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Sant Kabir Nagar News: गर्मी के साथ बढ़ेगा पेयजल व बिजली का संकट
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खलीलाबाद में सड़क किनारे रखा बिजली का केबल। संवाद
संतकबीरनगर। मई चल रहा है और गर्मी बढ़ने लगी है, लेकिन बिजली और पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था में अभी सुधार नहीं हो सका है। मैलानी में नए विद्युत उपकेंद्र से बिजली की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, तो पेयजल के लिए शहर में अभी पाइप डालने का कार्य ही चल रहा है। ऐसे में गर्मी बढ़ने पर संकट गहरा सकता है।
गर्मी में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए विद्युत निगम ने कदम उठाए हैं। इसके तहत जहां शहर के विभिन्न मोहल्लों में जर्जर तारों व पोल को बदला गया है और केबल लगाए गए हैं, वहीं मड़या फीडर के नाम से पांच करोड़ 80 लाख की लागत से मैलानी में 33/11 केवी के नया विद्युत उपकेंद्र बनाया गया है। इसका निर्माण पूर्ण हो गया है, लेकिन अभी तक लाइन का कार्य नहीं हो सका है। इसके कारण बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।
यह स्थिति तब है, जब कार्य मार्च में ही पूरे हो जाने थे। यदि यह कार्य समय से हो गया होता तो न सिर्फ शहर के 10 हजार उपभोक्ताओं को बिजली संकट से राहत मिलती, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों को भी भरपूर बिजली आपूर्ति हो सकेगी। वर्तमान स्थिति यह है कि पोल लगाए गए और इन पर केबल लगाने के लिए कार्य शुरू कराया गया है, लेकिन अभी इसमें समय लग सकता है।
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शहर निवासी प्रेमचंद्र, शैलेंद्र श्रीवास्तव आदि ने कहा कि विद्युत उपकेंद्र बनने के बाद उम्मीद थी कि गर्मी में बिजली की समस्या से राहत मिलेगी, लेकिन अब उम्मीद टूट रही है।
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उपकेंद्र का कार्य पूर्ण हो गया है। पोल भी लगा दिए गए हैं। तार लगाने का कार्य शुरू कराया गया है, जिसे जल्द ही पूर्ण करा लिया जाएगा।
-राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, विद्युत
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पेयजल परियोजना की सुस्त रफ्तार, बढ़ा इंतजार
शहर में 100 करोड़ की पेयजल परियोजना पर कार्य चल रहा है। यह परियोजना भी मार्च में पूरी होनी थी, लेकिन अभी मुख्य मार्ग के दोनों तरफ जलापूर्ति के लिए पाइप बिछाने का कार्य चल रहा है। हालांकि इस परियोजना के तहत पांच ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। साथ ही सीमा विस्तारित सहित अन्य हिस्सों में पाइप बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य मार्ग के किनारे पाइप बिछाने के बाद ही जलापूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। शहर के निवासी संजय गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार आदि ने बताया कि कार्य काफी धीमी गति से हो रहा है। ऐसे में अभी दो से तीन माह लग सकते हैं, जबकि गर्मी का मौसम चल रहा है। ऐसे में समस्या कम होती नहीं दिख रही है।
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कार्य में तेजी लाई गई है। जल्द ही परियोजना को पूर्ण करा लिया जाएगा।
-सभाजीत यादव, अवर अभियंता, जल निगम शहरी
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गर्मी में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए विद्युत निगम ने कदम उठाए हैं। इसके तहत जहां शहर के विभिन्न मोहल्लों में जर्जर तारों व पोल को बदला गया है और केबल लगाए गए हैं, वहीं मड़या फीडर के नाम से पांच करोड़ 80 लाख की लागत से मैलानी में 33/11 केवी के नया विद्युत उपकेंद्र बनाया गया है। इसका निर्माण पूर्ण हो गया है, लेकिन अभी तक लाइन का कार्य नहीं हो सका है। इसके कारण बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।
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यह स्थिति तब है, जब कार्य मार्च में ही पूरे हो जाने थे। यदि यह कार्य समय से हो गया होता तो न सिर्फ शहर के 10 हजार उपभोक्ताओं को बिजली संकट से राहत मिलती, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों को भी भरपूर बिजली आपूर्ति हो सकेगी। वर्तमान स्थिति यह है कि पोल लगाए गए और इन पर केबल लगाने के लिए कार्य शुरू कराया गया है, लेकिन अभी इसमें समय लग सकता है।
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शहर निवासी प्रेमचंद्र, शैलेंद्र श्रीवास्तव आदि ने कहा कि विद्युत उपकेंद्र बनने के बाद उम्मीद थी कि गर्मी में बिजली की समस्या से राहत मिलेगी, लेकिन अब उम्मीद टूट रही है।
उपकेंद्र का कार्य पूर्ण हो गया है। पोल भी लगा दिए गए हैं। तार लगाने का कार्य शुरू कराया गया है, जिसे जल्द ही पूर्ण करा लिया जाएगा।
-राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, विद्युत
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पेयजल परियोजना की सुस्त रफ्तार, बढ़ा इंतजार
शहर में 100 करोड़ की पेयजल परियोजना पर कार्य चल रहा है। यह परियोजना भी मार्च में पूरी होनी थी, लेकिन अभी मुख्य मार्ग के दोनों तरफ जलापूर्ति के लिए पाइप बिछाने का कार्य चल रहा है। हालांकि इस परियोजना के तहत पांच ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। साथ ही सीमा विस्तारित सहित अन्य हिस्सों में पाइप बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य मार्ग के किनारे पाइप बिछाने के बाद ही जलापूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। शहर के निवासी संजय गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार आदि ने बताया कि कार्य काफी धीमी गति से हो रहा है। ऐसे में अभी दो से तीन माह लग सकते हैं, जबकि गर्मी का मौसम चल रहा है। ऐसे में समस्या कम होती नहीं दिख रही है।
कार्य में तेजी लाई गई है। जल्द ही परियोजना को पूर्ण करा लिया जाएगा।
-सभाजीत यादव, अवर अभियंता, जल निगम शहरी