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Sant Kabir Nagar News: प्रशासक तो बना दिया पर नहीं अपलोड हुई कार्ययोजना
Sat, 30 May 2026 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 30 May 2026 12:29 AM IST
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सेमरियावां। प्रधानों का कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद उन्हें प्रशासक बना दिया गया है ताकि कामकाज चलता रहे लेकिन अब कार्ययोजना का मामला सामने आया है। समस्या यह है अभी वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना अपलोड नहीं हो रही है। इसके चलते कामकाज भी नहीं हो पाएगा। ऐसी स्थिति में पिछली कार्ययोजना के अधूरे काम ही पूरे हो पाएंगे। ऐसे में प्रशासक विकास कार्य किस तरह करेंगे, यह एक बड़ा सवाल है। सेमरियावां ब्लॉक में 113 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायती राज विभाग की ओर से यह व्यवस्था की गई है कि कार्ययोजना बनाए जाने के बाद उसे अपलोड किया जाए। उसके बाद फिर उस पर कामकाज होगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष की कार्य योजना तो मार्च में ही ऑफलाइन तैयार की गई थी, लेकिन उसके बाद पोर्टल पर काम न होने के कारण इसे अपलोड नहीं किया जा सका। जब तक यह कार्ययोजना अपलोड नहीं होती तब तक नए कामकाज नहीं हो पाएंगे।
इस हिसाब से प्रशासक बने प्रधान पुरानी कार्ययोजना के जो काम अभी तक नहीं हो सके हैं उन कामों को ही करा सकेंगे। इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रधान प्रशासक तो बन गए हैं, लेकिन नई वित्तीय वर्ष में कार्य योजना अपलोड हुए बिना काम कैसे कर पाएंगे। 26 मई को कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद प्रधानों को ही प्रशासक बना दिया गया है ताकि कामकाज चलता रहे। अब प्रधानों को इस बात का इंतजार है कि शासन की ओर से इस समस्या का कोई हल निकाला जाए।
बताया जा रहा है कि पंचायतों में प्रधानों को प्रशासक बना देने के बाद पंचायतीराज विभाग ने छठे वित्त आयोग के संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वार्ता के बाद निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि बैठक में इसके अतिरिक्त कुछ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। इसे लेकर चर्चा है।
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इस हिसाब से प्रशासक बने प्रधान पुरानी कार्ययोजना के जो काम अभी तक नहीं हो सके हैं उन कामों को ही करा सकेंगे। इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रधान प्रशासक तो बन गए हैं, लेकिन नई वित्तीय वर्ष में कार्य योजना अपलोड हुए बिना काम कैसे कर पाएंगे। 26 मई को कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद प्रधानों को ही प्रशासक बना दिया गया है ताकि कामकाज चलता रहे। अब प्रधानों को इस बात का इंतजार है कि शासन की ओर से इस समस्या का कोई हल निकाला जाए।
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बताया जा रहा है कि पंचायतों में प्रधानों को प्रशासक बना देने के बाद पंचायतीराज विभाग ने छठे वित्त आयोग के संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वार्ता के बाद निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि बैठक में इसके अतिरिक्त कुछ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। इसे लेकर चर्चा है।
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