फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   The doctor said... You will decide our fees! and started beating

Sant Kabir Nagar News: डाॅक्टर ने कहा... तुम तय करोगे हमारी फीस! और शुरू कर दी पिटाई

Tue, 22 Oct 2024 12:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2024 12:06 AM IST
विज्ञापन
The doctor said... You will decide our fees! and started beating
- जेल से बाहर आने के बाद पीड़ित सिपाही पंकज ने अस्पताल में हुई घटना की सुनाई आपबीती
विज्ञापन

- सिपाही ने कहा, दूसरे दिन अस्पताल में पत्नी के दो साल इलाज की छूटी फाइल लेने पहुंचा था


संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर। डॉक्टर के सिर पर हथौड़े से हमला करने के आरोपी सिपाही पंकज कुमार ने कहा कि वह पत्नी का इलाज कराने के लिए काफी परेशान थे। वाराणसी में इलाज करा रहे थे। इस बीच किसी ने गोरखपुर में डॉ. अनुज सरकारी को दिखाने की सलाह दी। 3 अक्तूबर को वह पत्नी व बेटे के साथ गोरखपुर पहुंचकर डॉक्टर को दिखाए। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी। रिपोर्ट लेकर वह पहुंचे तो अनायास ही अल्ट्रासाउंड का अधिक दाम लेने की बात निकल गई। बताया कि खलीलाबाद में 800 रुपये में ही अल्ट्रासाउंड हाे जाता है, यहां पर 1100 रुपया लिया जा रहा है। इस पर डॉक्टर अनुज नाराज हो गए। वह मां की गाली देते हुए कहे कि...तुम हमारी फीस तय करोगे। डॉक्टर की तेज आवाज सुनकर बाहर से उसके कर्मचारी अंदर आ गए और सबने मिलकर पिटाई शुरू कर दी।



डॉक्टर पर हमले करने के आरोप में रविवार को जमानत पर जेल से बाहर आए पंकज कुमार सोमवार को अस्पताल में घटी घटना की आपबीती सुना रहे थे। उन्होंने कहा कि 3 अक्तूबर को पत्नी व बच्चे के सामने बेरहमी से उनकी पिटाई की गई। पिटाई देख पत्नी अदिती और बेटा शिवम बिलखकर रो रहे थे। उनके सिर में दो जगहों पर चोटें आईं। वह किसी प्रकार उनसे बचकर कैंट थाने पहुंचे और घटना की शिकायत किया। पुलिस ने जिला अस्पताल ले जाकर मुलाहिजा (मेडिकल) कराया और बाद में घर भेज दिया। इस दौरान अस्पताल में उनकी पत्नी का दो साल से चल रहे इलाज की फाइल, आधार व पैन कार्ड छूट गया। पैन और आधार तो बन जाता लेकिन इलाज की रिपोर्ट व डॉक्टरों की पर्ची नहीं बन पाती। वह दूसरे दिन 4 अक्तूबर को फाइल लेने अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उसने पीआरवी को बुलाया ताकि वह उसपर हमला न कर सकें। पीआरवी के आने पर वह अस्पताल में पहुंचे और डॉक्टर की केबिन में अभी पहुंचे ही थे कि डॉक्टर ने देखते ही कहा, मारो इसे यह दोबारा आ गया। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारी और बाउंसर फिर पिटाई शुरू कर दिए। पीआरवी के जवान बचाने की कोशिश किए तो उनको भी मारने-पीटने लगे। सूचना पर कैंट पुलिस पहुंची और उसे लेकर थाने लाई और मुलाहिजा कराया।
विज्ञापन






डॉक्टर को चोट कैसे लगी, मुझे नहीं पता



सिपाही ने कहा कि अस्पताल से पुलिस उनको थाने लेकर आई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसे डॉक्टर को चोट लगने की जानकारी हुई। डॉक्टर पर हथौड़े से हमला किसने किया, यह मैं नहीं देख पाया। लेकिन उसकी पिटाई का साक्ष्य तो अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में कैद है। फिर भी उन्हें जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन






पिटाई के बाद दोनों दिन कराया गया मुलाहिजा

सिपाही ने बताया कि अस्पताल में दोनों दिन उनकी पिटाई की गई। कैंट पुलिस ने जिला अस्पताल ले जाकर मुलाहिजा कराया। इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई और उन्हें ही जेल भेज दिया गया। हमला करने वाले डॉक्टर उसके कर्मचारी व बाउंसरों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।





डॉक्टर की पत्नी पर भी लगाया ललकारने का आरोप



सिपाही ने बताया कि पहले दिन 3 अक्तूबर को जब डॉक्टर के केबिन में उनकी पिटाई की गई तो डॉ. माधुरी सरकारी भी मौजूद थीं। सिपाही ने कहा कि उन्होंने भी कहा कि मारो इसे, डॉक्टर साहब से तेज आवाज में बात कर रहा है।






जेल से बाहर आने के बाद भी सदमे में पूरा परिवार

अस्पताल में विवाद के बाद कैंट पुलिस ने 5 अक्तूबर को सिपाही पंकज कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। तीन दिन पहले कोर्ट से जमानत मिलने के बाद रविवार की सुबह 16 दिन बाद उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। इसके बाद सिपाही अपने गांव संतकबीनगर जिले के खलीलाबाद इलाके के मंझरिया चला गया। सोमवार को पंकज के घर पहुंचने का सुकून पिता, पत्नी के चेहरे पर साफ दिखा। लेकिन, पूरा परिवार अभी इस घटना से सदमे में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed