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Sant Kabir Nagar News: महिलाओं में हार्मोन विकार, पुरुषों में हार्मोनल बदलाव की अब जिला अस्पताल में हो सकेगी जांच
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जिला अस्पताल में मशीन को इंस्टाल करते तकनीकी विशेषज्ञ। संवाद
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में जल्द ही अत्याधुनिक हार्मोनल जांच की सुविधा शुरू होने जा रही है। इस नई व्यवस्था के शुरू होने के बाद मरीजों को एफएसएच, एलएच, प्रोलैक्टिन, पीएसए सहित कई महत्वपूर्ण हार्मोनल जांच के लिए गोरखपुर, बस्ती अथवा अन्य जिलों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सभी जांचें जिला अस्पताल में ही उपलब्ध होंगी।
पैथोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि हार्मोनल असंतुलन कई गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण बनता है। समय पर सही जांच और उपचार मिलने से अनेक जटिल स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान प्रारंभिक अवस्था में ही की जा सकती है। विशेष रूप से संतान प्राप्ति में कठिनाई, महिलाओं में हार्मोन संबंधी विकार, पुरुषों में हार्मोनल बदलाव तथा प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं के निदान में यह जांच अत्यंत उपयोगी साबित होगी।
उन्होंने बताया कि इस सुविधा के माध्यम से कई हार्मोनल जांचें की जाएंगी। यह जांच उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी जिन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन बढ़ना, अत्यधिक थकान, चेहरे पर अनचाहे बाल, मुंहासे, बाल झड़ना, मासिक धर्म संबंधी अनियमितताएं, गर्भधारण में कठिनाई, रजोनिवृत्ति के लक्षण अथवा पुरुषों में हार्मोन संबंधी समस्याएं हैं।
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डॉ. धर्मेंद्र सिंह के अनुसार कुछ जांचें मासिक धर्म चक्र के विशेष दिनों में कराई जाती हैं। उदाहरण के लिए एफएसएच, एलएच एवं एस्ट्राडियोल की जांच मासिक धर्म के दूसरे या तीसरे दिन कराना उपयुक्त माना जाता है, जबकि प्रोजेस्टेरोन की जांच सामान्यतः 21वें दिन कराई जाती है। वहीं प्रोलैक्टिन, टेस्टोस्टेरोन, एएमएच तथा थायराइड प्रोफाइल जैसी जांचें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार कराई जा सकती हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. राम शंकर सिंह ने बताया कि नई मशीन का इंस्टॉलेशन अंतिम चरण में है। तकनीकी टीम द्वारा इसे स्थापित करने के बाद मरीजों को यह सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अन्य जिलों की प्रयोगशालाओं में जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती थी। नई सुविधा शुरू होने के बाद यह परेशानी समाप्त हो जाएगी।
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि हार्मोनल जांच की यह सुविधा महिलाओं, पुरुषों और बांझपन से जूझ रहे दंपतियों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। साथ ही हार्मोन असंतुलन से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर प्रभावी उपचार संभव हो सकेगा।
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पैथोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि हार्मोनल असंतुलन कई गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण बनता है। समय पर सही जांच और उपचार मिलने से अनेक जटिल स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान प्रारंभिक अवस्था में ही की जा सकती है। विशेष रूप से संतान प्राप्ति में कठिनाई, महिलाओं में हार्मोन संबंधी विकार, पुरुषों में हार्मोनल बदलाव तथा प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं के निदान में यह जांच अत्यंत उपयोगी साबित होगी।
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उन्होंने बताया कि इस सुविधा के माध्यम से कई हार्मोनल जांचें की जाएंगी। यह जांच उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी जिन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन बढ़ना, अत्यधिक थकान, चेहरे पर अनचाहे बाल, मुंहासे, बाल झड़ना, मासिक धर्म संबंधी अनियमितताएं, गर्भधारण में कठिनाई, रजोनिवृत्ति के लक्षण अथवा पुरुषों में हार्मोन संबंधी समस्याएं हैं।
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डॉ. धर्मेंद्र सिंह के अनुसार कुछ जांचें मासिक धर्म चक्र के विशेष दिनों में कराई जाती हैं। उदाहरण के लिए एफएसएच, एलएच एवं एस्ट्राडियोल की जांच मासिक धर्म के दूसरे या तीसरे दिन कराना उपयुक्त माना जाता है, जबकि प्रोजेस्टेरोन की जांच सामान्यतः 21वें दिन कराई जाती है। वहीं प्रोलैक्टिन, टेस्टोस्टेरोन, एएमएच तथा थायराइड प्रोफाइल जैसी जांचें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार कराई जा सकती हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. राम शंकर सिंह ने बताया कि नई मशीन का इंस्टॉलेशन अंतिम चरण में है। तकनीकी टीम द्वारा इसे स्थापित करने के बाद मरीजों को यह सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अन्य जिलों की प्रयोगशालाओं में जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती थी। नई सुविधा शुरू होने के बाद यह परेशानी समाप्त हो जाएगी।
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि हार्मोनल जांच की यह सुविधा महिलाओं, पुरुषों और बांझपन से जूझ रहे दंपतियों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। साथ ही हार्मोन असंतुलन से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर प्रभावी उपचार संभव हो सकेगा।