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न जागरूकता का असर, न चालान का डर
संतकबीरनगर
Updated Fri, 16 Nov 2018 11:25 PM IST
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न जागरूकता का असर, न चालान का डर
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। बीते पांच वर्षों में जिले में 783 सड़क हादसों में 446 लोग जान गंवा चुके हैं। 495 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। हादसों ने कई घरों का चिराग बुझा दिया तो किसी को अनाथ या विधवा बना दिया। पुलिस विभाग लोगों की जान की हिफाजत के लिए एक नवंबर से यातायात जागरूकता माह के तहत रोज कहीं न कहीं कार्यक्रम का आयोजन करा रहा है। फिर भी वाहन चालकों पर इसका असर नहीं दिख रहा। अधिकांश बाइक चालक बिना हेलमेट पहने फर्राटा भर रहे हैं।
शहर के सर्वाधिक व्यस्त मेंहदावल बाईपास पर ही यातायात पुलिस का दफ्तर है। फोरलेन का चौराहा होने के चलते यहां हर वक्त गाड़ियों की आवाजाही रहती है, लेकिन यहां से गुजरने वाले बाइक चालकों को न तो यातायात पुलिस का डर है और न ही हादसों की चिंता। तभी तो यहां शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे 20 मिनट में ही 50 से अधिक बाइक चालक बिना हेलमेट पहने तीन सवारी के साथ निकलते दिखे। इनमें से कइयों का पुलिस ने चालान भी काटा। नेदुला चौराहे पर शहर की तरफ से निकलने वाली एक सड़क फोरलेन को क्रास करती है। ब्लैक स्पॉट के रूप में चिंह्नित इस चौराहे पर अक्सर हादसे होते हैं। यहां यातायात पुलिस की तरफ से पीली लाइट भी लगी है, लेकिन यहां भी बिना हेलमेट पहने बाइक सवार फर्राटे भरते दिखे। फोरलेन का सरैया बाईपास भी सर्वाधिक खतरनाक चौराहों में गिना जाता है। यहां सड़क में मोड़ होने के अलावा खलीलाबाद कस्बे की मुख्य सड़क भी जुड़ती है। यहां भी अक्सर हादसे होते हैं। शुक्रवार की दोपहर में यहां से भी गुजरने वाले अधिकांश बाइक चालक बिना हेलमेट पहने ही दिखे।
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शहर के सर्वाधिक व्यस्त मेंहदावल बाईपास पर ही यातायात पुलिस का दफ्तर है। फोरलेन का चौराहा होने के चलते यहां हर वक्त गाड़ियों की आवाजाही रहती है, लेकिन यहां से गुजरने वाले बाइक चालकों को न तो यातायात पुलिस का डर है और न ही हादसों की चिंता। तभी तो यहां शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे 20 मिनट में ही 50 से अधिक बाइक चालक बिना हेलमेट पहने तीन सवारी के साथ निकलते दिखे। इनमें से कइयों का पुलिस ने चालान भी काटा। नेदुला चौराहे पर शहर की तरफ से निकलने वाली एक सड़क फोरलेन को क्रास करती है। ब्लैक स्पॉट के रूप में चिंह्नित इस चौराहे पर अक्सर हादसे होते हैं। यहां यातायात पुलिस की तरफ से पीली लाइट भी लगी है, लेकिन यहां भी बिना हेलमेट पहने बाइक सवार फर्राटे भरते दिखे। फोरलेन का सरैया बाईपास भी सर्वाधिक खतरनाक चौराहों में गिना जाता है। यहां सड़क में मोड़ होने के अलावा खलीलाबाद कस्बे की मुख्य सड़क भी जुड़ती है। यहां भी अक्सर हादसे होते हैं। शुक्रवार की दोपहर में यहां से भी गुजरने वाले अधिकांश बाइक चालक बिना हेलमेट पहने ही दिखे।
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