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Sant Kabir Nagar News: निजीकरण के मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
Fri, 19 Dec 2025 11:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 19 Dec 2025 11:31 PM IST
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अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। बिजली कर्मियों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की और निजीकरण का फैसला निरस्त करने का आग्रह किया।
विद्युत संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर राजेश कुमार ने कहा कि एक साल के दौरान पॉवर कॉरपोरेशन प्रबंधन बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं का लगातार उत्पीड़न कर रहा है। जिससे ऊर्जा निगमों में टकराव का वातावरण बन गया है और कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों के चलते ऊर्जा निगमों में अघोषित आपातकाल जैसा माहौल बन गया है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी वेद प्रकाश राय ने मुख्यमंत्री से अपील किया कि वे हस्तक्षेप कर बिजली कर्मियों पर आंदोलन के नाम पर की गई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई वापस कराएं, ताकि बिजली कर्मी पूरे मनोयोग के साथ उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर सके। संघर्ष समिति के पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर अटेंड किया जाए।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, राघवेंद्र सिंह, अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, दुर्गा प्रसाद, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, रंजन कुमार, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, मनोज यादव, रमेश प्रजापति , आशीष कुमार, प्रिंस गुप्ता, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य आदि शामिल रहे।
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विद्युत संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर राजेश कुमार ने कहा कि एक साल के दौरान पॉवर कॉरपोरेशन प्रबंधन बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं का लगातार उत्पीड़न कर रहा है। जिससे ऊर्जा निगमों में टकराव का वातावरण बन गया है और कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों के चलते ऊर्जा निगमों में अघोषित आपातकाल जैसा माहौल बन गया है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी वेद प्रकाश राय ने मुख्यमंत्री से अपील किया कि वे हस्तक्षेप कर बिजली कर्मियों पर आंदोलन के नाम पर की गई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई वापस कराएं, ताकि बिजली कर्मी पूरे मनोयोग के साथ उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर सके। संघर्ष समिति के पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर अटेंड किया जाए।
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धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, राघवेंद्र सिंह, अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, दुर्गा प्रसाद, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, रंजन कुमार, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, मनोज यादव, रमेश प्रजापति , आशीष कुमार, प्रिंस गुप्ता, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य आदि शामिल रहे।
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