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हंगामेदार रही मगहर महोत्सव समिति की बैठक
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हंगामेदार रही मगहर महोत्सव समिति की बैठक
मगहर/संतकबीरनगर। डीएम दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई मगहर महोत्सव की बैठक हंगामेदार रही। डीएम ने कहा कि निर्धारित तिथि पर आयोजित होने वाला मगहर महोत्सव अब नहीं होगा। उसकी जगह फरवरी में संत कबीर दास के महापरिनिर्वाण दिवस पर तीन दिवसीय कबीर उत्सव का कार्यक्रम होगा।
डीएम ने बताया कि 23 फरवरी को वाराणसी के लहरतारा से यात्रा निकाली जाएगी, जो 24 को मगहर पहुंचेगी। यह सुनते ही समिति के सदस्य भड़क गए। लोगों ने कहा कि यह कतई बर्दाश्त नहीं है। मगहर महोत्सव समिति के सदस्य नासिर अली, शिव कुमार गुप्ता, नुरूज्जमा अंसारी, पवन श्रीवास्तव, अवधेश सिंह ने कहा कि वर्ष 1987 से प्रत्येक वर्ष 12 से 18 जनवरी के बीच महोत्सव का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। इसके लिए शासन की ओर से 40 लाख का बजट भी मिलता रहा है। सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में होने वाला यह कार्यक्रम जिले की पहचान को प्रदर्शित कराता है। यहां दूर-दराज से व्यवसायी भी आते हैं। ऐसे में मगहर महोत्सव का आयोजन सात दिवसीय ही होना चाहिए। इसकी जगह पर जो नए कार्यक्रम बताए जा रहे हैं, वे बर्दाश्त नहीं हैं।
समिति और स्थानीय लोग शासन से मांग करते हैं कि मगहर महोत्सव के आयोजन को कराने का निर्देश प्रदान किया जाए। चेयरमैन संगीता वर्मा ने कहा कि मगहर महोत्सव के आयोजन के लिए चार दिसंबर को सीएम को पत्र भेजा गया है। इसके साथ ही समय-समय पर संबंधित अधिकारियों को भी पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया। मगहर महोत्सव का आयोजन हो, उसके लिए नगर कमेटी पूरा प्रयास करेगी। समाज सेवी गुड्डू वर्मा ने कहा कि मगहर महोत्सव को खत्म करने का कुत्सित प्रयास चल रहा है। महोत्सव का यदि आयोजन समय पर नहीं होता है तो स्थानीय बुद्धिजीवी वर्गों में मायूसी होगी। मगहर महोत्सव का आयोजन 12 से 18 जनवरी पर ही हो। कबीर की जयंती पर भी कार्यक्रम हों, यह अच्छी बात है, लेकिन इसके पीछे मगहर महोत्सव को खत्म कर दिया जाए, ऐसा नहीं होना चाहिए।
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महोत्सव समिति के संरक्षक महंत विचारदास ने कहा कि महोत्सव कोरोना महामारी की वजह से स्थगित किया गया है, लेकिन सद्गुरु के प्रगट दिवस पर 23, 24, 25 फरवरी को सांस्कृतिक विभाग की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें सभी धर्म के लोगों का समागम दिखेगा। इसके अलावा परंपरागत कार्यक्रम जो होते थे, वे होंगे। परंपरागत खिचड़ी का मेला तो लगेगा। डीएम दिव्या मित्तल ने बताया कि पर्यटन विभाग के मंत्री और प्रमुख सचिव की ओर से कांफ्रेंसिंग में लोगों की मांग और जनभावना से अवगत करा दिया गया है। शासन का जो निर्देश होगा, वैसे ही आगे किया जाएगा।
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मगहर/संतकबीरनगर। डीएम दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई मगहर महोत्सव की बैठक हंगामेदार रही। डीएम ने कहा कि निर्धारित तिथि पर आयोजित होने वाला मगहर महोत्सव अब नहीं होगा। उसकी जगह फरवरी में संत कबीर दास के महापरिनिर्वाण दिवस पर तीन दिवसीय कबीर उत्सव का कार्यक्रम होगा।
डीएम ने बताया कि 23 फरवरी को वाराणसी के लहरतारा से यात्रा निकाली जाएगी, जो 24 को मगहर पहुंचेगी। यह सुनते ही समिति के सदस्य भड़क गए। लोगों ने कहा कि यह कतई बर्दाश्त नहीं है। मगहर महोत्सव समिति के सदस्य नासिर अली, शिव कुमार गुप्ता, नुरूज्जमा अंसारी, पवन श्रीवास्तव, अवधेश सिंह ने कहा कि वर्ष 1987 से प्रत्येक वर्ष 12 से 18 जनवरी के बीच महोत्सव का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। इसके लिए शासन की ओर से 40 लाख का बजट भी मिलता रहा है। सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में होने वाला यह कार्यक्रम जिले की पहचान को प्रदर्शित कराता है। यहां दूर-दराज से व्यवसायी भी आते हैं। ऐसे में मगहर महोत्सव का आयोजन सात दिवसीय ही होना चाहिए। इसकी जगह पर जो नए कार्यक्रम बताए जा रहे हैं, वे बर्दाश्त नहीं हैं।
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समिति और स्थानीय लोग शासन से मांग करते हैं कि मगहर महोत्सव के आयोजन को कराने का निर्देश प्रदान किया जाए। चेयरमैन संगीता वर्मा ने कहा कि मगहर महोत्सव के आयोजन के लिए चार दिसंबर को सीएम को पत्र भेजा गया है। इसके साथ ही समय-समय पर संबंधित अधिकारियों को भी पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया। मगहर महोत्सव का आयोजन हो, उसके लिए नगर कमेटी पूरा प्रयास करेगी। समाज सेवी गुड्डू वर्मा ने कहा कि मगहर महोत्सव को खत्म करने का कुत्सित प्रयास चल रहा है। महोत्सव का यदि आयोजन समय पर नहीं होता है तो स्थानीय बुद्धिजीवी वर्गों में मायूसी होगी। मगहर महोत्सव का आयोजन 12 से 18 जनवरी पर ही हो। कबीर की जयंती पर भी कार्यक्रम हों, यह अच्छी बात है, लेकिन इसके पीछे मगहर महोत्सव को खत्म कर दिया जाए, ऐसा नहीं होना चाहिए।
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महोत्सव समिति के संरक्षक महंत विचारदास ने कहा कि महोत्सव कोरोना महामारी की वजह से स्थगित किया गया है, लेकिन सद्गुरु के प्रगट दिवस पर 23, 24, 25 फरवरी को सांस्कृतिक विभाग की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें सभी धर्म के लोगों का समागम दिखेगा। इसके अलावा परंपरागत कार्यक्रम जो होते थे, वे होंगे। परंपरागत खिचड़ी का मेला तो लगेगा। डीएम दिव्या मित्तल ने बताया कि पर्यटन विभाग के मंत्री और प्रमुख सचिव की ओर से कांफ्रेंसिंग में लोगों की मांग और जनभावना से अवगत करा दिया गया है। शासन का जो निर्देश होगा, वैसे ही आगे किया जाएगा।