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Sant Kabir Nagar News: कटाई से गोरखपुर की बस सेवा बंद होने से बढ़ी परेशानी
Thu, 04 Dec 2025 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 04 Dec 2025 12:13 AM IST
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परिवहन निगम की बस न होने से कटाई मार्ग पर प्राइवेट वाहनों से यात्रा करते हैं लोग । संवाद
संतकबीरनगर। खलीलाबाद ब्लॉक के कटाई से गोरखपुर तक जाने वाली परिवहन निगम की बस सेवा पिछले छह साल से बंद है। इसके चलते इस क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने इस सेवा को पुन: बहाल करने की मांग की है।
कटाई से गोरखपुर के लिए ग्रामीण बस सेवा का शुभारंभ वर्ष 2015 में किया गया था। तबसे यहां के लोगों को काफी सुविधा हो गई। बाद में वर्ष 2018 में बस के कंडक्टर को बिना टिकट एक यात्री को ले जाते पकड़ लिया गया था। उसके बाद इस सेवा को बंद कर दिया गया। समाजसेवी रामसुरेश चौरसिया बताते हैं कि बस को बहाल करने के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र दिया गया, लेकिन बस का संचालन शुरू नहीं हो सका। जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव ने भी इसके लिए पहल की थी। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले दिनों परिवहन निगम की टीम ने आकर मार्ग का सर्वे भी किया था। इससे बस के संचालन की उम्मीद बढ़ी है। वहीं, प्रदीप सिंह बताते हैं कि यहां से बस चलने से यात्रियों को काफी लाभ होगा। वह कम पैसा खर्च करके गंतव्य तक पहुंच जाएंगे।
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मनमाना किराया लेते हैं निजी वाहन चालक
प्राइवेट वाहनों के चालक इसके लिए मनमाना किराया लेते हैं। स्थिति यह है कि कटाई से खलीलाबाद तक 17 किलोमीटर की दूरी का किराया 50 रुपये लिए जाते हैं। जबकि सरकारी बस से यह किराया मात्र 21 रुपये ही लगता है। यह बस कटाई से सुबह 8 बजे चलती थी और तामेश्वरनाथ, खलीलाबाद होते हुए गोरखपुर जाती थी। इससे लोग अपने रोजमर्रा के कामों को पूरा करने के लिए गोरखपुर और खलीलाबाद तक जाते थे और शाम को लौटती बस से वापस चले आते थे।
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सांसद ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र
संतकबीरनगर के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद ने इसके लिए पिछले दिनों 27 अगस्त को प्रमुख सचिव राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रमुख सचिव को इस बस सेवा को चालू करने के लिए पत्र लिखा था। इसको लेकर परिवहन निगम की टीम ने आकर मार्ग का सर्वे भी किया था और सकारात्मक संकेत भी दिए थे।
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मार्ग पर बस चलाने के लिए पिछले दिनों टीम ने सर्वे किया था और सारी स्थितियों को देखा। शीघ्र ही इस मार्ग पर बस चलाए जाने की संभावना है। -टीएन दूबे, बस अड्डा प्रभारी, संतकबीरनगर
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कटाई से गोरखपुर के लिए ग्रामीण बस सेवा का शुभारंभ वर्ष 2015 में किया गया था। तबसे यहां के लोगों को काफी सुविधा हो गई। बाद में वर्ष 2018 में बस के कंडक्टर को बिना टिकट एक यात्री को ले जाते पकड़ लिया गया था। उसके बाद इस सेवा को बंद कर दिया गया। समाजसेवी रामसुरेश चौरसिया बताते हैं कि बस को बहाल करने के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र दिया गया, लेकिन बस का संचालन शुरू नहीं हो सका। जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव ने भी इसके लिए पहल की थी। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले दिनों परिवहन निगम की टीम ने आकर मार्ग का सर्वे भी किया था। इससे बस के संचालन की उम्मीद बढ़ी है। वहीं, प्रदीप सिंह बताते हैं कि यहां से बस चलने से यात्रियों को काफी लाभ होगा। वह कम पैसा खर्च करके गंतव्य तक पहुंच जाएंगे।
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मनमाना किराया लेते हैं निजी वाहन चालक
प्राइवेट वाहनों के चालक इसके लिए मनमाना किराया लेते हैं। स्थिति यह है कि कटाई से खलीलाबाद तक 17 किलोमीटर की दूरी का किराया 50 रुपये लिए जाते हैं। जबकि सरकारी बस से यह किराया मात्र 21 रुपये ही लगता है। यह बस कटाई से सुबह 8 बजे चलती थी और तामेश्वरनाथ, खलीलाबाद होते हुए गोरखपुर जाती थी। इससे लोग अपने रोजमर्रा के कामों को पूरा करने के लिए गोरखपुर और खलीलाबाद तक जाते थे और शाम को लौटती बस से वापस चले आते थे।
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सांसद ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र
संतकबीरनगर के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद ने इसके लिए पिछले दिनों 27 अगस्त को प्रमुख सचिव राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रमुख सचिव को इस बस सेवा को चालू करने के लिए पत्र लिखा था। इसको लेकर परिवहन निगम की टीम ने आकर मार्ग का सर्वे भी किया था और सकारात्मक संकेत भी दिए थे।
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मार्ग पर बस चलाने के लिए पिछले दिनों टीम ने सर्वे किया था और सारी स्थितियों को देखा। शीघ्र ही इस मार्ग पर बस चलाए जाने की संभावना है। -टीएन दूबे, बस अड्डा प्रभारी, संतकबीरनगर