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Sant Kabir Nagar News: शार्टकट से अमीर बनने की चाहत में लगा लूट का दाग
Tue, 11 Feb 2025 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 11 Feb 2025 11:27 PM IST
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संतकबीरनगर। शार्टकट से अमीर बनने की चाहत ने लुटेरों के दामन में लूट का दाग लगा दिया। दुकानदार के सेल्समैन प्रदीप ने ही लूट की साजिश थी। उसने अपने साथियों से यह कहा था कि मेरा सेठ बहुत पैसे वाला है, वह मुकदमे के चक्कर में नहीं पड़ेगा। इस पैसे को भूल जाएगा। प्रदीप की इसी बात ने लुटेरों को बल दिया और उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। लेकिन ऐन वक्त पर मुकदमा लिखे जाने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई।
लुटेरों ने लूट की जो साजिश रची थी, वह पूरी तरह से फूलप्रूफ थी। जिस समय यह घटना घटी थी, उस समय काफी तेज कोहरा पड़ रहा था। जिसके चलते वाहनों की रफ्तार धीमी थी। यही नहीं रास्ता भी ठीक से दिखाई नहीं दे रहा था।
लुटेरों ने मुंह पर रुमाल भी बांध रखा था। इसी के चलते पुलिस को इस घटना में सीसीटीवी से कोई मदद नहीं मिल पाई। मुंह पर रूमाल इसलिए भी बांध रखा था ताकि प्रदीप के साथ चल रहा सेल्समैन कहीं उन्हें पहचान न ले।
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लूट के बाद वह उसी थानाक्षेत्र के नेतारी खुर्द में स्थित फिरोज के बहनोई के घर चले गए थे। वहां पर बताया कि इधर से गुजर रहे थे, इसीलिए चले आए। रात में जब उन्हें पुलिस को कोई मूवमेंट सड़क पर नहीं मिली तो रात में ही गाड़ी लेकर सिद्धार्थनगर निकल गए। अगले दिन बैग को जलाकर रुपये और मोबाइल आपस में बांट लिए। बखिरा में रुककर लुटेरों से मिला था प्रदीप : प्रदीप पूरी साजिश से वाकिफ था। वसूली करके लौटते समय बखिरा कस्बे में एक मोबाइल की दुकान के सामने उसने मोटरसाइकिल रोकी। अपने साथी सलीम मोहम्मद को उसने दुकान के पास छोड़ा तथा पेशाब करने के बहाने लुटेरों से जाकर मिला तथा यह बताया कि आगे चल रहे हैं।
सुनसान जगह देखकर लूट लेना और मुझको तथा सलीम को भी पीट देना, ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद वह चला आया तथा सलीम को लेकर आगे चल दिया।
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लुटेरों ने लूट की जो साजिश रची थी, वह पूरी तरह से फूलप्रूफ थी। जिस समय यह घटना घटी थी, उस समय काफी तेज कोहरा पड़ रहा था। जिसके चलते वाहनों की रफ्तार धीमी थी। यही नहीं रास्ता भी ठीक से दिखाई नहीं दे रहा था।
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लुटेरों ने मुंह पर रुमाल भी बांध रखा था। इसी के चलते पुलिस को इस घटना में सीसीटीवी से कोई मदद नहीं मिल पाई। मुंह पर रूमाल इसलिए भी बांध रखा था ताकि प्रदीप के साथ चल रहा सेल्समैन कहीं उन्हें पहचान न ले।
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लूट के बाद वह उसी थानाक्षेत्र के नेतारी खुर्द में स्थित फिरोज के बहनोई के घर चले गए थे। वहां पर बताया कि इधर से गुजर रहे थे, इसीलिए चले आए। रात में जब उन्हें पुलिस को कोई मूवमेंट सड़क पर नहीं मिली तो रात में ही गाड़ी लेकर सिद्धार्थनगर निकल गए। अगले दिन बैग को जलाकर रुपये और मोबाइल आपस में बांट लिए। बखिरा में रुककर लुटेरों से मिला था प्रदीप : प्रदीप पूरी साजिश से वाकिफ था। वसूली करके लौटते समय बखिरा कस्बे में एक मोबाइल की दुकान के सामने उसने मोटरसाइकिल रोकी। अपने साथी सलीम मोहम्मद को उसने दुकान के पास छोड़ा तथा पेशाब करने के बहाने लुटेरों से जाकर मिला तथा यह बताया कि आगे चल रहे हैं।
सुनसान जगह देखकर लूट लेना और मुझको तथा सलीम को भी पीट देना, ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद वह चला आया तथा सलीम को लेकर आगे चल दिया।