निवासी धर्मेंद्र को कुछ महीने पहले ऑनलाइन मैसेज के जरिए साइबर ठगों ने निशाना बनाया था। मोबाइल पर कुछ जानकारी साझा करने के चलते उनके खाते से पैसा कटना शुरू हो गया।खाते से पैसा डेबिट होने की जानकारी जैसे ही उन्हें हुई। तुरंत बैंक में पहुंचे, जिसमें उनका खाता था और प्रबंधक से शिकायत दर्ज कराई। शाखा प्रबंधक ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। पीड़ित ने महुली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए सर्विलांस सेल को भी सूचना दी। इन सब कार्रवाई के चलते पैसा जालसाज के खाते तक नहीं पहुंचा और होल्ड हो गया। बाद में पीड़ित का पैसा वापस खाते में आ गया।
विज्ञापन
-साइबर ठगों ने बीते रविवार को मुकुंदपुर चौराहे पर सब्जी की दुकान चला रहे मुकेश कुमार को भी ठगी का शिकार बनाने के लिए उनके पास सब्जी की लिस्ट भेज दी और खुद को फौजी होने का भरोसा दिलाते हुए क्षेत्र में साथियों के साथ कैंप लगाने की बात कही। उसने दुकानदार के पास एक फर्जी पहचान पत्र भी भेजी, जिससे उन्हें यह विश्वास हो जाए कि वह जो बता रहा है, सही है। रविवार सुबह जालसाज ने सब्जी दुकानदार से उसका गूगल पे नंबर मांगा, जिससे वह सब्जी का पैसा उसके खाते में भेज सके। दुकानदार के पास एंड्राॅयड फोन न होने के कारण उसने दूसरे दुकानदार से संपर्क किया। फोन पर जब जालसाज ने चार हजार रुपये भेजने की बात कही, तब लोग चौकन्ना हो गए और पैसा भेजने से मना कर दिया।