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Sant Kabir Nagar News: अस्पताल सील होने तक ही सिमट कर जाती है कार्रवाई
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एएस हास्पिटल को सील करने पहुची स्वास्थ्य और पुलिस टीम- फ़ाइल फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में निजी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत का मामला नहीं थम रहा है। दो माह पहले शहर के एक निजी अस्पताल में एक प्रसूता की मौत हुई थी, उस मामले में निजी अस्पताल को सील किया गया।
इसके बाद कोई कार्रवाई न कर उसे क्लीन चिट दे दी गई। इसी तरह से पिछले शनिवार को बेलहर के एक निजी अस्पताल में महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया। अब अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं।
जिले में 125 निजी अस्पताल और पैथोलाॅजी पंजीकृत हैं। इसके बावजूद करीब 200 से अधिक अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित हैं। यह स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में खुलासा हुआ है। बिना पंजीकरण के अस्पताल संचालित होते मिल रहे हैं। लोगों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग इन पर छापेमारी करता है, लेकिन उसके कुछ दिन बाद फिर से अस्पताल खुल जाता है।
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हालांकि लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग जब हंगामा होता है तो अस्पताल सील करता, लेकिन कुछ दिन बाद फिर उसे खोल दिया जाता है। इसमें कहीं न कहीं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी सामने आती है।
बिना पंजीकरण चल रहा अस्पताल किया सील : 28 जनवरी को धनघटा के प्राइड हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। इस अस्पताल का पंजीकरण नहीं पाया गया। टीम ने अस्पताल सील कर दिया। इस अस्पताल में न तो कोई चिकित्सक था, और न ही प्रशिक्षित स्टाफ ही था। अस्पताल संचालक को तीन बार नोटिस भेजा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद अस्पताल सील किया गया है।
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संतकबीरनगर। जिले में निजी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत का मामला नहीं थम रहा है। दो माह पहले शहर के एक निजी अस्पताल में एक प्रसूता की मौत हुई थी, उस मामले में निजी अस्पताल को सील किया गया।
इसके बाद कोई कार्रवाई न कर उसे क्लीन चिट दे दी गई। इसी तरह से पिछले शनिवार को बेलहर के एक निजी अस्पताल में महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया। अब अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं।
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जिले में 125 निजी अस्पताल और पैथोलाॅजी पंजीकृत हैं। इसके बावजूद करीब 200 से अधिक अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित हैं। यह स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में खुलासा हुआ है। बिना पंजीकरण के अस्पताल संचालित होते मिल रहे हैं। लोगों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग इन पर छापेमारी करता है, लेकिन उसके कुछ दिन बाद फिर से अस्पताल खुल जाता है।
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हालांकि लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग जब हंगामा होता है तो अस्पताल सील करता, लेकिन कुछ दिन बाद फिर उसे खोल दिया जाता है। इसमें कहीं न कहीं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी सामने आती है।
बिना पंजीकरण चल रहा अस्पताल किया सील : 28 जनवरी को धनघटा के प्राइड हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। इस अस्पताल का पंजीकरण नहीं पाया गया। टीम ने अस्पताल सील कर दिया। इस अस्पताल में न तो कोई चिकित्सक था, और न ही प्रशिक्षित स्टाफ ही था। अस्पताल संचालक को तीन बार नोटिस भेजा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद अस्पताल सील किया गया है।