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पिता-पुत्र की हत्या के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
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पिता-पुत्र की हत्या के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
- 17 अगस्त की रात खेत में सोने के दौरान धारदार हथियार से प्रहार कर की गई थी हत्या
संतकबीरनगर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरीश त्रिपाठी ने पिता- पुत्र के हत्यारोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के इमिलडीहा निवासी गणेश प्रसाद अपने छोटे बेटे धर्मवीर के साथ 17 अगस्त 2022 की शाम गांव के पूरब खेत में बोरिंग से पानी चलाने गए थे। उसकी रखवाली के लिए झोपड़ी में चारपाई पर बाप-बेटे सोए थे। सोने के दौरान पिता- पुत्र की धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। पीड़ित पत्नी गौसती देवी ने इस मामले में कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान क्षेत्रीय लोगों के मोबाइल को सर्विलांस पर लिया गया। जिसके आधार पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि गांव के अनुज चौहान ने अपने साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया है। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त की निशानदेही पर आला कत्ल भी बरामद हुआ तथा अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि वह योजना के अनुसार हत्या किया था। उसने यह अभी बताया कि जब उसे इत्मिनान हो गया कि दोनों लोगों की मौत हुई है, तब वह घटना में प्रयुक्त हथियार को मोटरसाइकिल की डिक्की में छिपा दिया था। आरोपी अनुज चौहान की तरफ से जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की गई। जिसका जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने जोरदार विरोध किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने हत्यारोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
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- 17 अगस्त की रात खेत में सोने के दौरान धारदार हथियार से प्रहार कर की गई थी हत्या
संतकबीरनगर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरीश त्रिपाठी ने पिता- पुत्र के हत्यारोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के इमिलडीहा निवासी गणेश प्रसाद अपने छोटे बेटे धर्मवीर के साथ 17 अगस्त 2022 की शाम गांव के पूरब खेत में बोरिंग से पानी चलाने गए थे। उसकी रखवाली के लिए झोपड़ी में चारपाई पर बाप-बेटे सोए थे। सोने के दौरान पिता- पुत्र की धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। पीड़ित पत्नी गौसती देवी ने इस मामले में कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान क्षेत्रीय लोगों के मोबाइल को सर्विलांस पर लिया गया। जिसके आधार पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि गांव के अनुज चौहान ने अपने साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया है। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त की निशानदेही पर आला कत्ल भी बरामद हुआ तथा अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि वह योजना के अनुसार हत्या किया था। उसने यह अभी बताया कि जब उसे इत्मिनान हो गया कि दोनों लोगों की मौत हुई है, तब वह घटना में प्रयुक्त हथियार को मोटरसाइकिल की डिक्की में छिपा दिया था। आरोपी अनुज चौहान की तरफ से जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की गई। जिसका जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने जोरदार विरोध किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने हत्यारोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।