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Sant Kabir Nagar News: कम पड़ गई उपकेंद्र के लिए तय जमीन...निर्माण में फंसा पेच
Sun, 01 Dec 2024 11:04 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 01 Dec 2024 11:04 PM IST
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संतकबीरनगर। शहरवासियों को सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति देने के लिए नया उपकेंद्र बनाया जाना है। इसके लिए मैलानी में जमीन चिह्नित की गई थी, लेकिन अब बिजली निगम ने जमीन कम होने की बात कही है, जिससे विद्युत उपकेंद्र के निर्माण में बाधा खड़ी हो गई है। अगर उपकेंद्र बन जाता तो करीब 10 हजार की आबादी को लोकल फॉल्ट से राहत मिलती।
शहर में बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए जर्जर तारों और पोल को बदलने का कार्य चल रहा है।
साथ ही पुराने तारों की जगह नए लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा ट्रांसफॉर्मर पर लोड कम करने के लिए शहर में नया विद्युत उपकेंद्र बनाया जाना है। इसके लिए पहले मड़या में जमीन तलाशी गई, लेकिन यहां जमीन नहीं मिल पाई। उसके बाद मैलानी में जमीन चिह्नित की गई। प्रशासन ने यह जमीन बिजली निगम को उपलब्ध करा दी। अब निगम ने उपलब्ध कराई गई जमीन पर नए विद्युत उपकेंद्र के निर्माण के लिए मानक से कम बताते हुए इसे खारिज कर दिया है।
ऐसे में विद्युत उपकेंद्र के निर्माण में बाधा खड़ी हो गई है। इससे शहरवासियों की समस्याओं को दूर करने की प्रशासन की मंशा पर पानी फिर गया है। बताया जा रहा है कि बिजली निगम ने प्रशासन से दूसरे स्थान पर जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। ऐसे में जब तक जमीन दूसरे जगह उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक विद्युत उपकेंद्र का निर्माण संभव नहीं हो सकेगा।अगर मैलानी में उपकेंद्र बन गया होता तो करीब 10 हजार की आबादी को लोकल फॉल्ट की समस्या से राहम मिलती।
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शहर में बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए जर्जर तारों और पोल को बदलने का कार्य चल रहा है।
साथ ही पुराने तारों की जगह नए लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा ट्रांसफॉर्मर पर लोड कम करने के लिए शहर में नया विद्युत उपकेंद्र बनाया जाना है। इसके लिए पहले मड़या में जमीन तलाशी गई, लेकिन यहां जमीन नहीं मिल पाई। उसके बाद मैलानी में जमीन चिह्नित की गई। प्रशासन ने यह जमीन बिजली निगम को उपलब्ध करा दी। अब निगम ने उपलब्ध कराई गई जमीन पर नए विद्युत उपकेंद्र के निर्माण के लिए मानक से कम बताते हुए इसे खारिज कर दिया है।
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ऐसे में विद्युत उपकेंद्र के निर्माण में बाधा खड़ी हो गई है। इससे शहरवासियों की समस्याओं को दूर करने की प्रशासन की मंशा पर पानी फिर गया है। बताया जा रहा है कि बिजली निगम ने प्रशासन से दूसरे स्थान पर जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। ऐसे में जब तक जमीन दूसरे जगह उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक विद्युत उपकेंद्र का निर्माण संभव नहीं हो सकेगा।अगर मैलानी में उपकेंद्र बन गया होता तो करीब 10 हजार की आबादी को लोकल फॉल्ट की समस्या से राहम मिलती।
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