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Sant Kabir Nagar News: रात तक मोबाइल देखने की लत बना रही अनिद्रा का रोगी
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जिला अस्पताल में मरीज देखते चिकित्सक-संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। रात में देर तक मोबाइल फोन चलाने की आदत अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। मोबाइल की स्क्रीन पर लगातार समय बिताने से नींद का चक्र प्रभावित हो रहा है। इससे अनिद्रा की शिकायत बढ़ रही है। अस्पतालों में प्रतिदिन कई मरीज नींद से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद के प्रभारी डॉ. उमर हसरत अंसारी ने बताया कि मोबाइल की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर में नींद के लिए जिम्मेदार हार्मोन मेलाटोनिन के स्राव को प्रभावित करती है। विशेषकर अत्यधिक स्क्रीन टाइम से छोटे बच्चों की आंखें समय से पहले कमजोर हो रही हैं। इसका बुरा प्रभाव उनके मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार पर भी पड़ रहा है।
लगातार स्क्रीन देखने से बच्चों के साथ युवाओं को इससे समय पर नींद नहीं आती और धीरे-धीरे देर रात तक जागने की आदत बन जाती है। लगातार नींद पूरी न होने से दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, एकाग्रता में कमी और कार्यक्षमता प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
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संतकबीरनगर। रात में देर तक मोबाइल फोन चलाने की आदत अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। मोबाइल की स्क्रीन पर लगातार समय बिताने से नींद का चक्र प्रभावित हो रहा है। इससे अनिद्रा की शिकायत बढ़ रही है। अस्पतालों में प्रतिदिन कई मरीज नींद से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद के प्रभारी डॉ. उमर हसरत अंसारी ने बताया कि मोबाइल की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर में नींद के लिए जिम्मेदार हार्मोन मेलाटोनिन के स्राव को प्रभावित करती है। विशेषकर अत्यधिक स्क्रीन टाइम से छोटे बच्चों की आंखें समय से पहले कमजोर हो रही हैं। इसका बुरा प्रभाव उनके मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार पर भी पड़ रहा है।
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लगातार स्क्रीन देखने से बच्चों के साथ युवाओं को इससे समय पर नींद नहीं आती और धीरे-धीरे देर रात तक जागने की आदत बन जाती है। लगातार नींद पूरी न होने से दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, एकाग्रता में कमी और कार्यक्षमता प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
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